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कर्णनगरी के फार्मा हब बनने का सपना होगा साकार, बढ़ेगा रोजगार
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हरियाणा सरकार कर्णनगरी में फार्मा हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। जिससे शहर में फार्मा पार्क विकसित होने का सपना साकार होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं, वहीं इससे रोजगार भी बढ़ेगा। एमएसएमई की ओर से नए उद्योग लगाने पर रियायतों के अलावा सरकार हरियाणा फार्मा पॉलिसी के तहत उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए कई विशेष अनुदान व सहायता देने जा रही है। करीब 100 एकड़ जमीन पर फार्मा पार्क बनाने के लिए जमीन की तलाश तेज कर दी गई है।
जिले में करीब सौ दवा उद्योग हैं, जिसमें एलोपैथिक के साथ-साथ आयुर्वेदिक उद्यम भी शामिल हैं। जिनका वार्षिक टर्नओवर करीब एक हजार करोड़ है। जिससे करनाल प्रदेश में नया फार्मा हब के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री पहले ही करनाल में फार्मा पार्क बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके साथ-साथ यहां पर एमएसएमई विभाग को अलग करके कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। अब हरियाणा सरकार ने करनाल में फार्मा इंडस्ट्री को नई उड़ान देने के लिए कई रियायतें और अनुदान का एलान किया है। ताकि फार्मा कंपनियां तेजी के साथ अपने उद्यम स्थापित करने के लिए आकर्षित हो सकें।
राज्य औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा ने बताया कि एमएसएमई के तहत जो सुविधाएं और अनुदान दिया जा रहा है, उसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार ने फार्मा इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। करनाल को फार्मा हब बनाने की दिशा में तेजी के साथ काम किया जा रहा है। फार्मा पार्क में सरकार ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाकर देगी।
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श्रमिकों को तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता देगी सरकार
राज्य औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा ने बताया कि जो फार्मा उद्यमी हैं, वे नया उद्योग लगाते हैं तो सरकार प्रति श्रमिक 36000 रुपये वार्षिक यानी करीब तीन हजार रुपये प्रति श्रमिक सहायता देगी। यदि श्रमिक अनुसूचित जाति का है तो उसे 48000 रुपये यानी चार हजार रुपये वार्षिक की सहायता देगी। इसका भुगतान उद्यमी के माध्यम से ही किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से फिक्स इंवेस्टमेंट पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति फार्मा इंडस्ट्री लगाता है तो उसे अधिकतम 50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
दो प्रतिशत बिजली बिल माफ करेगी सरकार
फार्मा उद्योग लगाने पर अब हरियाणा सरकार बिजली का भी दो प्रतिशत बिल माफ करेगी, क्योंकि किसी भी उद्योग को संचालित करने के लिए बिजली का खर्च काफी अधिक होता है, इसलिए सरकार ने बिजली बिल में भी मदद करने की योजना बनाई है।
उद्यम के लिए ऑनलाइन लाइसेंस जारी होंगे
नया उद्योग लगाने के लिए अब तक काफी दौड़ धूप करनी होती थी। कई दफ्तरों के चक्कर भी लगाने होते थे, लेकिन सरकार ने उद्यम स्थापित करने के लिए लाइसेंस को ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की है।
वर्जन
करनाल में फार्मा पार्क स्थापित करना मुख्यमंत्री का सपना है। उन्होंने इसकी घोषणा भी कर रखी है। इससे वायर को सभी दवाइयां, स्टाल आदि एक कैंपस में मिल जाएंगे। निर्यात में भी बड़ी मदद मिलेगी। शहर फार्मा हब के रूप से विकसित हो सकेगा। फार्मा उद्यमियों की सबसे बड़ी मांग ये है कि उन्हें सस्ती दर पर प्लॉट दिलाए जाएंगे। सरकार के साथ-साथ उद्यमी भी 100 एकड़ जमीन की तलाश कर रहे हैं। जमीन मिलते ही फार्मा पार्क को हरी झंडी मिल जाएगी।
- आरएल शर्मा, प्रधान हरियाणा फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन
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वर्जन
