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साधना छोड़ साधनों के अधीन हो चुका इन्सान : बीके निर्मल
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- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर-9 में कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर-9 में आयोजित कार्यक्रम में बीके निर्मल ने कहा कि आज मानव मन की इच्छाओं के कारण प्रकृति से खिलवाड़ किया जा रहा है। सुंदर भवन बनाने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं, जिससे भूमि का कटाव हो रहा है। आज जीवन में प्रत्येक व्यक्ति साधनों के अधीन हो चुका है और साधना को छोड़ चुका है जिसके कारण वायुमंडल प्रदूषित होता जा रहा है जिससे सूर्य अग्नि बरसा रहे हैं। ओजोन लेयर में छेद हो चुके हैं और तापमान 50 डिग्री से भी ऊपर होता जा रहा है।
तपती गर्मी में रेफ्रिजरेटर और एसी में से निकलने वाली गैस से वातावरण दूषित हो रहा है। कभी हमारा भारत भरपूर था, पांचों तत्व प्रधान थे और आज पांच ही तत्व दुखदाई बन चुके हैं जिसके लिए गायन किया जाता है... देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान... आज प्रकृति के पांच तत्वों को हम दुखी कर रहे हैं। जिससे वह तत्व भी हमें फिर बदले में दुख प्रदान कर रहे हैं।
दीदी ने कहा कि किसान खेती में बहुत अधिक पेस्टिसाइड का उपयोग कर रहे हैं जिससे भूमि को कैंसर होता जा रहा है, इसीलिए आज हम सभी को जागरूक होने की जरूरत है और वायुमंडल को शुद्ध और पवित्र बनाने के लिए एक तो पेड़ लगाने होंगे। प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अधिक से अधिक पेड़ लगाएगा। न केवल पेड़ लगाएगा, उनका पालन पोषण भी करेगा। साथ में मन के दूषित विचारों को भी राजयोग मेडिटेशन के द्वारा शुद्ध बनाना चाहिए। बीके उर्मिल बहन ने प्रतिज्ञा कराई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर-9 में आयोजित कार्यक्रम में बीके निर्मल ने कहा कि आज मानव मन की इच्छाओं के कारण प्रकृति से खिलवाड़ किया जा रहा है। सुंदर भवन बनाने के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं, जिससे भूमि का कटाव हो रहा है। आज जीवन में प्रत्येक व्यक्ति साधनों के अधीन हो चुका है और साधना को छोड़ चुका है जिसके कारण वायुमंडल प्रदूषित होता जा रहा है जिससे सूर्य अग्नि बरसा रहे हैं। ओजोन लेयर में छेद हो चुके हैं और तापमान 50 डिग्री से भी ऊपर होता जा रहा है।
तपती गर्मी में रेफ्रिजरेटर और एसी में से निकलने वाली गैस से वातावरण दूषित हो रहा है। कभी हमारा भारत भरपूर था, पांचों तत्व प्रधान थे और आज पांच ही तत्व दुखदाई बन चुके हैं जिसके लिए गायन किया जाता है... देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान... आज प्रकृति के पांच तत्वों को हम दुखी कर रहे हैं। जिससे वह तत्व भी हमें फिर बदले में दुख प्रदान कर रहे हैं।
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दीदी ने कहा कि किसान खेती में बहुत अधिक पेस्टिसाइड का उपयोग कर रहे हैं जिससे भूमि को कैंसर होता जा रहा है, इसीलिए आज हम सभी को जागरूक होने की जरूरत है और वायुमंडल को शुद्ध और पवित्र बनाने के लिए एक तो पेड़ लगाने होंगे। प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अधिक से अधिक पेड़ लगाएगा। न केवल पेड़ लगाएगा, उनका पालन पोषण भी करेगा। साथ में मन के दूषित विचारों को भी राजयोग मेडिटेशन के द्वारा शुद्ध बनाना चाहिए। बीके उर्मिल बहन ने प्रतिज्ञा कराई।
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