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Karnal News: नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लोगों से एक-एक लाख ठगे
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत नौकरी दिलवाने का झांसा देकर नौ लोगों से नौ लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी फोन पर खुद को कभी हरियाणा रोजगार कौशल निगम का निदेशक बताता तो कभी कुरुक्षेत्र डीसी कार्यालय में एडीए बताता। कभी डीडीपीओ बनकर बात करता तो कभी एडीए और कंप्यूटर ऑपरेटर बताता था। थाना बुटाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायत में अमर सिंह ने बताया कि उसके पास 25 मार्च को एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह डीसी कुरुक्षेत्र में एडीए के पद पर तैनात है। उसने बीडीपीओ कार्यालय इस्माइलाबाद में अमर सिंह को क्लर्क लगवाने की बात कही। इसके बाद अमर सिंह के अन्य साथियों को भी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
आरोपी उनसे अलग अलग मोबाइल नंबर से हरियाणा रोजगार कौशल निगम निदेशक आईएएस मनोज कुमार से लेकर उनका सहायक सतपाल सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर दलीप कुमार बनकर बात करता था। कभी आरोपी डीसी कुरुक्षेत्र बनता तो कभी डीडीपीओ कुरुक्षेत्र के नाम पर अपने खाते में राशि डलवाता था।
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आरोपी ने अमर के साथियों और जानकारों को फोन पर नौकरी का झांसा दिया। इनमें सुशील कुमार को मार्केट कमेटी में जूनियर असिस्टेंट, रविंद्र को पीयून, रवि कुमार और प्रवीन को नहरी विभाग में बेलदार, नेहा रानी को डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में कम्प्यूटर ऑपरेटर, कुलविंद्र कौर को हरियाणा कौशल रोजगार निगम सेक्टर 3 पंचकूला में असिस्टेंट हैल्पर, अमन कुमार को डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में स्टोर कीपर और राहुल कुमार को ड्राइवर के पद पर लगवाने की बात की।
वे सब आरोपी की बातों में आ गए और सभी ने गूगल-पे से आरोपी के खाते में कहे अनुसार पैसे डाल दिए। आरोपी ने जिसे जिन-जिन विभागों में नौकरी लगवानी की बात की थी उनके नकली ऑफर लेटर एचआरकेएन से नकली ज्वाइनिंग लेटर बनवा कर उन्हें व्हाट्सएप पर भेज दिए और हार्ड कॉपी हाथों हाथ भी दे दी।
बाद में पता चला कि उनको फोन करने वाला धुराला निवासी रोमी है। उन्होंने रोमी के सर्व-ग्रामीण बैंक के खाते में अपने खाते और गूगल पे के माध्यम से नौ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी कभी उनको पंचकूला तो कभी इस्माइलाबाद तो कभी डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में खड़ा रखता और विश्वास दिलाता कि आपकी ज्वाइनिंग हो जाएगी बाहर बैठे रहो।
कटवाता रहा चक्कर
आरोपी ने कुलविंद्र कौर को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा कर एचकेआरएन सेक्टर 3 पंचकूला बुलाया और ऑफिस में प्रीति नाम की कर्मचारी से मिलवा कहा कि वह उसे ऑफिस के काम सिखाएगी। यह सब झूठा पाया गया है। उनके ज्वाइनिंग लेटर पर सभी विभागों के अधिकारियों के हस्ताक्षर जाली पाए गए। ये हस्ताक्षर खुद रोमी ने किए थे। पर्दाफाश होने पर आरोपी ने कहा कि वह दो किस्तों में उनके पैसे लौटा देगा। पांच मई को तीन लाख और दस मई को छह लाख रुपये वापस दे देगा लेकिन आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए।
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को शामिल जांच किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - संदीप, प्रभारी, नीलोखेड़ी पुलिस चौकी।
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करनाल। हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत नौकरी दिलवाने का झांसा देकर नौ लोगों से नौ लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी फोन पर खुद को कभी हरियाणा रोजगार कौशल निगम का निदेशक बताता तो कभी कुरुक्षेत्र डीसी कार्यालय में एडीए बताता। कभी डीडीपीओ बनकर बात करता तो कभी एडीए और कंप्यूटर ऑपरेटर बताता था। थाना बुटाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायत में अमर सिंह ने बताया कि उसके पास 25 मार्च को एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह डीसी कुरुक्षेत्र में एडीए के पद पर तैनात है। उसने बीडीपीओ कार्यालय इस्माइलाबाद में अमर सिंह को क्लर्क लगवाने की बात कही। इसके बाद अमर सिंह के अन्य साथियों को भी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
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आरोपी उनसे अलग अलग मोबाइल नंबर से हरियाणा रोजगार कौशल निगम निदेशक आईएएस मनोज कुमार से लेकर उनका सहायक सतपाल सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर दलीप कुमार बनकर बात करता था। कभी आरोपी डीसी कुरुक्षेत्र बनता तो कभी डीडीपीओ कुरुक्षेत्र के नाम पर अपने खाते में राशि डलवाता था।
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आरोपी ने अमर के साथियों और जानकारों को फोन पर नौकरी का झांसा दिया। इनमें सुशील कुमार को मार्केट कमेटी में जूनियर असिस्टेंट, रविंद्र को पीयून, रवि कुमार और प्रवीन को नहरी विभाग में बेलदार, नेहा रानी को डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में कम्प्यूटर ऑपरेटर, कुलविंद्र कौर को हरियाणा कौशल रोजगार निगम सेक्टर 3 पंचकूला में असिस्टेंट हैल्पर, अमन कुमार को डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में स्टोर कीपर और राहुल कुमार को ड्राइवर के पद पर लगवाने की बात की।
वे सब आरोपी की बातों में आ गए और सभी ने गूगल-पे से आरोपी के खाते में कहे अनुसार पैसे डाल दिए। आरोपी ने जिसे जिन-जिन विभागों में नौकरी लगवानी की बात की थी उनके नकली ऑफर लेटर एचआरकेएन से नकली ज्वाइनिंग लेटर बनवा कर उन्हें व्हाट्सएप पर भेज दिए और हार्ड कॉपी हाथों हाथ भी दे दी।
बाद में पता चला कि उनको फोन करने वाला धुराला निवासी रोमी है। उन्होंने रोमी के सर्व-ग्रामीण बैंक के खाते में अपने खाते और गूगल पे के माध्यम से नौ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी कभी उनको पंचकूला तो कभी इस्माइलाबाद तो कभी डीसी कार्यालय कुरुक्षेत्र में खड़ा रखता और विश्वास दिलाता कि आपकी ज्वाइनिंग हो जाएगी बाहर बैठे रहो।
कटवाता रहा चक्कर
आरोपी ने कुलविंद्र कौर को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा कर एचकेआरएन सेक्टर 3 पंचकूला बुलाया और ऑफिस में प्रीति नाम की कर्मचारी से मिलवा कहा कि वह उसे ऑफिस के काम सिखाएगी। यह सब झूठा पाया गया है। उनके ज्वाइनिंग लेटर पर सभी विभागों के अधिकारियों के हस्ताक्षर जाली पाए गए। ये हस्ताक्षर खुद रोमी ने किए थे। पर्दाफाश होने पर आरोपी ने कहा कि वह दो किस्तों में उनके पैसे लौटा देगा। पांच मई को तीन लाख और दस मई को छह लाख रुपये वापस दे देगा लेकिन आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए।
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को शामिल जांच किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - संदीप, प्रभारी, नीलोखेड़ी पुलिस चौकी।