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत नया उद्योग लगाने पर बेरोजगार युवक-युवतियों को 15 से 35 प्रतिशत तक का अनुदान देय है। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर 50 लाख, सर्विस सेक्टर में 20 लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। बैंक से भी ऋण दिलाने में मदद की जाएगी। किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाएगी। आवेदकों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़कर सीधे एमएसएमई कार्यालय करनाल से संपर्क करना चाहिए।
- सुनीता कत्याल, उपनिदेशक जिला एमएसएमई करनाल
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जिले में करीब सौ दवा उद्योग हैं, जिसमें एलोपैथिक के साथ-साथ आयुर्वेदिक उद्यम भी शामिल हैं। जिनका वार्षिक टर्नओवर करीब एक हजार करोड़ है। जिससे करनाल प्रदेश में नया फार्मा हब के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री पहले ही करनाल में फार्मा पार्क बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके साथ-साथ यहां पर एमएसएमई विभाग को अलग करके कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। अब हरियाणा सरकार ने करनाल में फार्मा इंडस्ट्री को नई उड़ान देने के लिए कई रियायतें और अनुदान का एलान किया है। ताकि फार्मा कंपनियां तेजी के साथ अपने उद्यम स्थापित करने के लिए आकर्षित हो सकें।
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राज्य औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा ने बताया कि एमएसएमई के तहत जो सुविधाएं और अनुदान दिया जा रहा है, उसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार ने फार्मा इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। करनाल को फार्मा हब बनाने की दिशा में तेजी के साथ काम किया जा रहा है। फार्मा पार्क में सरकार ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाकर देगी।
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श्रमिकों को तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता देगी सरकार
राज्य औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा ने बताया कि जो फार्मा उद्यमी हैं, वे नया उद्योग लगाते हैं तो सरकार प्रति श्रमिक 36000 रुपये वार्षिक यानी करीब तीन हजार रुपये प्रति श्रमिक सहायता देगी। यदि श्रमिक अनुसूचित जाति का है तो उसे 48000 रुपये यानी चार हजार रुपये वार्षिक की सहायता देगी। इसका भुगतान उद्यमी के माध्यम से ही किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से फिक्स इंवेस्टमेंट पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति फार्मा इंडस्ट्री लगाता है तो उसे अधिकतम 50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
दो प्रतिशत बिजली बिल माफ करेगी सरकार
फार्मा उद्योग लगाने पर अब हरियाणा सरकार बिजली का भी दो प्रतिशत बिल माफ करेगी, क्योंकि किसी भी उद्योग को संचालित करने के लिए बिजली का खर्च काफी अधिक होता है, इसलिए सरकार ने बिजली बिल में भी मदद करने की योजना बनाई है।
उद्यम के लिए ऑनलाइन लाइसेंस जारी होंगे
नया उद्योग लगाने के लिए अब तक काफी दौड़ धूप करनी होती थी। कई दफ्तरों के चक्कर भी लगाने होते थे, लेकिन सरकार ने उद्यम स्थापित करने के लिए लाइसेंस को ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की है।
वर्जन
करनाल में फार्मा पार्क स्थापित करना मुख्यमंत्री का सपना है। उन्होंने इसकी घोषणा भी कर रखी है। इससे वायर को सभी दवाइयां, स्टाल आदि एक कैंपस में मिल जाएंगे। निर्यात में भी बड़ी मदद मिलेगी। शहर फार्मा हब के रूप से विकसित हो सकेगा। फार्मा उद्यमियों की सबसे बड़ी मांग ये है कि उन्हें सस्ती दर पर प्लॉट दिलाए जाएंगे। सरकार के साथ-साथ उद्यमी भी 100 एकड़ जमीन की तलाश कर रहे हैं। जमीन मिलते ही फार्मा पार्क को हरी झंडी मिल जाएगी।
- आरएल शर्मा, प्रधान हरियाणा फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत नया उद्योग लगाने पर बेरोजगार युवक-युवतियों को 15 से 35 प्रतिशत तक का अनुदान देय है। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर 50 लाख, सर्विस सेक्टर में 20 लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। बैंक से भी ऋण दिलाने में मदद की जाएगी। किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाएगी। आवेदकों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़कर सीधे एमएसएमई कार्यालय करनाल से संपर्क करना चाहिए।
- सुनीता कत्याल, उपनिदेशक जिला एमएसएमई करनाल