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अब बिना अनुमति स्टेशन नहीं छोड़ पाएंगे मेडिकल कालेज के अधिकारी
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कल्पना चावला मेडिकल कालेज में अब बिना लिखित अनुमति के कोई भी अधिकारी, इंर्चाच या फिर नोडल आफिसर स्टेशन को नहीं छोड़ पाएंगे। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ हायर ऑथोरिटी को अवगत कराया जाएगा। यह आदेश कालेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने जारी किए हैं। डायरेक्टर आफिस समेत सभी विभागों के एचओडी को भेजे पत्र में साफ किया गया है कि अगर किसी ने नियमों का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
बता दें कि कालेज के कई अधिकारी स्टेशन को मेनटेन नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार की शिकायतें कई बार मेडिकल कालेज के एमएस डॉ. जगदीश दुरेजा का पहुंच रही थी। शिकायतों के आधार पर एमएस ने सभी विभागों को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत कराया है। वहीं, बताया जा रहा है कि इससे पहले मेडिकल कालेज के निदेशक डा. सुरेंद्र कश्यप से नजदीकियों के चलते कई अधिकारी बिना कोई लिखित सूचना के ही आउट आफ स्टेशन चले जाते थे और इस कारण ओपीडी समेत अन्य कार्य प्रभावित होते थे।
नहीं तो लिया जाएगा एक्शन : डा. दुरेजा
इस बारे में मेडिकल कालेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जगदीश दुरेजा ने बताया कि कई बार इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थी कुछ अधिकारी हेडक्वार्टर को मेंटन नहीं कर रहे हैं। इसी आधार पर सभी को अवगत कराया गया है कि वे नियमों के अनुसार अपने स्टेशन पर रहें। अगर कहीं बाहर जाना है तो इसके लिए आथोरिटी को अवगत कराएं और प्रापर तरीके से लिखित में इसकी अनुमति लें। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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डीएमएस डॉ. अशोक कुमार से वापस लिए सभी चार्ज
इसके साथ ही मेडिकल कालेज के डीएमएस-1 डा. अशोक कुमार से सभी प्रकार चार्ज वापस ले लिए गए हैं। जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट आफिस द्वारा अलाट किए गए सभी चार्ज डीएमएस-1 से डीएमएस-11 को ट्रांसफर किए जाते हैं। इतना ही नहीं एमएस ने कालेज के डायरेक्टर से यह भी अपील की गई है कि वे डा. अशोक को वापस बुलाएं। इस पत्र के जारी होने के बाद से इनका एमएस आफिस में अब कोई जिम्मेदारी नहीं है। गौरतलब है कि कालेज के डायरेक्टर की ओर से डीएमएस लगाए जाते हैं और एमएस आफिस उनको अलग अलग कार्य अलाट करता है। डा. अशोक कुमार के पास सेनिटेशन से लेकर मेन वापस समेत तमाम महत्वपूर्ण कार्यों का चार्ज था। अब यह कार्य डीएमएस-11 डॉ. गौरव कांबोज के पास आ गए हैं।
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बता दें कि कालेज के कई अधिकारी स्टेशन को मेनटेन नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार की शिकायतें कई बार मेडिकल कालेज के एमएस डॉ. जगदीश दुरेजा का पहुंच रही थी। शिकायतों के आधार पर एमएस ने सभी विभागों को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत कराया है। वहीं, बताया जा रहा है कि इससे पहले मेडिकल कालेज के निदेशक डा. सुरेंद्र कश्यप से नजदीकियों के चलते कई अधिकारी बिना कोई लिखित सूचना के ही आउट आफ स्टेशन चले जाते थे और इस कारण ओपीडी समेत अन्य कार्य प्रभावित होते थे।
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नहीं तो लिया जाएगा एक्शन : डा. दुरेजा
इस बारे में मेडिकल कालेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जगदीश दुरेजा ने बताया कि कई बार इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थी कुछ अधिकारी हेडक्वार्टर को मेंटन नहीं कर रहे हैं। इसी आधार पर सभी को अवगत कराया गया है कि वे नियमों के अनुसार अपने स्टेशन पर रहें। अगर कहीं बाहर जाना है तो इसके लिए आथोरिटी को अवगत कराएं और प्रापर तरीके से लिखित में इसकी अनुमति लें। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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डीएमएस डॉ. अशोक कुमार से वापस लिए सभी चार्ज
इसके साथ ही मेडिकल कालेज के डीएमएस-1 डा. अशोक कुमार से सभी प्रकार चार्ज वापस ले लिए गए हैं। जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट आफिस द्वारा अलाट किए गए सभी चार्ज डीएमएस-1 से डीएमएस-11 को ट्रांसफर किए जाते हैं। इतना ही नहीं एमएस ने कालेज के डायरेक्टर से यह भी अपील की गई है कि वे डा. अशोक को वापस बुलाएं। इस पत्र के जारी होने के बाद से इनका एमएस आफिस में अब कोई जिम्मेदारी नहीं है। गौरतलब है कि कालेज के डायरेक्टर की ओर से डीएमएस लगाए जाते हैं और एमएस आफिस उनको अलग अलग कार्य अलाट करता है। डा. अशोक कुमार के पास सेनिटेशन से लेकर मेन वापस समेत तमाम महत्वपूर्ण कार्यों का चार्ज था। अब यह कार्य डीएमएस-11 डॉ. गौरव कांबोज के पास आ गए हैं।