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नहीं टूट रही ट्रालियों की लाइनें, करनाल मंडी में कल बंद रहेगी धान की खरीद
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धान से अटी अनाज मंडी तो नमस्ते चौक तक लगी ट्रालियों की लाईन। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्टाई जोरों पर है, इसके साथ ही धान की आवक मंडियों में संभल नहीं रही है। हर तरफ जाम की स्थिति बनी हुई है। जिसे देखते हुए करनाल मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने एक बार फिर 17 अक्तूबर को धान की खरीद बंद रखने का फैसला लिया है। इसलिए मार्केट कमेटी द्वारा शनिवार की शाम सात बजे के बाद कोई गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। 18 अक्तूबर की सुबह पांच बजे से ही गेटपास कटेंगे और खरीद शुरू होगी। शुक्रवार को जिलेभर की अनाज मंडियों में कुल 493530 क्विंटल धान की खरीद की गई है। जिससे जिले में अब तक कुल धान की खरीद 5456020 क्विंटल पहुंच गई है। हालांकि पिछले साल 15 अक्तूबर तक धान की खरीद 6142530 क्विंटल थी।
पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि करनाल अनाज मंडी में धान अधिक पहुंच गया है। उठान की स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए आढ़तियों की आढ़तों पर धान उतरवाने की जगह ही नहीं बची है। इसलिए 17 अक्तूबर को एक बार मंडी में खरीद बंद रखने का फैसला लिया गया है, ताकि इस दिन उठान हो सके और मंडी में जगह बन सके। सभी आढ़तियों, किसानों, राइस मिलर्स से अपील की गई है कि वह रविवार खरीद बंद रखे। राईस मिलर्स अपने धान की लिफ्टिंग लिफ्टिंग कराएं, यदि किसी राइस मिलर के पास लिफ्टिंग करवाने के लिए लेबर नहीं है तो आढ़ती अपनी लेबर से सिलाई और लोडिंग करवा दें, उसकी जो भी लेबर बनेगी, राइस मिलर दे दी जाएगी। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वह 16 अक्तूूबर को शाम के बाद धान न लाएं। क्योंकि मार्केट कमेटी शाम 7 बजे के बाद गेटपास जारी नहीं करेगी।18 अक्तूूबर यानी सोमवार को करनाल मंडी खुलेगी।
हैफेड ने किया 138 करोड़ का भुगतान
-किसानों को समयबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है। 14 अक्तूबर तक हैफेड ने कुल 1.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है, जिसमें से 138 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जो कुल खरीद का 60 प्रतिशत है।
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अनिल अहलावत, जिला प्रबंधक हैफेड करनाल।
आढ़ती ने मुनीम को मारा थप्पड़, मुनीमों ने किया कार्य बहिष्कार, मंडी में जड़ा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। नई अनाज मंडी में एक आढ़ती ने गुस्से में आकर मुनीम को थप्पड़ जड़ दिया। इससे गुस्साए विभिन्न आढ़तों के मुनीमों ने कार्य बहिष्कार कर करके मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया। मुनीमों ने आढ़ती के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन कर आढ़ती के खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की।
बाद में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतीश बल्हारा, सुरजीत राणा आदि ने तीन दिन तक उक्त आढ़ती की खरीद व उठान बंद करने का फैसला सुनाते हुए मुनीमों को वापस काम शुरू करने को किया।
शुक्त्रस्वार दोपहर को लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी का मुनीम सुशील कुमार उर्फ सिल्ला अपनी धान की उठान के लिए गाड़ी लगवा रहा था। आढ़ती ने मुनीम को बोला कि उनकी फर्म ने उसकी दुकान से धान खरीद की है। इसलिए यह गाड़ी उसकी दुुकान की धान को उठाएगी। धान उठान के लिए गाड़ी लगवाने की बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। गुस्साए आढ़ती गुरनाम ने मुनीम सुशील को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद सभी मुनीमों ने इकट्ठे होकर गेट को ताला लगा दिया। करीब एक घंटे तक मंडी का गेट बंद रहा। बाद में आढ़ती एसोसिएशन के आश्वासन के बाद मुनीम माने। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मुनीमों ने मंडी के गेट को बंद किया था। जबकि डेढ़ बजे वह ताला खोलने के लिए माने और अपने काम पर लौट गए। मुनीमों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन तक उक्त आढ़ती ने माफी नहीं मांगी तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
सड़कों पर दिनभर रहा जाम, 1365 गेटपास काटे
निसिंग। वीरवार को अनाज मंडी में गेटपास नहीं काटे गए थे लेकिन शुक्रवार को गेटपास काटने शुरू किए गए तो उससे पहले ही लंबी लंबी लाइनें लगी हुई थी। सुबह से शाम पांच बजे तक मंडी में 1365 गेटपास काटे गए। जबकि महज 12 घंटों में साढे 74 हजार धान की आवक हो चुकी थी। सुबह पांच बजे से पहले ही मंडी के बाहर तक वाहनों की कतारे लग गई थी, जो लगातार बढ़ती गई। नई अनाजमंडी से लेकर निसिंग बस अड्डा तक व मंडी से सिंघडा तक एवं मंडी से कैथल रोड तक सभी सड़कों पर डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी कतारें लगी थी। जिससे जाम की व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। व्यापार मंडल के प्रधान बलबीर राणा ने बताया कि मंडी में 2040 के दामों तक पीआर धान की खरीद की गई।
