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विधायक जी! बिना पैसे दिये नहीं होते काम
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:56 PM IST
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खुले दरबार में लोगों की समस्याएं सुनते विधायक
- फोटो : amar ujala
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शहर की तहसील में लोगों को अपने जायज काम करवाने के लिए कई-कई माह धक्के खाने पड़ रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी समस्या का निवारण नहीं करते। इसी प्रकार का मामला रविवार को हलका विधायक हरविंद्र कल्याण के दरबार में पहुंचा है। हलका विधायक ने रविवार को लोगों की समस्या सुनने के लिए कल्याण फार्म हाउस पर खुला दरबार लगाया हुआ था। खुले दरबार में लगभग दो दर्जन से ज्यादा समस्याएं सामने आई। जिनमें से अधिकतर समस्याओं को मौके पर निपटा दिया है।
गांव पुंडरी के एक बुजुर्ग किसान ने विधायक दरबार में अपना दर्द ब्यां करते हुए कहा कि साहब जी! मैं अपनी जमीन की गिरदावरी करवाने के लिए तहसील कार्यालय में पिछले तीन माह से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन तहसीलदार उसकी समस्या का हल ही नहीं कर रहा है। हर बार अधिकारी उसे कल आना और परसों आना के नाम पर टरकाते रहते हैं। किसान ने आरोप लगाया कि तहसील में पूरा भ्रष्टाचार है और बिना पैसे के काम होना बेहद मुश्किल है। इसके साथ ही गांव कोहंड के कुछ ग्रामीणों ने तहसील संबंधी समस्याएं रखी। ग्रामीणों की समस्या सुन विधायक ने तुरंत तहसीलदार को फोन लगाया और गिरदावरी के मामले को लेकर जमकर लताड़ लगाई और दो दिन के अंदर गिरदावरी किए जाने के निर्देश जारी किए और कहा कि हम जनता के सेवक हैं और यदि जनता को उसके जायज काम के लिए बेवजह परेशान किया जाता है तो यह सरासर गलत है। हमें जनता की मदद व कार्यों के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिजली कनेक्शन के लिए झूठा आश्वासन
वहीं बजीदा जाटान के एक किसान ने विधायक को बताया कि उन्होंने अपने खेत में बिजली कनेक्शन के लिए वर्ष 2013-14 में पैसे जमा करा रखे हैं, लेकिन जब भी वो बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलते हैं तो हर बार उनको झूठा आश्वासन दिया जाता है कि 5-7 दिनों में कनेक्शन लगा देंगे। विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक गया हूं। जिस पर विधायक तैस में आए और तुरंत अधिकारियों से फोन पर बात की और उनको कहा कि जायज काम के लिए लोगों को परेशान करने की अपनी कार्यप्रणाली बदल दो, काम को न करना या काम में देरी करना भी भ्रष्टाचार का ही रूप है। इसलिए खुद को सुधार लो, वरना भाजपा सरकार के ईमानदार नेतृत्व में ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा, जिसके जिम्मेवार खुद अधिकारी होंगे। दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्दी कामों का निपटारा करें व जनता को परेशान न करें।
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कोई अधिकारी पैसे मांगें तो तुरंत सम्पर्क करें : विधायक
विधायक दरबार में लगभग 20-25 गांवों के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से कुछ का विधायक ने मौके पर ही समाधान किया तो कुछ समस्याओं के हल के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। विधायक हरविंद्र कल्याण ने लोगों से अपील की कि किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को काम के बदले पैसे न दें, अगर कोई अधिकारी उनके पैसे मांगता है तो वे तुरंत उनसे संपर्क करें।
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गांव पुंडरी के एक बुजुर्ग किसान ने विधायक दरबार में अपना दर्द ब्यां करते हुए कहा कि साहब जी! मैं अपनी जमीन की गिरदावरी करवाने के लिए तहसील कार्यालय में पिछले तीन माह से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन तहसीलदार उसकी समस्या का हल ही नहीं कर रहा है। हर बार अधिकारी उसे कल आना और परसों आना के नाम पर टरकाते रहते हैं। किसान ने आरोप लगाया कि तहसील में पूरा भ्रष्टाचार है और बिना पैसे के काम होना बेहद मुश्किल है। इसके साथ ही गांव कोहंड के कुछ ग्रामीणों ने तहसील संबंधी समस्याएं रखी। ग्रामीणों की समस्या सुन विधायक ने तुरंत तहसीलदार को फोन लगाया और गिरदावरी के मामले को लेकर जमकर लताड़ लगाई और दो दिन के अंदर गिरदावरी किए जाने के निर्देश जारी किए और कहा कि हम जनता के सेवक हैं और यदि जनता को उसके जायज काम के लिए बेवजह परेशान किया जाता है तो यह सरासर गलत है। हमें जनता की मदद व कार्यों के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बिजली कनेक्शन के लिए झूठा आश्वासन
वहीं बजीदा जाटान के एक किसान ने विधायक को बताया कि उन्होंने अपने खेत में बिजली कनेक्शन के लिए वर्ष 2013-14 में पैसे जमा करा रखे हैं, लेकिन जब भी वो बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलते हैं तो हर बार उनको झूठा आश्वासन दिया जाता है कि 5-7 दिनों में कनेक्शन लगा देंगे। विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक गया हूं। जिस पर विधायक तैस में आए और तुरंत अधिकारियों से फोन पर बात की और उनको कहा कि जायज काम के लिए लोगों को परेशान करने की अपनी कार्यप्रणाली बदल दो, काम को न करना या काम में देरी करना भी भ्रष्टाचार का ही रूप है। इसलिए खुद को सुधार लो, वरना भाजपा सरकार के ईमानदार नेतृत्व में ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा, जिसके जिम्मेवार खुद अधिकारी होंगे। दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्दी कामों का निपटारा करें व जनता को परेशान न करें।
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कोई अधिकारी पैसे मांगें तो तुरंत सम्पर्क करें : विधायक
विधायक दरबार में लगभग 20-25 गांवों के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से कुछ का विधायक ने मौके पर ही समाधान किया तो कुछ समस्याओं के हल के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। विधायक हरविंद्र कल्याण ने लोगों से अपील की कि किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को काम के बदले पैसे न दें, अगर कोई अधिकारी उनके पैसे मांगता है तो वे तुरंत उनसे संपर्क करें।