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Karnal News: श्वास रोग ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 250 से अधिक मरीज

Thu, 18 Dec 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 18 Dec 2025 12:43 AM IST
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More than 250 patients are reaching the respiratory disease OPD daily.
श्वास रोग ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतार
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। प्रदूषण के साथ-साथ कोहरा भी बढ़ गया है। इस कारण ठंड के साथ-साथ श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों में खांसी, जुकाम की परेशानी बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल की श्वास रोग ओपीडी में रोजाना 250 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सांस फूलना, सीने में जकड़न और गले में घरघराहट की शिकायतें है। इनमें से 70 प्रतिशत मरीज इन समस्याओं के आ रहे हैं। आमतौर पर ओपीडी में 150 के करीब मरीज आते हैं।
नागरिक अस्पताल से श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने बताया कि ओपीडी में आने वाले लोगों में न केवल अस्थमा और सीओपीडी से पीड़ित मरीज शामिल हैं, बल्कि वे लोग भी आ रहे हैं जिन्हें पहले कभी सांस की बीमारी नहीं थी। डॉ. प्रदीप के अनुसार ठंडी और सूखी हवा लोगों की सांस की नलियों को संकुचित कर रही है, जिससे नलियों में सूजन और ब्लॉकेज की समस्या बढ़ रही है। इसमें अस्थमा या श्वास रोगी ही नहीं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी जूझ रहे हैं।
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डॉ. प्रदीप का कहना है कि ओपीडी में केवल श्वास रोगी ही नहीं सांस फूलने के साथ-साथ खांसी की समस्या भी आ रही है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कारण ठंड के मौसम में वायरल संक्रमण का तेजी से फैलना है। डॉ. प्रदीप ने कहा कि सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियां फेफड़ों को कमजोर कर रहे हैं, जिससे खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। वहीं, ठंड के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो जाती है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में जोखिम बढ़ रहा है।
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बचाव के उपाय

श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने कहा कि इस समस्या से बचने के लिए ठंड में घरों के अंदर खिड़कियां बंद रखें, धुआं या धुंध में निकलने से बचने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग ठंडी हवा से बचाव करें, मास्क का प्रयोग करें और सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी या सीने में भारीपन होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


एक्यूआई 216 दर्ज
एक महीने से एक्यूआई लगातार खराब होने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ ही रही है। बुधवार को एक्यूआई 216 दर्ज किया गया जो कि बहुत अस्वास्थ्यकर स्थिति को दर्शाता है। डॉ. प्रदीप ने कहा कि मौसम के हालात देखते हुए मरीजों की संख्या में और भी अधिक इजाफा हो सकता है। इसमें न केवल मरीजों को सांस लेने में परेशानी आ सकती है बल्कि जुकाम और खांसी के और अधिक मरीज बढ़ सकते हैं।
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