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Karnal News: बसेरों का पता नहीं, खुले आसमान के नीचे कट रही रात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Dec 2025 02:13 AM IST
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No shelter is known, the night is spent under the open sky
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सुविधाओं होने के साथ जरूरतमंदों की उन तक पहुंच होना भी जरूरी है। ऐसा न होने पर वही होता है जैसा करनाल में हो रहा है। नगर निगम का कहना है कि उसने सर्दी की रात बिताने के लिए सभी सुविधाओं के साथ छह रैन बसेरे बनाए हैं। लेकिन बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा है। निगम के दावे कि अधिकारी रात में गाड़ी से घूमते हैं और फुटपाथ पर सो रहे लोगों को रैन बसेरे में पहुंचाते हैंं, को भी लोगों ने गलत बताया।
शहर में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए गए रैन बसेरों की हकीकत नगर निगम के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। निगम के अनुसार शहर में कुल छह रैन बसेरे संचालित हैं, लेकिन जमीनी पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश जरूरतमंदों को इन रैन बसेरों के ठिकानों की जानकारी तक नहीं है। निगम के रैन बसेरों और इनसे अनभिज्ञ लोगों को लेकर अमर उजाला की टीम ने रात को शहर का दौरा किया। इस दौरान कुछ लोग रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कर्ण पार्क और सेक्टर-8 के राम मंदिर के बाहर खुले में सोते मिले। इनमें बुजुर्ग, मजदूर और बाहर से आए कामगार शामिल थे। इनसे निगम के रैन बसेरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इनकी जानकारी नहीं है। इसके बाद उन्हें निगम की ओर से बनाए गए रैन बसेरों की जानकारी दी गई। लोगों ने बताया कि निगम की ओर से कोई कर्मचारी उन्हें रैन बसेरे तक ले जाने कभी नहीं आया।
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यहां हैं रैन बसेरे

प्रेम नगर में स्थायी रैन बसेरा हैं, जिसमें करीब 80 व्यक्तियों के ठहरने का इंतजाम है। बीस व्यक्तियों की क्षमता का बड़ा अस्थायी रैन बसेरा सेक्टर-12 स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास है। छोटे रैन बसेरे, कल्पना चावला राजकीय मैडिकल कॉलेज के पास, रेलवे स्टेशन, पुराने बस स्टैंड के पीछे टैक्सी स्टैंड में और मेरठ रोड चौक पर रखे गए हैं। प्रत्येक रैन बसेरे में 10 से 12 व्यक्तियों के रात गुजारने की क्षमता है। इनमें विश्राम करने का समय शाम 6 से सुबह 6 बजे तक है, जबकि प्रेम नगर स्थित स्थायी रैन बसेरा पूरा दिन खुला रहता है।
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निगम का दावा
निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा का कहना है कि निगम की ओर से शहर में एक स्थायी और पांच अस्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं। इनमें कोई भी बेसहारा व्यक्ति रात गुजार सकता है। इसमें गर्म कंबल, गद्दे, हीटर, पीने का पानी, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं दी गई हैं। सभी रैन बसेरे अच्छी कंडीशन में हैं। सुरक्षा के लिए चौकीदार की ड्यूटी भी लगाई गई है। इनकी साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी की ड्यूटी भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि उप निगम आयुक्त अभय सिंह के नेतृत्व में शहरी मिशन प्रबंधन इकाई शाखा की टीम गाड़ी लेकर रात को शहर में घूमती है। कहीं कोई बेघर व्यक्ति दिखाई देता है तो उसे रैन बसेरों में रात गुजारने के लिए कहा जाता है। उनको नजदीकी रैन बसेरे में छोड़कर भी आते हैं।
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