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अब पीटी नहीं, योग पर ध्यान देगी सरकार
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राजकीय स्कूलों में अब सरकार पीटी के बजाय योग पर ध्यान देगी। नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में इसी सत्र से विद्यार्थियों को योग शिक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया है। न केवल विद्यार्थी स्कूलों में योगाभ्यास करेंगे। बल्कि अनिवार्य विषय के रूप में भी पढ़ेंगे और दिनचर्या में योग को शामिल करते हुए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएंगे।
एससीईआरटी गुरुग्राम से पाठ्यक्रम तैयार कराने के बाद विभाग की ओर से योग को कक्षा दसवीं के पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के रूप में भी शामिल कर दिया गया है। इसके अनुसार, रोजाना प्रार्थना सभा में 30 मिनट तक विद्यार्थी योग का अभ्यास करेंगे। साथ ही, प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को योग प्रशिक्षण दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा ताकि प्रत्येक विद्यार्थी स्वस्थ रहे।
इसे लेकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को इस संदर्भ में पत्र भी जारी किया गया है। इसके अनुसार सात मई को इसकी शुरुआत होनी थी, लेकिन जानकारी के अभाव में कुछ स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाया। अब जून माह के प्रथम शनिवार को स्कूलों में योग प्रशिक्षण दिवस मनाया जाएगा।
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योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति
योग शिक्षकों के अनुसार, योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखा जा सकता है। शरीर, मन एवं मस्तिष्क के स्वस्थ रहने से व्यक्ति स्वयं को अपने आप स्वस्थ महसूस करता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश की भावी पीढ़ी के शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने के लिए नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में योग को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया है।
पीटीआई, डीपी और योग शिक्षक कराएंगे अभ्यास
सरकार ने अपनी इस योजना को अतिशीघ्र लागू करने को एससीईआरटी से योग का पाठ्यक्रम भी तैयार करवाया। इसी के साथ शिक्षा सत्र 2022-23 में स्कूलों में योग शिक्षा देने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान विद्यार्थियों को स्कूलों में कार्यरत पीटीआई, डीपी व दूसरे योग शिक्षक योग क्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे। शारीरिक शिक्षकों को भी योग का विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों को योग शिक्षा देने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। इसी के तहत एससीईआरटी गुरुग्राम से योग का पाठ्यक्रम तैयार करवाया गया है और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। राजकीय स्कूलों में अब सरकार पीटी के बजाय योग पर ध्यान देगी। नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में इसी सत्र से विद्यार्थियों को योग शिक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया है। न केवल विद्यार्थी स्कूलों में योगाभ्यास करेंगे। बल्कि अनिवार्य विषय के रूप में भी पढ़ेंगे और दिनचर्या में योग को शामिल करते हुए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएंगे।
एससीईआरटी गुरुग्राम से पाठ्यक्रम तैयार कराने के बाद विभाग की ओर से योग को कक्षा दसवीं के पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के रूप में भी शामिल कर दिया गया है। इसके अनुसार, रोजाना प्रार्थना सभा में 30 मिनट तक विद्यार्थी योग का अभ्यास करेंगे। साथ ही, प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को योग प्रशिक्षण दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा ताकि प्रत्येक विद्यार्थी स्वस्थ रहे।
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इसे लेकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को इस संदर्भ में पत्र भी जारी किया गया है। इसके अनुसार सात मई को इसकी शुरुआत होनी थी, लेकिन जानकारी के अभाव में कुछ स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाया। अब जून माह के प्रथम शनिवार को स्कूलों में योग प्रशिक्षण दिवस मनाया जाएगा।
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योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति
योग शिक्षकों के अनुसार, योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखा जा सकता है। शरीर, मन एवं मस्तिष्क के स्वस्थ रहने से व्यक्ति स्वयं को अपने आप स्वस्थ महसूस करता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश की भावी पीढ़ी के शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने के लिए नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में योग को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया है।
पीटीआई, डीपी और योग शिक्षक कराएंगे अभ्यास
सरकार ने अपनी इस योजना को अतिशीघ्र लागू करने को एससीईआरटी से योग का पाठ्यक्रम भी तैयार करवाया। इसी के साथ शिक्षा सत्र 2022-23 में स्कूलों में योग शिक्षा देने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान विद्यार्थियों को स्कूलों में कार्यरत पीटीआई, डीपी व दूसरे योग शिक्षक योग क्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे। शारीरिक शिक्षकों को भी योग का विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में शिक्षा सत्र 2022-23 में विद्यार्थियों को योग शिक्षा देने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। इसी के तहत एससीईआरटी गुरुग्राम से योग का पाठ्यक्रम तैयार करवाया गया है और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी