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किसानों पर लाठीचार्ज का मामला: महापंचायत में बोले चढूनी-हरियाणा का किसान अब और लाठी नहीं खाएगा

Mon, 30 Aug 2021 02:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 30 Aug 2021 02:03 PM IST
सार

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब हमारे सब्र की इंतहा हो गई है। हरियाणा अब और लाठी नहीं खाएगा। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा जल्द कोई ठोस निर्णय लें या फिर हरियाणा को माफ करे।

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Mahapanchayat on issue of Lathicharge on Farmers in Karnal
करनाल में आयोजित महापंचायत में मौजूद किसान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करनाल में शनिवार को करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन आदि संगठनों ने घरौंडा की नई अनाज मंडी में महापंचायत बुलाई। इसमें हरियाणा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब हमारे सब्र की इंतहा हो गई है। हरियाणा अब और लाठी नहीं खाएगा। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा जल्द कोई ठोस निर्णय लें या फिर हरियाणा को माफ करे।

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बैठक को देखते हुए अब पुलिस-प्रशासन की नजर भी किसानों की आगामी रणनीति पर टिकी है। दूसरी ओर लाठीचार्ज और पथराव के दौरान घायल पुलिसकर्मियों की ओर से किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं घायल किसानों की ओर से भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी गई है, जिस पर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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डीसी ने जताया खेद
वहीं एसडीएम आयुष सिन्हा की वायरल हो रही वीडियो में सिर फोड़ने वाले शब्दों को लेकर डीसी निशांत कुमार ने खेद प्रकट किया है। उन्होंने रविवार को सेक्टर-12 में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज और एसडीएम के बयान पर सफाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को अधूरा सच बताया। साथ ही एसडीएम को कर्मठ और ईमानदार अफसर बताते हुए उनका बचाव किया।
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डीसी ने कहा कि एसडीएम करनाल को नाका नंबर-3 रेलवे रोड पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। यह नाका मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के नजदीक था। एसडीएम ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सुबह 8 बजे दिशा निर्देश दे रहे थे कि नाका नंबर-एक बसताड़ा टोल प्लाजा, नाका नंबर-2 नमस्ते चौक को यदि किसान तोड़कर नाका नंबर-3 पर आते हैं तो सख्ती दिखानी होगी। उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर एसडीएम की पूरी वीडियो को नहीं दिखाया गया बल्कि केवल एक क्लिप ही दिखाई गई है, यदि पूरी वीडियो दिखाई जाए तो उसका अर्थ समझ में आता है। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम के शब्दों से किसी व्यक्ति या संगठन को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वे स्वयं खेद प्रकट करते हैं।  


सीएम ने कहा-शब्दों का चयन गलत था
सीएम मनोहर लाल ने करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के बारे में कहा कि करनाल एसडीएम के शब्दों का चयन ठीक नहीं था। जो शब्द एसडीएम ने चुने, वह नहीं बोलने चाहिए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका दायित्व था। डीजीपी व प्रशासन अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।  

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