{"_id":"60a426218ebc3e7de405de82","slug":"murder-case-on-two-doctors-karnal-news-knl702587169","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर के शव का हुआ पोस्टमार्टम, दो चिकित्सकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर के शव का हुआ पोस्टमार्टम, दो चिकित्सकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
विज्ञापन
आवर्धन नहर से मिले निजी अस्पताल के चिकित्सक अभिषेक शर्मा के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने पहले दर्ज मामले में दो आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ हत्या की धारा भी जोड़ दी है। मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। इस दौरान जिला ब्राह्मण सभा के प्रधान सहित कई मौजिज लोग पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर रोष जताया। मौके पर पहुंचे डीएसपी के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम के बाद शव लेने को राजी हुए। मामले के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के गांव बलाल खेड़ी निवासी चिकित्सक अभिषेक शर्मा शनिवार को अचानक लापता हो गए थे, उनका शव तीसरे दिन सोमवार शाम आवर्धन नहर से बरामद हुआ था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया था।
10 माह से अस्पताल में थे कार्यरत
डॉ. अभिषेक शर्मा करनाल के एक निजी अस्पताल में 10 माह से कार्यरत थे। वह फिलहाल सेक्टर-13 में किराये के मकान में रहते थे। उनके साथ उनका दोस्त डॉ. तुषार भी रहता था। शनिवार सुबह उनकी कार रांवर गांव के समीप आवर्धन नहर की पटरी पर मिली थी। कार में मोबाइल, टी-शर्ट भी थी। जब उनके दोस्त डॉ. तुषार से पूछा तो बताया कि शुक्रवार रात डॉ. अभिषेक दस मिनट के लिए जाने की बात कहकर कमरे से निकला था, लेकिन पूरी रात वापस नहीं आया। उसने सुबह फोन किया तो पुलिस वालों ने उठाया और बताया कि उसकी कार नहर की पटरी पर मिली है। एक अन्य डाक्टर से मिली जानकारी के अनुसार उसी दिन शनिवार शाम डॉ. तुषार ने रोते हुए यह भी कबूला कि वह रात को डॉ. अभिषेक के साथ नहर पर गया था और उसका पांव फिसल गया और वह नहर में गिर गया। इसके बाद ही पुलिस ने डा. तुषार से पूछताछ शुरू की थी। इधर अभिषेक के पिता सतीश शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे की प्लानिंग के साथ हत्या की गई है। उन्हीं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम हाउस पर चिकित्सक के शव को परिजनों ने तब तक लेने से इनकार कर दिया जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती। बाद में घरौंडा डीएसपी जयसिंह ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया तो परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।
-दोनों आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पहले से दर्ज मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी गई हैं। अब मामला पुलिस अधीक्षक द्वारा सीआईए-1 को सौंप दिया गया है। मृतक चिकित्सक के शव का पोस्टमार्टम पैनल द्वारा किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
विज्ञापन
-दीपक कुमार, थाना प्रभारी मधुबन
हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार न किया तो आंदोलन करेगी ब्राह्मण सभा
-ब्राह्मण सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। परिजनों को समाज की ओर से पूरा समर्थन देने की बात कही। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। वह नहीं चाहते कि कोई निर्दोष फंसे लेकिन दोषी को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस मामले में अनावश्यक देरी की जा रही है।
विज्ञापन
10 माह से अस्पताल में थे कार्यरत
डॉ. अभिषेक शर्मा करनाल के एक निजी अस्पताल में 10 माह से कार्यरत थे। वह फिलहाल सेक्टर-13 में किराये के मकान में रहते थे। उनके साथ उनका दोस्त डॉ. तुषार भी रहता था। शनिवार सुबह उनकी कार रांवर गांव के समीप आवर्धन नहर की पटरी पर मिली थी। कार में मोबाइल, टी-शर्ट भी थी। जब उनके दोस्त डॉ. तुषार से पूछा तो बताया कि शुक्रवार रात डॉ. अभिषेक दस मिनट के लिए जाने की बात कहकर कमरे से निकला था, लेकिन पूरी रात वापस नहीं आया। उसने सुबह फोन किया तो पुलिस वालों ने उठाया और बताया कि उसकी कार नहर की पटरी पर मिली है। एक अन्य डाक्टर से मिली जानकारी के अनुसार उसी दिन शनिवार शाम डॉ. तुषार ने रोते हुए यह भी कबूला कि वह रात को डॉ. अभिषेक के साथ नहर पर गया था और उसका पांव फिसल गया और वह नहर में गिर गया। इसके बाद ही पुलिस ने डा. तुषार से पूछताछ शुरू की थी। इधर अभिषेक के पिता सतीश शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे की प्लानिंग के साथ हत्या की गई है। उन्हीं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम हाउस पर चिकित्सक के शव को परिजनों ने तब तक लेने से इनकार कर दिया जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती। बाद में घरौंडा डीएसपी जयसिंह ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया तो परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन
-दोनों आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पहले से दर्ज मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी गई हैं। अब मामला पुलिस अधीक्षक द्वारा सीआईए-1 को सौंप दिया गया है। मृतक चिकित्सक के शव का पोस्टमार्टम पैनल द्वारा किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
विज्ञापन
-दीपक कुमार, थाना प्रभारी मधुबन
हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार न किया तो आंदोलन करेगी ब्राह्मण सभा
-ब्राह्मण सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। परिजनों को समाज की ओर से पूरा समर्थन देने की बात कही। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। वह नहीं चाहते कि कोई निर्दोष फंसे लेकिन दोषी को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस मामले में अनावश्यक देरी की जा रही है।