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धीमी गति से हो रही लिफ्टिंग जाम हुई मंडी
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अनाज मंडी में दिन प्रति दिन धान की आवक बढ़ती जा रही है वहीं उठान का कार्य धीमा चल रहा है। इस कारण अनाज मंडी जाम हो गई है। किसानों को धान सड़क पर डालना पड़ रहा है जहां पर गदंगी के ढेर लगे हुये हैं। अनाज मंडी में शेड के नीचे धान के कट्टे लगे हुये हैं। वहीं किसानों का आरोप है उन्हें पीआर धान का उन्हें सरकारी रेट नहीं मिल रहा है। गदंगी के भी चारों तरफ ढेर लगे हुये हैं।
सिरसी निवासी रोशन ने बताया कि वह पीआर धान लेकर मंडी में आया था। उसकी धान में हरा दाना व नमी बताकर 1735 रुपये प्रति क्विंटल का रेट लगाया है। मजबूरी में इसी रेट में धान को बेचना पड़ा।
आढ़ती के भरोसे छोड़ दी धान
पुंडरक निवासी सेठपाल ने बताया कि वह पीआर धान लेकर आया था। उसे नहीं पता कि धान का क्या रेट लगा है। उसने तो धान आढ़ती की दुकान आगे उतार दी जो रेट लगेगा आढ़ती उसे बता देंगा।
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हथलाना निवासी रविंद्र ने बताया कि 1509 धान का रेट 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक है लेकिन उसकी धान में नमी बताकर 2300 का रेट लगाया। उसे मजबूरी में वह बेचनी पड़ी नहीं तो दो दिन तक उसे सुखाना पड़ता।
किसानों व मजदूरों को नहीं मिल रहे रुपये
आढ़तियों की पेमेंट न होने से किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि किसान रुपये लेने के लिये आढ़ती पर जाते हैं तो वह कहते हैं कि एजेंसी से रुपये नहीं आये हैं। ऐसे में मजदूरों को भी यही परेशानी आ रही है।
अनाज मंडी में 65 प्रतिशत उठान हो गया है, जो बाकि धान रह गई है उसका भी उठान तेजी से कराया जा रहा है। जल्द ही आढ़तियों के खाते में पेमेंट भी आ जायेगी।
सुंदर कुमार, मार्केट कमेटी सचिव।
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सिरसी निवासी रोशन ने बताया कि वह पीआर धान लेकर मंडी में आया था। उसकी धान में हरा दाना व नमी बताकर 1735 रुपये प्रति क्विंटल का रेट लगाया है। मजबूरी में इसी रेट में धान को बेचना पड़ा।
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आढ़ती के भरोसे छोड़ दी धान
पुंडरक निवासी सेठपाल ने बताया कि वह पीआर धान लेकर आया था। उसे नहीं पता कि धान का क्या रेट लगा है। उसने तो धान आढ़ती की दुकान आगे उतार दी जो रेट लगेगा आढ़ती उसे बता देंगा।
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हथलाना निवासी रविंद्र ने बताया कि 1509 धान का रेट 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक है लेकिन उसकी धान में नमी बताकर 2300 का रेट लगाया। उसे मजबूरी में वह बेचनी पड़ी नहीं तो दो दिन तक उसे सुखाना पड़ता।
किसानों व मजदूरों को नहीं मिल रहे रुपये
आढ़तियों की पेमेंट न होने से किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि किसान रुपये लेने के लिये आढ़ती पर जाते हैं तो वह कहते हैं कि एजेंसी से रुपये नहीं आये हैं। ऐसे में मजदूरों को भी यही परेशानी आ रही है।
अनाज मंडी में 65 प्रतिशत उठान हो गया है, जो बाकि धान रह गई है उसका भी उठान तेजी से कराया जा रहा है। जल्द ही आढ़तियों के खाते में पेमेंट भी आ जायेगी।
सुंदर कुमार, मार्केट कमेटी सचिव।