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Karnal News: एचएसवीपी के प्लॉट के बीच कोस मीनार, विरासत के किले से लेकर टीले हो रहे ढेर

Sun, 25 Jan 2026 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 25 Jan 2026 02:49 AM IST
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Kos Minar, heritage fort and mounds pile up amidst HSVP plots
जितेंद्र नरवाल
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करनाल।कर्णनगरी करनाल की धरोहरों के हालत खस्ता है। यहां सिर्फ कर्ण के नाम से कर्ण लेक, कर्ण पार्क जैसे उद्यान ही हैं। बाकी हजारों साल पुराने किलों से लेकर टीले अस्तित्व खोते जा रहे हैं। सरकार इनके जीर्णोद्धार की बात तो कर रही है लेकिन परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। इंद्री का शीशमहल खस्ताहाल हो चुका है। असंध में जरासंध के टीले पर लोग पशु बाधंते हैं, गोबर से उपले बनाते हैं। तरावड़ी में पृथ्वीराज चौहान के किले में लोगों ने घर तक बना लिए हैं। करनाल में सेक्टर 12 पार्ट-2 में कोस मीनार वाले स्थान पर एचएसवीपी ने प्लॉट काट दिया है। लॉट के बीच में मीनार खड़ी है। पुरातत्व विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
शीशमहल और नौ लखा बाग-


इंद्री में शीशमहल मुगल काल के बाद के समय का माना जाने वाला किला है। शीश महल परिसर में कभी नौलखा बाग होता था जो असाधारण जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध था। इसमें कभी लगभग 9,00,000 प्रकार के पेड़-पौधे हुआ करते थे। कुछ लोग शीश महल को रानी निहाल्दी का किला बताते हैं। छोटी ईटों से बने इस किले में अब गुंबद, गलियारे और ऊपर लटकती हुई खिड़कियां ही बची हैं। किला झाड़ियों से घिरा हुआ है। देखभाल के अभाव में हालत और खराब हो रही है।
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असंध में जरासंध का टीला

- असंध में जरासंध के नाम से विख्यात टीला अब मिट्टी का ढेर ही रह गया है। यहां लोग पशु बांधते हैं। उपले बनाते हैं। इस टीले के चारों ओर घर बन चुके हैं। सरकार ने इसके चारों ओर रेलिंग तो लगा दी है लेकिन जमीन खाली पड़ी है। स्थानीय मान्यता है कि यहां महाभारतकालीन राजा जरासंध का किला था लेकिन पुरातात्विक रूप से यह कुषाण कालीन (लगभग 2000 वर्ष पुराना) एक विशाल बौद्ध स्तूप है। यह स्थल हरियाणा की संरक्षित धरोहरों में से एक है।
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पृथ्वीराज का किला हुआ जर्जर
इतिहास के पन्नों में तराईन के नाम से जाने जाने वाली तरावड़ी में पृथ्वीराज चौहान का किला आज भी है। बताया जाता है कि पृथ्वीराज चौहान ने सैनिकों के विश्राम के लिए इस किले का निर्माण करवाया था। अब ये किला खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। दीवारें जर्जर हो रही हैं। इस किले के आसपास अब लोगों ने अपने घर बना लिए हैं। यहां तक कि किले के अंदर भी लोगों ने अपने घर बना लिए हैं। इससे इस किले का इतिहास लगभग समाप्त ही होता जा रहा है।
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