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आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता के हत्यारे को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के मालिक डॉ. राजीव गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी को जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं अदा करने पर दोषी को पांच माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
जिला अटार्नी डॉ. पंकज ने बताया कि घटनाक्रम के अनुसार छह जुलाई 2019 की शाम साढ़े छह बजे के करीब डॉक्टर राजीव (आईएमए के पूर्व अध्यक्ष) अपने ड्राइवर साहिल के साथ क्रेटा कार में पुराने अस्पताल से नए अस्पताल आईटीआई चौक की ओर आ रहे थे। जब उनकी कार सेक्टर-16 चौक के समीप ब्रेकर पर धीमी हुई तो बाइक सवार आरोपी पवन ने डॉक्टर पर छह राउंड फायर किए। इनमें से तीन गोली डॉक्टर की छाती पर लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच में सामने आया था कि आरोपी पवन के साथ उसके साथी रमन और शिवकुमार भी थे।
वारदात के करीब 10 घंटे बाद ही पुलिस की सीआईए वन टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि पवन 10 साल से डॉ. राजीव के अस्पताल में डायलिसिस तकनीशियन के पद पर कार्य करता था। दिसंबर 2018 में उसे डॉक्टर ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद आरोपी ने कई अस्पतालों में नौकरी के लिए प्रयास किए, लेकिन उसे किसी ने नहीं रखा। ऐसे में आरोपी पवन को लगा कि डॉक्टर राजीव उसकी नौकरी नहीं लगने दे रहे हैं। इस कारण उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
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इन धाराओं में मिली सजा
दोषी पवन को आईपीसी की धारा-302 के तहत आजीवन कारावास के साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 120बी के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 25 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मृतक के परिवार को दिए जाएंगे एक लाख रुपये
जिला अदालत ने यह भी आदेश जारी किए हैं कि मृतक डॉ. राजीव गुप्ता के परिवार को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। यदि दोषी यह राशि नहीं देता तो उसे इसके बदले एक साल की सजा अलग से काटनी होगी।
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करनाल। अमृतधारा अस्पताल के मालिक डॉ. राजीव गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी को जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं अदा करने पर दोषी को पांच माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
जिला अटार्नी डॉ. पंकज ने बताया कि घटनाक्रम के अनुसार छह जुलाई 2019 की शाम साढ़े छह बजे के करीब डॉक्टर राजीव (आईएमए के पूर्व अध्यक्ष) अपने ड्राइवर साहिल के साथ क्रेटा कार में पुराने अस्पताल से नए अस्पताल आईटीआई चौक की ओर आ रहे थे। जब उनकी कार सेक्टर-16 चौक के समीप ब्रेकर पर धीमी हुई तो बाइक सवार आरोपी पवन ने डॉक्टर पर छह राउंड फायर किए। इनमें से तीन गोली डॉक्टर की छाती पर लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच में सामने आया था कि आरोपी पवन के साथ उसके साथी रमन और शिवकुमार भी थे।
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वारदात के करीब 10 घंटे बाद ही पुलिस की सीआईए वन टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि पवन 10 साल से डॉ. राजीव के अस्पताल में डायलिसिस तकनीशियन के पद पर कार्य करता था। दिसंबर 2018 में उसे डॉक्टर ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद आरोपी ने कई अस्पतालों में नौकरी के लिए प्रयास किए, लेकिन उसे किसी ने नहीं रखा। ऐसे में आरोपी पवन को लगा कि डॉक्टर राजीव उसकी नौकरी नहीं लगने दे रहे हैं। इस कारण उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
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इन धाराओं में मिली सजा
दोषी पवन को आईपीसी की धारा-302 के तहत आजीवन कारावास के साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 120बी के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 25 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मृतक के परिवार को दिए जाएंगे एक लाख रुपये
जिला अदालत ने यह भी आदेश जारी किए हैं कि मृतक डॉ. राजीव गुप्ता के परिवार को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। यदि दोषी यह राशि नहीं देता तो उसे इसके बदले एक साल की सजा अलग से काटनी होगी।