{"_id":"6748d788cde83cfd590e13d5","slug":"lack-of-facilities-in-karan-stadium-karnal-news-c-18-knl1008-528404-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं का टोटा
Fri, 29 Nov 2024 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 29 Nov 2024 02:20 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। यहां के एथलेटिक्स ट्रैक, कुश्ती हॉल की स्थिति खराब है। सिंथेटिक ट्रैक के पास में ही खिलाड़ियों के लिए बनाए गए शौचालयों की स्थिति काफी खस्ता है, गंदगी से लबालब बदबूदार शौचालयों में जाना खिलाड़ी पसंद नहीं करते।
कर्ण स्टेडियम में छह वर्ष पहले करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक पर पानी की निकासी उचित न होने के कारण, अब यह ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्ट भी गंदगी से अटे है। एथलेटिक्स ट्रैक के साथ लगते ही शौचालयों के सामने गंदगी के अंबार लगे है वॉलीबॉल कोर्ट के अंदर दर्शकों के लिए लगाए गए सीमेंट के बेंच टूटे पड़ें है। कोर्ट के चारों ओर बना लोहे का जाल भी टूटने लगा है। बास्केटबॉल कोर्ट का ट्रैक भी पानी रुकने के कारण उखड़ने लगा है। इसके साथ ही लगते स्केटिंग हॉल की स्थिति बदतर है, यहां तारों का खुला जंजाल है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यहीं पर टूटे हुए खेल उपकरणों का ढ़ेर लगा है तथा शौचालयों पर ताला जड़ा है।
छह वर्ष पहले कर्ण स्टेडियम में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से जिले में बेहतर एथलीट तैयार करने के लिए सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण करवाया गया था। अब इस ट्रैक पर पानी की निकासी के लिए बने सभी छिद्र बंद हो चुके है इससे ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं चार वर्ष पहले 2.44 करोड़ रुपये की लागत से तीन वॉलीबॉल और दो बास्केटबॉल कोर्ट को सिंथेटिक बनाया गया था। चार साल बाद ही ये कोर्ट उखड़ने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। यहां के एथलेटिक्स ट्रैक, कुश्ती हॉल की स्थिति खराब है। सिंथेटिक ट्रैक के पास में ही खिलाड़ियों के लिए बनाए गए शौचालयों की स्थिति काफी खस्ता है, गंदगी से लबालब बदबूदार शौचालयों में जाना खिलाड़ी पसंद नहीं करते।
कर्ण स्टेडियम में छह वर्ष पहले करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक पर पानी की निकासी उचित न होने के कारण, अब यह ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्ट भी गंदगी से अटे है। एथलेटिक्स ट्रैक के साथ लगते ही शौचालयों के सामने गंदगी के अंबार लगे है वॉलीबॉल कोर्ट के अंदर दर्शकों के लिए लगाए गए सीमेंट के बेंच टूटे पड़ें है। कोर्ट के चारों ओर बना लोहे का जाल भी टूटने लगा है। बास्केटबॉल कोर्ट का ट्रैक भी पानी रुकने के कारण उखड़ने लगा है। इसके साथ ही लगते स्केटिंग हॉल की स्थिति बदतर है, यहां तारों का खुला जंजाल है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यहीं पर टूटे हुए खेल उपकरणों का ढ़ेर लगा है तथा शौचालयों पर ताला जड़ा है।
विज्ञापन
छह वर्ष पहले कर्ण स्टेडियम में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से जिले में बेहतर एथलीट तैयार करने के लिए सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण करवाया गया था। अब इस ट्रैक पर पानी की निकासी के लिए बने सभी छिद्र बंद हो चुके है इससे ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं चार वर्ष पहले 2.44 करोड़ रुपये की लागत से तीन वॉलीबॉल और दो बास्केटबॉल कोर्ट को सिंथेटिक बनाया गया था। चार साल बाद ही ये कोर्ट उखड़ने लगे हैं।
विज्ञापन