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लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट जल्द
कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 15 Jan 2014 08:47 AM IST
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परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि आज के दौर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकना सबसे बड़ा चिंतन का विषय है। सरकार ने सुनहरे भविष्य (युवा पीढ़ी) को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए 50 करोड़ की लागत से तीन ड्राइविंग स्कूल स्थापित किए हैं।
इन प्रयासों के चलते हरियाणा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।
आफताब अहमद मंगलवार को सेक्टर-13 स्थित अग्रसेन स्कूल के सभागार में परिवहन विभाग की तरफ से आयोजित 25वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर विभाग को फर्क नहीं पड़ने वाला। हालांकि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए तैयार है और कर्मचारियों के साथ बातचीत जारी रहेगी।
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आफताब अहमद ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रशासन को नेशनल हाईवे पर अपनी-अपनी लेन में वाहन चलाने के लिए सख्ती से नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा स्कूलों में जाकर ट्रैफिक नियमों की जानकारी देनी होगी।
इस मौके परिवहन विभाग की आयुक्त सुमिता मिश्रा ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा मौत सड़क दुर्घटनाओं के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने मिलकर कई सार्थक कदम उठाए हैं और इन्हीं प्रयासों से हादसों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन ड्राइविंग स्कूल बनाए हैं और लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया को सांइटिफिक बनाया जा रहा है।
एक या दो माह में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना जरूरी है।
हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम के चेयरमैन अनील धंतौड़ी ने कहा कि हरियाणा देश में सबसे उभरता राज्य है। इस प्रदेश में सड़क दुर्घटना एक ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नियमानुसार वाहन नहीं चलाने चाहिए।
तीन वर्षों में घटे हैं दुर्घटनाओं के मामले-मिश्रा
परिवहन विभाग की आयुक्त सुमिता मिश्रा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दुर्घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2010 के मुकाबले 2013 में दुर्घटनाओं के 800 मामले कम हुए हैं। 2010 में 10 हजार 900 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि 2013 में यह आंकड़ा 10 हजार 100 का रहा।
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इन प्रयासों के चलते हरियाणा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।
आफताब अहमद मंगलवार को सेक्टर-13 स्थित अग्रसेन स्कूल के सभागार में परिवहन विभाग की तरफ से आयोजित 25वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर विभाग को फर्क नहीं पड़ने वाला। हालांकि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए तैयार है और कर्मचारियों के साथ बातचीत जारी रहेगी।
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आफताब अहमद ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रशासन को नेशनल हाईवे पर अपनी-अपनी लेन में वाहन चलाने के लिए सख्ती से नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा स्कूलों में जाकर ट्रैफिक नियमों की जानकारी देनी होगी।
इस मौके परिवहन विभाग की आयुक्त सुमिता मिश्रा ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा मौत सड़क दुर्घटनाओं के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने मिलकर कई सार्थक कदम उठाए हैं और इन्हीं प्रयासों से हादसों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन ड्राइविंग स्कूल बनाए हैं और लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया को सांइटिफिक बनाया जा रहा है।
एक या दो माह में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना जरूरी है।
हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम के चेयरमैन अनील धंतौड़ी ने कहा कि हरियाणा देश में सबसे उभरता राज्य है। इस प्रदेश में सड़क दुर्घटना एक ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नियमानुसार वाहन नहीं चलाने चाहिए।
तीन वर्षों में घटे हैं दुर्घटनाओं के मामले-मिश्रा
परिवहन विभाग की आयुक्त सुमिता मिश्रा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दुर्घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2010 के मुकाबले 2013 में दुर्घटनाओं के 800 मामले कम हुए हैं। 2010 में 10 हजार 900 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि 2013 में यह आंकड़ा 10 हजार 100 का रहा।