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करनाल। कर्टाई जोरों पर है, इसके साथ ही धान की आवक मंडियों में संभल नहीं रही है। हर तरफ जाम की स्थिति बनी हुई है। जिसे देखते हुए करनाल मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने एक बार फिर 17 अक्तूबर को धान की खरीद बंद रखने का फैसला लिया है। इसलिए मार्केट कमेटी द्वारा शनिवार की शाम सात बजे के बाद कोई गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। 18 अक्तूबर की सुबह पांच बजे से ही गेटपास कटेंगे और खरीद शुरू होगी। शुक्रवार को जिलेभर की अनाज मंडियों में कुल 493530 क्विंटल धान की खरीद की गई है। जिससे जिले में अब तक कुल धान की खरीद 5456020 क्विंटल पहुंच गई है। हालांकि पिछले साल 15 अक्तूबर तक धान की खरीद 6142530 क्विंटल थी।
पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि करनाल अनाज मंडी में धान अधिक पहुंच गया है। उठान की स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए आढ़तियों की आढ़तों पर धान उतरवाने की जगह ही नहीं बची है। इसलिए 17 अक्तूबर को एक बार मंडी में खरीद बंद रखने का फैसला लिया गया है, ताकि इस दिन उठान हो सके और मंडी में जगह बन सके। सभी आढ़तियों, किसानों, राइस मिलर्स से अपील की गई है कि वह रविवार खरीद बंद रखे। राईस मिलर्स अपने धान की लिफ्टिंग लिफ्टिंग कराएं, यदि किसी राइस मिलर के पास लिफ्टिंग करवाने के लिए लेबर नहीं है तो आढ़ती अपनी लेबर से सिलाई और लोडिंग करवा दें, उसकी जो भी लेबर बनेगी, राइस मिलर दे दी जाएगी। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वह 16 अक्तूूबर को शाम के बाद धान न लाएं। क्योंकि मार्केट कमेटी शाम 7 बजे के बाद गेटपास जारी नहीं करेगी।18 अक्तूूबर यानी सोमवार को करनाल मंडी खुलेगी।
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हैफेड ने किया 138 करोड़ का भुगतान
-किसानों को समयबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है। 14 अक्तूबर तक हैफेड ने कुल 1.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है, जिसमें से 138 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जो कुल खरीद का 60 प्रतिशत है।
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अनिल अहलावत, जिला प्रबंधक हैफेड करनाल।
आढ़ती ने मुनीम को मारा थप्पड़, मुनीमों ने किया कार्य बहिष्कार, मंडी में जड़ा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। नई अनाज मंडी में एक आढ़ती ने गुस्से में आकर मुनीम को थप्पड़ जड़ दिया। इससे गुस्साए विभिन्न आढ़तों के मुनीमों ने कार्य बहिष्कार कर करके मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया। मुनीमों ने आढ़ती के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन कर आढ़ती के खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की।
बाद में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतीश बल्हारा, सुरजीत राणा आदि ने तीन दिन तक उक्त आढ़ती की खरीद व उठान बंद करने का फैसला सुनाते हुए मुनीमों को वापस काम शुरू करने को किया।
शुक्त्रस्वार दोपहर को लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी का मुनीम सुशील कुमार उर्फ सिल्ला अपनी धान की उठान के लिए गाड़ी लगवा रहा था। आढ़ती ने मुनीम को बोला कि उनकी फर्म ने उसकी दुकान से धान खरीद की है। इसलिए यह गाड़ी उसकी दुुकान की धान को उठाएगी। धान उठान के लिए गाड़ी लगवाने की बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। गुस्साए आढ़ती गुरनाम ने मुनीम सुशील को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद सभी मुनीमों ने इकट्ठे होकर गेट को ताला लगा दिया। करीब एक घंटे तक मंडी का गेट बंद रहा। बाद में आढ़ती एसोसिएशन के आश्वासन के बाद मुनीम माने। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मुनीमों ने मंडी के गेट को बंद किया था। जबकि डेढ़ बजे वह ताला खोलने के लिए माने और अपने काम पर लौट गए। मुनीमों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन तक उक्त आढ़ती ने माफी नहीं मांगी तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
सड़कों पर दिनभर रहा जाम, 1365 गेटपास काटे
निसिंग। वीरवार को अनाज मंडी में गेटपास नहीं काटे गए थे लेकिन शुक्रवार को गेटपास काटने शुरू किए गए तो उससे पहले ही लंबी लंबी लाइनें लगी हुई थी। सुबह से शाम पांच बजे तक मंडी में 1365 गेटपास काटे गए। जबकि महज 12 घंटों में साढे 74 हजार धान की आवक हो चुकी थी। सुबह पांच बजे से पहले ही मंडी के बाहर तक वाहनों की कतारे लग गई थी, जो लगातार बढ़ती गई। नई अनाजमंडी से लेकर निसिंग बस अड्डा तक व मंडी से सिंघडा तक एवं मंडी से कैथल रोड तक सभी सड़कों पर डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी कतारें लगी थी। जिससे जाम की व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। व्यापार मंडल के प्रधान बलबीर राणा ने बताया कि मंडी में 2040 के दामों तक पीआर धान की खरीद की गई।