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पुण्यतिथि पर मालवीय की प्रतिमा की नहीं हुई सफाई, गरमाया मामला
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:52 AM IST
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मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पार्पित करते लोग
- फोटो : amar ujala
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पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर महाबीर अस्पताल में लगी उनकी प्रतिमा पर मामला गरमा गया है। सुबह अस्पताल के अंदर प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति एवं एंटी करप्शन फाउंडेशन द्वारा पंडित मदन मोहन की धूल से अटी प्रतिमा की सफाई की गई और देखभाल न होने पर प्रबंधन को जमकर कोसा। इतना ही नहीं समिति के सदस्यों ने अस्पताल के अंदर जाकर मरीजों से बात की और प्रबंधन पर कमीशनखोरी समेत कई अन्य गंभीर आरोप लगाए। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा है। फिलहाल दोनों पक्ष में तनाव बना हुआ है।
शनिवार को मालवीय की पुण्यतिथि के अवसर पर महावीर दल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। महावीर दल में समिति एवं फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में सदस्य महावीर दल अस्पताल पहुंचे जहां पर उन्होंने मदन मोहन मालवीय की मिट्टी से सनी प्रतिमा की सफाई की और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस पर समिति के सदस्यों ने रोष जाहिर किया।
गौरतलब है कि वर्ष 1967 में स्थापित महाबीर दल चेरिटेबल अस्पताल में प्रेरणास्रोत के तौर पर मालवीय की प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन सामान्य तौर पर प्रतिमा की सफाई तक नहीं की जाती है। समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया कि यह अस्पताल प्रबंधन मालवीय जी का नाम भी मिट्टी भी मिला रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी अस्पताल कई बार विवादों में रहा है।
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दूसरे अस्पतालों में भेज लिया जाता है कमीशन : अरोड़ा
अरोड़ा ने इस पर अस्पताल के अंदर जाकर मरीजों से बात की। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि चैरिटी के नाम पर चल रहा महावीर दल अस्पताल भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं का अड्डा बन चुका है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल रेफरल सेंटर का काम कर रहा है, जहां दूसरे अस्पताल में मरीजों को भेजकर मोटा कमीशन लिया जा रहा है, डॉक्टरों द्वारा मरीज को ज्यादा एवं महंगी दवाई लिखकर अस्पताल के अंदर चल रही केमिस्ट की दुकानों से कमीशन सेट किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में ज्यादा रकम लेकर केमिस्ट की दुकानें किराए पर दी गईं हैं, जहां मरीजों को महंगी दवाई दी जाती है और उन्हें अस्पताल की दुकानों से ही दवाई लेने पर मजबूर किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चैरिटी के नाम पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। इसके अलावा, किराए की दुकानों के आदान-प्रदान में मोटी कमाई की जा रही है। किराए की रकम भी आ रही है, लेकिन फिर भी अस्पताल कमियों से भरा है। इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक एसआर पाहवा, चेयरमैन बलजीत सल्याण, नसीब सिंह, युवा विंग महासचिव अमित ठाकुर, ओपी सचदेवा, मुनिराज शर्मा, सतीश पांचाल, प्रमोद नागपाल, कांता शर्मा, विजय कुमारी शर्मा, सतीश राणा, एम एल अरोड़ा, सुलतान सिंह आदि उपस्थित रहे।
वर्जन
आरोप निराधार हैं। हम मालवीय जी की जयंती 25 दिसंबर को मनाते हैं। अचानक कुछ लोग अस्पताल में आ गए, इसको लेकर ऐतराज जताया गया था। अस्पताल में अब लोग नाममात्र दान देते हैं, जबकि डॉक्टर कम वेतन पर आते नहीं है। इसलिए अब यह चेरिटेबल अस्पताल नहीं रह गया है। जो पैसा आता है, वह अस्पताल पर ही खर्च किया जाता है।
