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दालों का स्टाक सीमित करने के विरोध में मंडियां रहीं बंद
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करनाल। राजस्थान व्यापार मंडल के समर्थन में शुक्रवार को हरियाणा की अनाज मंडियों में भी हड़ताल रही। करनाल जिले की अनाज मंडियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। आढ़तियों ने दिनभर अपनी दुकानों को बंद रखा। दालों की स्टाक सीमा को और सीमित कर दिए जाने के खिलाफ राजस्थान व्यापार मंडल ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। हालांकि शहर की बाजारों में तो इसका असर नहीं दिखा लेकिन हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने इस हड़ताल के समर्थन में प्रदेशभर की अधिकांश अनाज मंडियां बंद रखी।
स्टेट चेयरमैन व करनाल अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि दालों की स्टाक सीमा को केंद्र सरकार ने अचानक सीमित कर दिया है। कई बड़े व्यापारी हैं, जिनके पास सीमा से कहीं अधिक स्टाक है। उन्हें अचानक से दालों का स्टाक बाजार में उतारना पडे़गा। ऐसा नहीं है कि इसका नुकसान सिर्फ व्यापारियों को ही होगा, किसानों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दरअसल, किसान भी जो मंडियों में अपनी दलहनी फसलों को बेचने आते हैं, उन्हें भी औने पौने दामों पर ही दलहनी फसलों को बेचना पड़ेगा।
आगामी कु छ समय में ही बाजार में दाल की बहुतायत हो सकती है तो भाव भी गिरना तय है। यही कारण है कि शुक्रवार को राजस्थान व्यापार मंडल के आह्वान पर हरियाणा राज्य की सभी अनाज मंडियां बंद रखी गईं। कोई खरीद-फरोख्त नहीं की गई है। करनाल जिले की सभी अनाज मंडियों में पूर्ण हड़ताल रही है। इधर, कुछ अन्य आढ़तियों का कहना है कि इन दिनों तो वैसे भी अनाज मंडियों में सन्नाटा ही है, क्योंकि न तो गेहूं की सीजन है और न ही धान का। कुछ किसान ही भंडारित फसलों को लेकर बेचने मंडियों में पहुंचते हैं, उन्हें फसल में दिक्कत जरूर हुई है।
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स्टेट चेयरमैन व करनाल अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि दालों की स्टाक सीमा को केंद्र सरकार ने अचानक सीमित कर दिया है। कई बड़े व्यापारी हैं, जिनके पास सीमा से कहीं अधिक स्टाक है। उन्हें अचानक से दालों का स्टाक बाजार में उतारना पडे़गा। ऐसा नहीं है कि इसका नुकसान सिर्फ व्यापारियों को ही होगा, किसानों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दरअसल, किसान भी जो मंडियों में अपनी दलहनी फसलों को बेचने आते हैं, उन्हें भी औने पौने दामों पर ही दलहनी फसलों को बेचना पड़ेगा।
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आगामी कु छ समय में ही बाजार में दाल की बहुतायत हो सकती है तो भाव भी गिरना तय है। यही कारण है कि शुक्रवार को राजस्थान व्यापार मंडल के आह्वान पर हरियाणा राज्य की सभी अनाज मंडियां बंद रखी गईं। कोई खरीद-फरोख्त नहीं की गई है। करनाल जिले की सभी अनाज मंडियों में पूर्ण हड़ताल रही है। इधर, कुछ अन्य आढ़तियों का कहना है कि इन दिनों तो वैसे भी अनाज मंडियों में सन्नाटा ही है, क्योंकि न तो गेहूं की सीजन है और न ही धान का। कुछ किसान ही भंडारित फसलों को लेकर बेचने मंडियों में पहुंचते हैं, उन्हें फसल में दिक्कत जरूर हुई है।
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