फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Monsoon gave pain even in the last phase, farewell started from today

अंतिम दौर में भी मानसून ने दी पीड़ा, आज से विदाई शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 02:39 AM IST
विज्ञापन
Monsoon gave pain even in the last phase, farewell started from today
कर्मबीर लाठर
विज्ञापन

करनाल। विदाई के अंतिम दौर में इस बार मानसून किसानों को बड़ी पीड़ा दे गया। जाते-जाते जहां धान को भिगो गया वहीं बारिश से फसल खेतों में बिछ गई। राहत की बात यह है कि अब बुधवार व वीरवार को क्षेत्र से मानसून की विदाई हो रही है। वहीं नौ अक्तूबर को पश्चिम विक्षोभ की संभावना के चलते क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनेगी।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र स्थित जिला स्तरीय कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार मानसून की निकासी की स्थिति बन चुकी है। दो दिन दोपहर बाद हल्के बादल बनेेंगे। बूंदाबांदी की भी संभावना है। इस साल जिले में मानसून सीजन में पिछले सालों की तुलना में औसतन से 40 से 50 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
विज्ञापन

चार माह में 1136.3 एमएम बारिश
जून में 89.3 एमएम, जुलाई में 668.1 एमएम, अगस्त में 146.1 एमएमम व सितंबर में 232.8 एमएम वर्षा हुई। चार महीने में कुल 1136.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त चार अक्तूबर की रात 45 एमएम वर्षा हुई है। इस आंकड़े को जोडककर 1181.3 एमएम वर्षा बनती है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री व न्यूनतम 22.0 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 96 प्रतिशत व वाष्प दाब 22.4 एमएम रहा। हवा की औसत गति 1.88 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह तक 45.0 एमएम वर्षा दर्ज की गई है। प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला का कहना है कि इस वर्ष अब तक कुल 1285.7 एमएम बारिश हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह फसल को देखने की हिम्मत नहीं बना पाया किसान
करनाल। जिले में सोमवार रात फिर धान की फसल पर मौसम की मार पड़ी। नबीपुर गांव के किसान कमल कांबोज ने बताया कि मंगलवार सुबह खेतों में जाकर फसल की हालत देख होश उड़ गए। बारिश के साथ तेज हवा चलने से पकी फसल खेतों में बिछ गई और जलभराव हो गया है। पीआर धान के अलावा बासमती की कच्ची फसल गिर चुकी है। उसमें उत्पादन गिरेगा। फसल कटाई का काम कई दिन के लिए रुक चुका है। गिरी हुई फसल की कटाई करवाना चुनौती बन जाएगा। वहीं सरदकालीन सब्जियों की बिजाई के लिए जो खेत तैयार किए थे उनमें पानी भर गया है। जिससे एक सप्ताह तक कटाई का काम रुक गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed