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लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद बेची जा रही थी दवाइयां, मेडिकल स्टोर सील
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। लाइसेंस सस्पेंड होने के बावजूद दवाइयां बेचने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंद्री के राजेश मेडिकल हॉल पर बुधवार को छापा मारा और स्टोर को पांच मार्च तक के लिए सील कर दिया। टीम इंचार्ज जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला ने मेडिकल स्टोर का रिकॉर्ड चेक किया तो वह भी पूरा नहीं मिला।
फरवरी माह में स्वास्थ्य विभाग ने इंद्री स्थित मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर नियमों की अवहेलना करने वाले संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा था, परंतु संतोषजनक जवाब न देने पर कांबोज मेडिकॉज, चिराग मेडिकल स्टोर और राजेश मेडिकल हॉल का लाइसेंस पांच दिन के लिए सस्पेंड कर उन्हें दवाइयों की सेल-पर्चेज न करने के आदेश दिए थे। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने दौरा किया तो राजेश मेडिकल हॉल के संचालक द्वारा मरीजों को दवा बेची जा रही थी। जिस पर विभाग ने स्टोर को सील कर दिया। कार्रवाई के विरोध में मेडिकल यूनियन इंद्री ने सभी दुकानों को बंद कर दिया।
टीम का सदस्य दवा लेने गया तो नहीं दिया बिल
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला को जब राजेश मेडिकल हॉल खुला मिला तो उन्होंने टीम के एक सदस्य को दवाई खरीदने भेजा। जिस पर स्टोर संचालक ने उसे दवाई बेची परंतु बिल नहीं दिया।
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नियमों में कोताही बरतने वाले तीन मेडिकल संचालकों के लाइसेंस सस्पेंड किए थे। नियमानुसार तीनों दुकानदार लाइसेंस सस्पेंड के दौरान दवाइयों की बिक्री नहीं कर सकते, परंतु राजेश मेडिकल हॉल द्वारा दवाइयां सेल की जा रही थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए 5 मार्च तक दुकान को सील कर दिया है।
रितु मैहला, जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी
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इंद्री। लाइसेंस सस्पेंड होने के बावजूद दवाइयां बेचने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इंद्री के राजेश मेडिकल हॉल पर बुधवार को छापा मारा और स्टोर को पांच मार्च तक के लिए सील कर दिया। टीम इंचार्ज जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला ने मेडिकल स्टोर का रिकॉर्ड चेक किया तो वह भी पूरा नहीं मिला।
फरवरी माह में स्वास्थ्य विभाग ने इंद्री स्थित मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर नियमों की अवहेलना करने वाले संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा था, परंतु संतोषजनक जवाब न देने पर कांबोज मेडिकॉज, चिराग मेडिकल स्टोर और राजेश मेडिकल हॉल का लाइसेंस पांच दिन के लिए सस्पेंड कर उन्हें दवाइयों की सेल-पर्चेज न करने के आदेश दिए थे। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने दौरा किया तो राजेश मेडिकल हॉल के संचालक द्वारा मरीजों को दवा बेची जा रही थी। जिस पर विभाग ने स्टोर को सील कर दिया। कार्रवाई के विरोध में मेडिकल यूनियन इंद्री ने सभी दुकानों को बंद कर दिया।
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टीम का सदस्य दवा लेने गया तो नहीं दिया बिल
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला को जब राजेश मेडिकल हॉल खुला मिला तो उन्होंने टीम के एक सदस्य को दवाई खरीदने भेजा। जिस पर स्टोर संचालक ने उसे दवाई बेची परंतु बिल नहीं दिया।
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नियमों में कोताही बरतने वाले तीन मेडिकल संचालकों के लाइसेंस सस्पेंड किए थे। नियमानुसार तीनों दुकानदार लाइसेंस सस्पेंड के दौरान दवाइयों की बिक्री नहीं कर सकते, परंतु राजेश मेडिकल हॉल द्वारा दवाइयां सेल की जा रही थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए 5 मार्च तक दुकान को सील कर दिया है।
रितु मैहला, जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी