{"_id":"67eef88d708d303dad03b3a8","slug":"ndc-portal-closed-for-three-days-property-tax-work-stoppedndc-portal-closed-for-three-days-property-tax-work-stopped-karnal-news-c-18-knl1008-616035-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: तीन दिन से एनडीसी पोर्टल बंद, संपत्तिकर का काम ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: तीन दिन से एनडीसी पोर्टल बंद, संपत्तिकर का काम ठप
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) का एनडीसी पोर्टल तीन दिनों से बंद पड़ा है। जिससे संपत्तिकर और रजिस्ट्री से जुड़े कार्य प्रभावित हैं।
इस समस्या के चलते न तो लोग अपनी संपत्तियों की ऑनलाइन एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) प्राप्त कर पा रहे हैं, न ही संपत्तिकर संबंधी किसी प्रकार की जानकारी अपडेट हो रही है।
अपनी संपत्तिकर की फाइलों और एनडीसी लेने के लिए लोग वीरवार को भी निगम कार्यालय में चक्कर काटते दिखाई दिए। विकास शुल्क न जमा होने की वजह से किसी की संपत्ति का तहसील में पंजीकरण रुक गया तो कोई अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड तक दुरुस्त नहीं करा पाया। निगम अधिकारी भी दिन भर लोगों को आश्वासन देते दिखाई दिए कि अगर शाम तक पोर्टल चलता है तो बकाया काम निपटाने का काम करेंगे।
लोगों की परेशानी के अलावा नगर निगम से लेकर तहसील के मार्फत सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम को रोजाना करीब तीन लाख रुपये का शुल्क संपत्तिकर से प्राप्त होता है। जबकि तहसील भी शहरी संपत्ति के पंजीकरण से लाखों का राजस्व प्राप्त करती है। वहीं, अधिकारियों का तर्क है कि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद पोर्टल को अपडेट करने के लिए मुख्यालय से ही बंद किया गया है। इसे जल्द चालू किया जाएगा।
विज्ञापन
संपत्तिकर भुगतान में भी आ रही दिक्कतें ः एनडीसी पोर्टल के बंद होने से न केवल संपत्तिकर जमा करने की प्रक्रिया बाधित हुई है, बल्कि लोग अपनी संपत्तिकर आईडी में सुधार भी नहीं कर सके। गलत जानकारी पर आपत्ति दर्ज नहीं हो सकी। संपत्ति की ऑनलाइन खोज नहीं हो पाई। संपत्ति की जानकारी तक नहीं मिली। जो पहले आपत्तियां दर्ज थीं, उनका समाधान तक नहीं हो सका। इससे नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
चूंकि नियमित करदाता भी समय पर टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं। तहसील और नगर निगम में अधिकारियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। अधिकारी समस्या के समाधान के लिए उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेज चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन
करनाल। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) का एनडीसी पोर्टल तीन दिनों से बंद पड़ा है। जिससे संपत्तिकर और रजिस्ट्री से जुड़े कार्य प्रभावित हैं।
इस समस्या के चलते न तो लोग अपनी संपत्तियों की ऑनलाइन एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) प्राप्त कर पा रहे हैं, न ही संपत्तिकर संबंधी किसी प्रकार की जानकारी अपडेट हो रही है।
अपनी संपत्तिकर की फाइलों और एनडीसी लेने के लिए लोग वीरवार को भी निगम कार्यालय में चक्कर काटते दिखाई दिए। विकास शुल्क न जमा होने की वजह से किसी की संपत्ति का तहसील में पंजीकरण रुक गया तो कोई अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड तक दुरुस्त नहीं करा पाया। निगम अधिकारी भी दिन भर लोगों को आश्वासन देते दिखाई दिए कि अगर शाम तक पोर्टल चलता है तो बकाया काम निपटाने का काम करेंगे।
विज्ञापन
लोगों की परेशानी के अलावा नगर निगम से लेकर तहसील के मार्फत सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम को रोजाना करीब तीन लाख रुपये का शुल्क संपत्तिकर से प्राप्त होता है। जबकि तहसील भी शहरी संपत्ति के पंजीकरण से लाखों का राजस्व प्राप्त करती है। वहीं, अधिकारियों का तर्क है कि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद पोर्टल को अपडेट करने के लिए मुख्यालय से ही बंद किया गया है। इसे जल्द चालू किया जाएगा।
विज्ञापन
संपत्तिकर भुगतान में भी आ रही दिक्कतें ः एनडीसी पोर्टल के बंद होने से न केवल संपत्तिकर जमा करने की प्रक्रिया बाधित हुई है, बल्कि लोग अपनी संपत्तिकर आईडी में सुधार भी नहीं कर सके। गलत जानकारी पर आपत्ति दर्ज नहीं हो सकी। संपत्ति की ऑनलाइन खोज नहीं हो पाई। संपत्ति की जानकारी तक नहीं मिली। जो पहले आपत्तियां दर्ज थीं, उनका समाधान तक नहीं हो सका। इससे नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
चूंकि नियमित करदाता भी समय पर टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं। तहसील और नगर निगम में अधिकारियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। अधिकारी समस्या के समाधान के लिए उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेज चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।