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गुरुग्राम और सोनीपत के बाद सबसे ज्यादा करनाल की सड़कों पर मर रहे लोग
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सड़क हादसों और हादसों में मौत के मामले में गुरुग्राम और सोनीपत के बाद करनाल प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। यह हम नहीं ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े बता रहे हैं। इसलिए यह भी एक कारण है कि प्रशासन को रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक इस बार गुपचुप तरीके से करनी पड़ी, ताकि उनकी नाकामी उजागर न हो। करनाल में रोजाना औसतन दो सड़क हादसों में एक मौत और दो लोग घायल हो रहे हैं। वजह, नेशनल और स्टेट हाईवे की खामियां, लेकिन इनको दुरुस्त करने के लिए एनएचएआई, टोल कंपनी सोमा और जिला प्रशासन की ओर से काम नहीं किया जा रहा। कोई जवाब न मांगे, इसलिए प्रशासन की इस विषय पर चर्चा भी बंद कमरे में होने लगी है।
21 माह में 1235 हादसों में 623 मौत, 992 घायल
जनवरी 2018 से 30 सितंबर 2019 तक ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, गुरुग्राम हादसों और मौत के मामले में प्रदेश में पहले नंबर पर है। यहां 1914 हादसों में 767 मौत हुई। दूसरे नंबर पर रहने वाले सोनीपत में 1328 हादसों में 717 मौत हुई, जबकि तीसरे नंबर पर रहने वाले करनाल में 1235 हादसों में 623 मौत और 992 लोग घायल हुए।
रोड सेफ्टी विशेषज्ञ बोले, अधिकारियों की नाकामी बयां कर रहे आंकड़े
रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़े बयां कर रहे हैं कि अधिकारी सड़क सुरक्षा को लेकर कितना चिंतित हैं। सड़क पर मरने वाले आंकड़े कम नहीं हो रहे। एडवोकेट राजकुमार कनौजिया का कहना है कि अधिकारी चाहें तो मौत के इस आंकड़े को कम किया जा सकता है। बशर्ते उन्हें सड़कों के हालात सुधारने होंगे। लेकिन करनाल में तो ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है।
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तो क्या नंबर-1 पर लाएंगे हादसों में मौत का आंकड़ा
नेशनल हाईवे पर कई जगह ग्रील टूटी हुई है, सड़क उखड़ी है, नाले खुले हैं, पुलों की भी साइड ग्रिल गायब है, कई जगह पुलों की चौड़ाई कम है। और तो और एनएच के साथ-साथ स्टेट हाईवे की सड़कों में धुंध के सीजन में सफेट पट्टी तक गायब है। इस पर रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि इन सब खामियों को जानते हुए भी कुछ काम नहीं हो रहा, तो क्या प्रशासन अब हादसे और मौत के आंकड़े को प्रदेश में नंबर वन पर लाना चाहता है।
करनाल में इस वर्ष में इतने हुये हादसे
वर्ष 2018 2019 कुल
हादसे 692 543 1235
मौत 353 270 623
घायल 572 420 992
नोट : वर्ष 2019 के आंकड़े 30 सितंबर तक के है।
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21 माह में 1235 हादसों में 623 मौत, 992 घायल
जनवरी 2018 से 30 सितंबर 2019 तक ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, गुरुग्राम हादसों और मौत के मामले में प्रदेश में पहले नंबर पर है। यहां 1914 हादसों में 767 मौत हुई। दूसरे नंबर पर रहने वाले सोनीपत में 1328 हादसों में 717 मौत हुई, जबकि तीसरे नंबर पर रहने वाले करनाल में 1235 हादसों में 623 मौत और 992 लोग घायल हुए।
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रोड सेफ्टी विशेषज्ञ बोले, अधिकारियों की नाकामी बयां कर रहे आंकड़े
रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़े बयां कर रहे हैं कि अधिकारी सड़क सुरक्षा को लेकर कितना चिंतित हैं। सड़क पर मरने वाले आंकड़े कम नहीं हो रहे। एडवोकेट राजकुमार कनौजिया का कहना है कि अधिकारी चाहें तो मौत के इस आंकड़े को कम किया जा सकता है। बशर्ते उन्हें सड़कों के हालात सुधारने होंगे। लेकिन करनाल में तो ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है।
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तो क्या नंबर-1 पर लाएंगे हादसों में मौत का आंकड़ा
नेशनल हाईवे पर कई जगह ग्रील टूटी हुई है, सड़क उखड़ी है, नाले खुले हैं, पुलों की भी साइड ग्रिल गायब है, कई जगह पुलों की चौड़ाई कम है। और तो और एनएच के साथ-साथ स्टेट हाईवे की सड़कों में धुंध के सीजन में सफेट पट्टी तक गायब है। इस पर रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि इन सब खामियों को जानते हुए भी कुछ काम नहीं हो रहा, तो क्या प्रशासन अब हादसे और मौत के आंकड़े को प्रदेश में नंबर वन पर लाना चाहता है।
करनाल में इस वर्ष में इतने हुये हादसे
वर्ष 2018 2019 कुल
हादसे 692 543 1235
मौत 353 270 623
घायल 572 420 992
नोट : वर्ष 2019 के आंकड़े 30 सितंबर तक के है।