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नाम मॉडल स्कूल, तीन में कमरे और तीन में बेटियों के लिए शौचालय नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 02:06 AM IST
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Name model school, rooms in three and no toilet for daughters in three
राजकीय प्राथमिक स्कूलों को मॉडल संस्कृति में बदलकर सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है। हालात यह हैं कि मॉडल संस्कृति में तब्दील हुए तीन स्कूलों में पढ़ने के लिए कमरे और तीन अन्य स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय ही नहीं हैं। ऐसे में यहां बच्चों की पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाएं कैसी होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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जिले के सभी छह खंडों में कुल 67 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें से 18 स्कूल ऐसे हैं, जहां बेटियों के लिए महज एक ही शौचालय है। जबकि छात्र संख्या 400 से अधिक है। इन 18 स्कूलों में सबसे कम 104 छात्र संख्या वाला मैनमती स्कूल है यानी 104 विद्यार्थी महज एक शौचालय पर ही निर्भर हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस स्कूल में कमरे भी नहीं हैं। इसी तरह रांवर के स्कूल में 186 विद्यार्थी हैं, यहां पर भी एक शौचालय है, लेकिन कमरा नहीं है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं।
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शिक्षकों का कहना है कि जिन तीन स्कूलों में कमरे नहीं दिखाए गए हैं, वहां के मौजूदा भवन को हो सकता है विभाग की ओर से कंडम घोषित किया गया हो। इधर, शिक्षा के लिए काम कर रहे एडवोकेट राजकुमार और कीर्ति गुप्ता का कहना है कि स्कूल का नाम मॉडल रखने से मॉडल नहीं होगा। सरकार को सुविधाएं बढ़ानी चाहिए और व्यवस्था में बदलाव भी जरूरी है। ब्यूरो
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हाईलाइट-
- मैनमती और रांवर स्कूल में शौचालय है पर पढ़ाई के लिए कमरा नहीं। यहां छात्र संख्या 104 और 186 है।
बॉक्स
इन स्कूलों में एक भी कमरा नहीं
स्कूल छात्र संख्या
जीपीएस मैनमती 104
जीपीएस मुगल माजरा 158
जीपीएस रांवर 186
इन स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय नहीं
स्कूल छात्र संख्या
जीपीएस बड़ागांव 151
जीपीएस महमदपुर 69
जीपीएस संगोहा 226
--
घरौंडा की स्थिति ठीक, करनाल की सबसे खराब
सभी छह खंडों में करनाल खंड की स्थिति ज्यादा खराब है। यहां आठ स्कूल ऐसे हैं, जहां एक शौचालय है। सबसे अच्छी स्थिति घरौंडा खंड की है। यहां कमरे और शौचालय पूरे हैं। इसी तरह इंद्री और नीलोखेड़ी में तीन-तीन व असंध और निसिंग में दो-दो स्कूल ऐसे हैं, जहां एक ही शौचालय है।

इन स्कूलों में बेटियों के लिए महज एक शौचालय
- खंड : इंद्री
स्कूल छात्र संख्या
जीपीएस ब्याना 471
जीपीएस जनेसरो 223
जीपीएस नन्हेड़ा 203
- खंड : असंध
जीएमएसपीएस दुपेड़ी 156
जीएमएसपीएस जयसिंहपुरा 176
- खंड : नीलोखेड़ी
जीएमएसपीएस अंजनथली 167
जीएमएसपीएस नीलोखेड़ी 131
जीएमएसपीएस संधीर 233
- खंड : निसिंग
जीपीएस चिढ़ाव 111
जीपीएस डाचर 375
- खंड : करनाल
जीपीएस बलड़ी 158
जीपीएस कलवेहड़ी 266
जीपीएस मैनमती 104
जीपीएस मोहीदिनपुर 287
जीपीएस नगला फार्म 292
जीपीएस रांवर 186
जीपीएस सेक्टर-7 344
जीपीएस शेखपुरा 190
शौचालय सभी स्कूलों में हैं। ऐसा कोई भी स्कूल नहीं है, जहां शौचालय न हो। यूरिनल अलग से लगे होने के कारण शिक्षकों ने इन शौचालयों को केवल लड़कों का मान लिया होगा। यदि ऐसी कहीं स्थिति है तो वहां के शौचालयों को सिर्फ लड़कियों के लिए कराया जाएगा।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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