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हॉस्टल में बेहोश मिला एमटेक का छात्र
कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 17 Oct 2013 12:36 AM IST
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमटेक की पढ़ाई कर रहा एक छात्र प्रदीप जहरीली दवा के सेवन से नरहरि हास्टल के कमरे में बेहोश मिला है, उसे गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
उधर, घटना के बाद से इस कमरे में रहने वाले किसी भी छात्र से संपर्क नहीं हो पा रहा है। चीफ वार्डन डॉ. सतदेव के अनुसार प्रदीप इस हॉस्टल में नहीं रहता। जिस कमरे में यह घटना हुई उसमे रहने वाले दोनाें छात्र वीरेंद्र सिंह व नरेश नैन से फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया है।
इस दौरान वीरेंद्र ने एक बार उनकी कॉल रिसीव की थी, लेकिन उसने तुरंत फोन काट दिया और तब से उसका मोबाइल स्विच ऑफ है।
चीफ वार्डन इसे दवा रिएक्शन का मामला बता रहे हैं। घटना के तुरंत बाद इस छात्र को कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक होेने के कारण तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। चीफ वार्डन डॉ.सतदेव सिंह और छात्रावास के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ.सुरेश ड्रोलिया ने छात्रावास का मुआयना किया।
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चीफ वार्डन डॉ.सिंह के मुताबिक नरहरि छात्रावास के डी ब्लॉक कमरा नंबर-19 में बेहोश मिला छात्र प्रदीप सिंह झज्जर जिले के खेड़ी गांव का रहने वाला है और केयू में ही एमटेक की पढ़ाई कर रहा है। जिस कमरे में छात्र बेहोश मिला वह कमरा डिफेंस स्टडी के छात्र वीरेंद्र सिंह और नरेश नैन के नाम अलाट है, लेकिन घटना के बाद से इनका कोई अतापता नहीं है।
डॉ.सतदेव सिंह के मुताबिक प्रदीप के परिजनों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। चीफ वार्डन ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही छात्रावास के कमरे में मुआयना किया है और वहां से बड़ी मात्रा में अलग-अलग टैबलेट मिली हैं। वहां से एक रीयल जूस और दूध का पैकेट भी बरामद हुआ है।
चीफ वार्डन के अनुसार संभव है कि प्रदीप ने कोई एक्सपायरी या अधिक मात्रा किसी टैबलेट का सेवन कर लिया हो, जिसकी वजह से उसकी तबियत बिगड़ गई।
छात्र के हॉस्टल का भी पता नहीं लगा
पीजीआई में दाखिल प्रदीप एमटेक का छात्र है, लेकिन वह किस हॉस्टल में रहता है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। चीफ वार्डन के अनुसार जिस हॉस्टल में यह घटना हुई उस हॉस्टल में एक भी छात्र एमटेक का नहीं है।
सामान से छेड़छाड़ न करने के आदेश
चीफ वार्डन के अनुसार हॉस्टल की किसी भी चीज से छेड़छाड़ नहीं की है। उन्हाेंने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली उन्होंने हॉस्टल प्रशासन से किसी भी सामान से छेड़छाड़ न करने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के बाद ही पुख्ता जानकारी मिल पाएगी।
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उधर, घटना के बाद से इस कमरे में रहने वाले किसी भी छात्र से संपर्क नहीं हो पा रहा है। चीफ वार्डन डॉ. सतदेव के अनुसार प्रदीप इस हॉस्टल में नहीं रहता। जिस कमरे में यह घटना हुई उसमे रहने वाले दोनाें छात्र वीरेंद्र सिंह व नरेश नैन से फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया है।
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इस दौरान वीरेंद्र ने एक बार उनकी कॉल रिसीव की थी, लेकिन उसने तुरंत फोन काट दिया और तब से उसका मोबाइल स्विच ऑफ है।
चीफ वार्डन इसे दवा रिएक्शन का मामला बता रहे हैं। घटना के तुरंत बाद इस छात्र को कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक होेने के कारण तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। चीफ वार्डन डॉ.सतदेव सिंह और छात्रावास के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ.सुरेश ड्रोलिया ने छात्रावास का मुआयना किया।
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चीफ वार्डन डॉ.सिंह के मुताबिक नरहरि छात्रावास के डी ब्लॉक कमरा नंबर-19 में बेहोश मिला छात्र प्रदीप सिंह झज्जर जिले के खेड़ी गांव का रहने वाला है और केयू में ही एमटेक की पढ़ाई कर रहा है। जिस कमरे में छात्र बेहोश मिला वह कमरा डिफेंस स्टडी के छात्र वीरेंद्र सिंह और नरेश नैन के नाम अलाट है, लेकिन घटना के बाद से इनका कोई अतापता नहीं है।
डॉ.सतदेव सिंह के मुताबिक प्रदीप के परिजनों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। चीफ वार्डन ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही छात्रावास के कमरे में मुआयना किया है और वहां से बड़ी मात्रा में अलग-अलग टैबलेट मिली हैं। वहां से एक रीयल जूस और दूध का पैकेट भी बरामद हुआ है।
चीफ वार्डन के अनुसार संभव है कि प्रदीप ने कोई एक्सपायरी या अधिक मात्रा किसी टैबलेट का सेवन कर लिया हो, जिसकी वजह से उसकी तबियत बिगड़ गई।
छात्र के हॉस्टल का भी पता नहीं लगा
पीजीआई में दाखिल प्रदीप एमटेक का छात्र है, लेकिन वह किस हॉस्टल में रहता है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। चीफ वार्डन के अनुसार जिस हॉस्टल में यह घटना हुई उस हॉस्टल में एक भी छात्र एमटेक का नहीं है।
सामान से छेड़छाड़ न करने के आदेश
चीफ वार्डन के अनुसार हॉस्टल की किसी भी चीज से छेड़छाड़ नहीं की है। उन्हाेंने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली उन्होंने हॉस्टल प्रशासन से किसी भी सामान से छेड़छाड़ न करने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के बाद ही पुख्ता जानकारी मिल पाएगी।