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Karnal News: गंदगी फैलाने पर 130 दुकानदारों को नोटिस
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- दोबारा गलती करने पर 30 दुकानदारों को येलो नोटिस, संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कटेगा पांच हजार का जुर्माना
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम शहर को स्वच्छता की डगर पर आगे बढ़ाने को कदम बढ़ा रहा है, लेकिन बाजारों में दुकानदार इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य बाजारों में अपनी दुकानों के आगे गंदगी फैलाने वाले 130 दुकानदारों को व्हाइट (सफेद रंग वाला) कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 30 दुकानदारों को दूसरी बार गंदगी फैलाते पकड़े जाने के बाद येलो (पीले रंग का) दूसरा नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। तीसरी बार रेड (लाल रंग का ) नोटिस जारी कर बिना किसी जवाब मांगे ही चालान काट दिया जाएगा। दूसरे नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्रति दुकान पांच हजार रुपये का चालान काटा जाएगा।
डोर टू डोर कूड़ा कलक्शन, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था लागू करना या बाजारों को सुंदर और स्वच्छ बनाने की योजना हो, नगर निगम ने कई ऐसे सकारात्मक प्रयास शुरू किए हैं जो शहर की स्वच्छता सर्वे की रैंकिंग में बेहतर उपस्थिति दर्ज कराएगी ही, शहर की सूरत भी बदल सकती है। लेकिन इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग कम मिल रहा है। इसके लिए निगम ने वाणिज्यिक क्षेत्र को चार जोन में बांटा है। यहां दुकानदारों को लंबे समय से जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन अब निगम ने अपना रुख सख्त कर लिया है।
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि स्वच्छता शाखा की टीम ने शहर के वाणिज्यिक क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया तो बाजारों में 130 दुकानों के आगे ही गंदगी मिली। मंगलवार को इन सभी दुकानों के आगे कारण बताओ नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी दुकानदारों से अपील की गई कि वह दुकानों से निकलने वाला कूड़ा अपने डस्टबिन में रखें और उसे कूड़ा उठाने वाले टिप्परों में डालें। मार्केट क्षेत्र में जो कूड़ादान रखे गए हैं, वह ग्राहकों व राहगीरों के लिए हैं।
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30 दुकानदारों को दूसरा नोटिस
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि मंगलवार को करीब 30 ऐसे दुकानदारों को भी नोटिस जारी किया है, जिन्होंनें दुकानों के आगे कूड़ा डालने की गलती को दोहराया। इन सभी से दूसरे कारण बताओ नोटिस का जवाब एक सप्ताह में मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो प्रत्येक दुकानदार का पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
रेड नोटिस में बिना जवाब के होगा जुर्माना
- व्हाइट नोटिस व येलो नोटिस में तो संतोषजनक जवाब यानी उचित कारण बताकर चालान से बचा जा सकता है, लेकिन तीसरे रेड नोटिस में कोई जवाब नहीं मांगा जाएगा। नोटिस जारी होने के साथ ही जुर्माना देना होगा।
अलग-अलग कूड़ा एकत्रीकरण में मांगा सहयोग
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि शत प्रतिशत कूड़ा अलग-अलग होना बेहद आवश्यक है। अब तक वार्ड आठ, नौ व 10 में सफलता मिल चुकी है। वार्ड- सात, 11 व 12 में काम चल रहा है। इसमें वार्ड पार्षद, गैर सरकारी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व मास्टर ट्रेनर को भी साथ लिया जा रहा है। इस अभियान के तहत टीमें प्रत्येक घर तक पहुंचकर घरेलू स्तर पर ही गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने, हरे व नीले डस्टबिन का प्रयोग, होम कंपोस्टिंग, अपने परिसर को साफ-सुथरा रखने व सिंगल यूज प्लास्टिक बैन की जानकारी गृहणियों को दे रही हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम शहर को स्वच्छता की डगर पर आगे बढ़ाने को कदम बढ़ा रहा है, लेकिन बाजारों में दुकानदार इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य बाजारों में अपनी दुकानों के आगे गंदगी फैलाने वाले 130 दुकानदारों को व्हाइट (सफेद रंग वाला) कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 30 दुकानदारों को दूसरी बार गंदगी फैलाते पकड़े जाने के बाद येलो (पीले रंग का) दूसरा नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। तीसरी बार रेड (लाल रंग का ) नोटिस जारी कर बिना किसी जवाब मांगे ही चालान काट दिया जाएगा। दूसरे नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्रति दुकान पांच हजार रुपये का चालान काटा जाएगा।
डोर टू डोर कूड़ा कलक्शन, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था लागू करना या बाजारों को सुंदर और स्वच्छ बनाने की योजना हो, नगर निगम ने कई ऐसे सकारात्मक प्रयास शुरू किए हैं जो शहर की स्वच्छता सर्वे की रैंकिंग में बेहतर उपस्थिति दर्ज कराएगी ही, शहर की सूरत भी बदल सकती है। लेकिन इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग कम मिल रहा है। इसके लिए निगम ने वाणिज्यिक क्षेत्र को चार जोन में बांटा है। यहां दुकानदारों को लंबे समय से जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन अब निगम ने अपना रुख सख्त कर लिया है।
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निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि स्वच्छता शाखा की टीम ने शहर के वाणिज्यिक क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया तो बाजारों में 130 दुकानों के आगे ही गंदगी मिली। मंगलवार को इन सभी दुकानों के आगे कारण बताओ नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी दुकानदारों से अपील की गई कि वह दुकानों से निकलने वाला कूड़ा अपने डस्टबिन में रखें और उसे कूड़ा उठाने वाले टिप्परों में डालें। मार्केट क्षेत्र में जो कूड़ादान रखे गए हैं, वह ग्राहकों व राहगीरों के लिए हैं।
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30 दुकानदारों को दूसरा नोटिस
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि मंगलवार को करीब 30 ऐसे दुकानदारों को भी नोटिस जारी किया है, जिन्होंनें दुकानों के आगे कूड़ा डालने की गलती को दोहराया। इन सभी से दूसरे कारण बताओ नोटिस का जवाब एक सप्ताह में मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो प्रत्येक दुकानदार का पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
रेड नोटिस में बिना जवाब के होगा जुर्माना
- व्हाइट नोटिस व येलो नोटिस में तो संतोषजनक जवाब यानी उचित कारण बताकर चालान से बचा जा सकता है, लेकिन तीसरे रेड नोटिस में कोई जवाब नहीं मांगा जाएगा। नोटिस जारी होने के साथ ही जुर्माना देना होगा।
अलग-अलग कूड़ा एकत्रीकरण में मांगा सहयोग
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि शत प्रतिशत कूड़ा अलग-अलग होना बेहद आवश्यक है। अब तक वार्ड आठ, नौ व 10 में सफलता मिल चुकी है। वार्ड- सात, 11 व 12 में काम चल रहा है। इसमें वार्ड पार्षद, गैर सरकारी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व मास्टर ट्रेनर को भी साथ लिया जा रहा है। इस अभियान के तहत टीमें प्रत्येक घर तक पहुंचकर घरेलू स्तर पर ही गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने, हरे व नीले डस्टबिन का प्रयोग, होम कंपोस्टिंग, अपने परिसर को साफ-सुथरा रखने व सिंगल यूज प्लास्टिक बैन की जानकारी गृहणियों को दे रही हैं।