-ज्ञान चावला, महाबीर दल अस्पताल, प्रधान।
वर्जन
महावीर दल अस्पताल में चल रही लूट-खसोट, धांधली एवं अव्यवस्थाओं की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। मांग की जाएगी कि राज्य सरकार अस्पताल को अपनी निगरानी में संचालित करें, ताकि मरीजों के साथ ठगी न हो बल्कि उनको इलाज मिले। जिला प्रशासन को चाहिए वह अस्पताल का दौरा करे।
नरेंद्र अरोड़ा, प्रतिमा सम्मान समिति, अध्यक्ष।
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शनिवार को मालवीय की पुण्यतिथि के अवसर पर महावीर दल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। महावीर दल में समिति एवं फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में सदस्य महावीर दल अस्पताल पहुंचे जहां पर उन्होंने मदन मोहन मालवीय की मिट्टी से सनी प्रतिमा की सफाई की और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस पर समिति के सदस्यों ने रोष जाहिर किया।
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गौरतलब है कि वर्ष 1967 में स्थापित महाबीर दल चेरिटेबल अस्पताल में प्रेरणास्रोत के तौर पर मालवीय की प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन सामान्य तौर पर प्रतिमा की सफाई तक नहीं की जाती है। समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया कि यह अस्पताल प्रबंधन मालवीय जी का नाम भी मिट्टी भी मिला रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी अस्पताल कई बार विवादों में रहा है।
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दूसरे अस्पतालों में भेज लिया जाता है कमीशन : अरोड़ा
अरोड़ा ने इस पर अस्पताल के अंदर जाकर मरीजों से बात की। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि चैरिटी के नाम पर चल रहा महावीर दल अस्पताल भ्रष्टाचार व अव्यवस्थाओं का अड्डा बन चुका है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल रेफरल सेंटर का काम कर रहा है, जहां दूसरे अस्पताल में मरीजों को भेजकर मोटा कमीशन लिया जा रहा है, डॉक्टरों द्वारा मरीज को ज्यादा एवं महंगी दवाई लिखकर अस्पताल के अंदर चल रही केमिस्ट की दुकानों से कमीशन सेट किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में ज्यादा रकम लेकर केमिस्ट की दुकानें किराए पर दी गईं हैं, जहां मरीजों को महंगी दवाई दी जाती है और उन्हें अस्पताल की दुकानों से ही दवाई लेने पर मजबूर किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चैरिटी के नाम पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। इसके अलावा, किराए की दुकानों के आदान-प्रदान में मोटी कमाई की जा रही है। किराए की रकम भी आ रही है, लेकिन फिर भी अस्पताल कमियों से भरा है। इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक एसआर पाहवा, चेयरमैन बलजीत सल्याण, नसीब सिंह, युवा विंग महासचिव अमित ठाकुर, ओपी सचदेवा, मुनिराज शर्मा, सतीश पांचाल, प्रमोद नागपाल, कांता शर्मा, विजय कुमारी शर्मा, सतीश राणा, एम एल अरोड़ा, सुलतान सिंह आदि उपस्थित रहे।
वर्जन
आरोप निराधार हैं। हम मालवीय जी की जयंती 25 दिसंबर को मनाते हैं। अचानक कुछ लोग अस्पताल में आ गए, इसको लेकर ऐतराज जताया गया था। अस्पताल में अब लोग नाममात्र दान देते हैं, जबकि डॉक्टर कम वेतन पर आते नहीं है। इसलिए अब यह चेरिटेबल अस्पताल नहीं रह गया है। जो पैसा आता है, वह अस्पताल पर ही खर्च किया जाता है।
-ज्ञान चावला, महाबीर दल अस्पताल, प्रधान।
वर्जन
महावीर दल अस्पताल में चल रही लूट-खसोट, धांधली एवं अव्यवस्थाओं की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री व प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। मांग की जाएगी कि राज्य सरकार अस्पताल को अपनी निगरानी में संचालित करें, ताकि मरीजों के साथ ठगी न हो बल्कि उनको इलाज मिले। जिला प्रशासन को चाहिए वह अस्पताल का दौरा करे।
नरेंद्र अरोड़ा, प्रतिमा सम्मान समिति, अध्यक्ष।