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Karnal News: मजदूरों की हड़ताल से 2 घंटे थमा रहा मंडी का कामकाज
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अनाज मंडी में रखी धान संवाद
घरौंडा। अनाज मंडी खुलने के बाद शुक्रवार सुबह मजदूरों की हड़ताल से करीब दो घंटे तक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। मजदूरों ने मजदूरी छह रुपये बढ़ाने और फसल की सफाई के लिए झरना प्रणाली बंद करने की मांग करते हुए काम रोक दिया।
मंडी प्रधान जयभगवान गोयल और आढ़तियों के साथ हुई बैठक में 38 पैसे मजदूरी बढ़ने पर वे राजी हो गए और काम पर लौट आए। झरना प्रणाली बंद करने की भी मांग मान ली गई।
पहले मजदूरों को 13 रुपये 92 पैसे प्रति निर्धारित इकाई के हिसाब से मजदूरी मिल रही थी। इसे बढ़ाकर 14 रुपये 30 पैसे कर दिया गया। घरौंडा मजदूर यूनियन के मजदूर हरी, शंकर, विवेक ने बताया कि करनाल मंडी की तरह घरौंडा मंडी में भी झरने से सफाई नहीं करवाई जानी चाहिए। मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में अधिकारियों व मंडी प्रधान को मांगपत्र सौंपा।
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करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के बाद मंडी प्रधान और आढ़ती मजदूरों के बीच पहुंचे और बातचीत शुरू हुई। दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी। मजदूरों की झरना प्रणाली बंद करने की मांग को स्वीकार कर लिया गया। मजदूरी पर भी सहमति बन गई।
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मंडी प्रधान जयभगवान गोयल और आढ़तियों के साथ हुई बैठक में 38 पैसे मजदूरी बढ़ने पर वे राजी हो गए और काम पर लौट आए। झरना प्रणाली बंद करने की भी मांग मान ली गई।
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पहले मजदूरों को 13 रुपये 92 पैसे प्रति निर्धारित इकाई के हिसाब से मजदूरी मिल रही थी। इसे बढ़ाकर 14 रुपये 30 पैसे कर दिया गया। घरौंडा मजदूर यूनियन के मजदूर हरी, शंकर, विवेक ने बताया कि करनाल मंडी की तरह घरौंडा मंडी में भी झरने से सफाई नहीं करवाई जानी चाहिए। मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में अधिकारियों व मंडी प्रधान को मांगपत्र सौंपा।
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करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के बाद मंडी प्रधान और आढ़ती मजदूरों के बीच पहुंचे और बातचीत शुरू हुई। दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी। मजदूरों की झरना प्रणाली बंद करने की मांग को स्वीकार कर लिया गया। मजदूरी पर भी सहमति बन गई।