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Karnal News: पारा <bha>@</bha>26.6 डिग्री सेल्सियस, सीजन का सबसे गर्म दिन, टूटा 15 साल का रिकाॅर्ड
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। तेज धूप से दिन में गर्मी का एहसास होने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सोमवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। फरवरी माह में दिन की गर्मी का 15 साल का रिकॉर्ड भी टूटा। वर्ष 2011 में 6 फरवरी, 2015 में 24 फरवरी और 2024 में 19 फरवरी को 26 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकाॅर्ड किया गया था।
वहीं पश्चिमी विक्षोभ के चलते धुंध ने फिर से दस्तक दी है। धुंध व ठंड बढ़ने से किसानों की फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिले में सोमवार की सुबह करीब 8 बजे तक हल्की से मध्यम धुंध छाई रही। मौसम विशेषज्ञ ने मंगल और बुधवार को हल्के बादल छाने की संभावना जताई है। इस सप्ताह में तापमान और बढ़ने की भी उम्मीद जताई है।
सोमवार को हवा की रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार कम होने से दिन में गर्मी महसूस की गई। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी होने से लोग स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने लगे हैं। इससे वे खांसी-जुकाम, वायरल बुखार के ग्रस्त हो रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य हानि हो रही है। वहीं मौसम बदलने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई थी।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदनलाल खीचड़ का कहना है कि मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को बादल छा सकते हैं। बादल छाने से तापमान में कमी आ सकती है इससे फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है। हालांकि सप्ताह में यह तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
फसलों के लिए 20 डिग्री सेल्सियस तक तापमान ठीक
कृषि अधिकारी संदीप ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल के उत्पादन के लिए फरवरी और मार्च माह में अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक ही होना चाहिए लेकिन पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने लगा है इससे किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सता रहा है। सोमवार को धुंध के साथ ठंड बढ़ने से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है और फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।
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करनाल। तेज धूप से दिन में गर्मी का एहसास होने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सोमवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। फरवरी माह में दिन की गर्मी का 15 साल का रिकॉर्ड भी टूटा। वर्ष 2011 में 6 फरवरी, 2015 में 24 फरवरी और 2024 में 19 फरवरी को 26 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकाॅर्ड किया गया था।
वहीं पश्चिमी विक्षोभ के चलते धुंध ने फिर से दस्तक दी है। धुंध व ठंड बढ़ने से किसानों की फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिले में सोमवार की सुबह करीब 8 बजे तक हल्की से मध्यम धुंध छाई रही। मौसम विशेषज्ञ ने मंगल और बुधवार को हल्के बादल छाने की संभावना जताई है। इस सप्ताह में तापमान और बढ़ने की भी उम्मीद जताई है।
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सोमवार को हवा की रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार कम होने से दिन में गर्मी महसूस की गई। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी होने से लोग स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने लगे हैं। इससे वे खांसी-जुकाम, वायरल बुखार के ग्रस्त हो रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य हानि हो रही है। वहीं मौसम बदलने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई थी।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदनलाल खीचड़ का कहना है कि मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को बादल छा सकते हैं। बादल छाने से तापमान में कमी आ सकती है इससे फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है। हालांकि सप्ताह में यह तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
फसलों के लिए 20 डिग्री सेल्सियस तक तापमान ठीक
कृषि अधिकारी संदीप ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल के उत्पादन के लिए फरवरी और मार्च माह में अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक ही होना चाहिए लेकिन पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने लगा है इससे किसानों को फसल उत्पादन कम होने का डर सता रहा है। सोमवार को धुंध के साथ ठंड बढ़ने से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है और फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।