{"_id":"843c900d69907d0717c96dda4248f19f","slug":"karnal-news-hindi-news-54","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सीएम के गढ़ में गरजेंगे सुरजेवाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब सीएम के गढ़ में गरजेंगे सुरजेवाला
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Tue, 27 Oct 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाल्मीकि जयंती पर कांग्रेस के गढ़ कैथल में सफल रैली और कैथल पर सीएम की
विज्ञापन
मेहरबानियों से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सीएम ने तीन बड़ी घोषणाएं
करके एक तरह से सुरजेवाला परिवार के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश की, वहीं
सीएम मनोहर लाल खट्टर पहले से ही कैथल विधानसभा के सबसे बड़े गांव क्योड़क
को गोद लेकर अपना पासा फेंक चुके हैं। अब सफल रैली और घोषणाओं ने फिर से
माहौल को गरमा दिया है।
सीएम के कैथल पर लगातार फोकस करने से कैथल के विधायक और कांग्रेस के दिग्गज और तेज तर्रार नेता हमलावर हो गए हैं। रणदीप सुरजेवाला व उनके समर्थक अब सीएम के गढ़ में आकर ललकारेंगे। योजना के अनुसार 31 अक्टूबर को रणदीप सुरजेवाला व उनके समर्थक करनाल में रोष प्रदर्शन करेंगे। बिजली बिल, बढ़ती महंगाई और किसानों के मुद्दों को आगे रखते हुए सुरजेवाला एक तरह से सीधे सरकार पर हमला बोलेंगे। गौरतलब है कि कैथल से रणदीप सुरजेवाला के पिता विधायक और दो बार रणदीप विधायक बने।
ऐसे में कांग्रेस की सबसे सेफ सीट कैथल को माना जाता है, लेकिन जिस प्रकार सीएम मनोहर लाल खट्टर व उनकी टीम कैथल पर फोकस कर रही है, उससे कांग्रेस के गढ़ में सेंधमारी का आभास कांग्रेस को भी है। सीएम ने कैथल के गांव क्योड़क को गोद ले रखा है तो सांसद राजकुमार सैनी ने सांघन को, वहीं, 24 अक्टूबर को गांव क्योड़क में पशुपालन विवि के रीजनल सेंटर, तीर्थ के लिए पांच करोड़ और मुंदड़ी में संस्कृत महर्षि बाल्मीकि संस्कृत विवि खोलने की घोषणा ने सुरजेवाला की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में एक रणदीप सुरजेवाला और उसके समर्थकों ने बिजली और पानी आदि मुद्दों को आगे रखकर भाजपा और सीएम मनोहर के गढ़ में ललकारने की रणनीति बनाई। 31 अक्टूबर को रणदीप सुरजेवाला के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ता करनाल में विरोध प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि इससे पहले रणदीप के नेतृत्व में कैथल और जींद में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। करनाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की खुद रणदीप सुरजेवाला ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार हर मोर्च पर फेल रही है। इसलिए जनता को जगाने के लिए वे करनाल में रोष जताएंगे।
कहीं ये सीएम की दावेदारी तो नहीं
उधर, राजनीति के जानकार मानते हैं कि रणदीप सुरजेवाला भी कांग्रेस में सीएम की दावेदारी जताने के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। जींद और कैथल में वे अपनी ताकत दिखा चुके हैं। क्योंकि करनाल सीएम सिटी है, ऐसे में यहां का विरोध प्रदर्शन भी मायने रखता है। कांग्रेस में पहले से ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर व किरण चौधरी अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीएम के कैथल पर लगातार फोकस करने से कैथल के विधायक और कांग्रेस के दिग्गज और तेज तर्रार नेता हमलावर हो गए हैं। रणदीप सुरजेवाला व उनके समर्थक अब सीएम के गढ़ में आकर ललकारेंगे। योजना के अनुसार 31 अक्टूबर को रणदीप सुरजेवाला व उनके समर्थक करनाल में रोष प्रदर्शन करेंगे। बिजली बिल, बढ़ती महंगाई और किसानों के मुद्दों को आगे रखते हुए सुरजेवाला एक तरह से सीधे सरकार पर हमला बोलेंगे। गौरतलब है कि कैथल से रणदीप सुरजेवाला के पिता विधायक और दो बार रणदीप विधायक बने।
ऐसे में कांग्रेस की सबसे सेफ सीट कैथल को माना जाता है, लेकिन जिस प्रकार सीएम मनोहर लाल खट्टर व उनकी टीम कैथल पर फोकस कर रही है, उससे कांग्रेस के गढ़ में सेंधमारी का आभास कांग्रेस को भी है। सीएम ने कैथल के गांव क्योड़क को गोद ले रखा है तो सांसद राजकुमार सैनी ने सांघन को, वहीं, 24 अक्टूबर को गांव क्योड़क में पशुपालन विवि के रीजनल सेंटर, तीर्थ के लिए पांच करोड़ और मुंदड़ी में संस्कृत महर्षि बाल्मीकि संस्कृत विवि खोलने की घोषणा ने सुरजेवाला की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में एक रणदीप सुरजेवाला और उसके समर्थकों ने बिजली और पानी आदि मुद्दों को आगे रखकर भाजपा और सीएम मनोहर के गढ़ में ललकारने की रणनीति बनाई। 31 अक्टूबर को रणदीप सुरजेवाला के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ता करनाल में विरोध प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि इससे पहले रणदीप के नेतृत्व में कैथल और जींद में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। करनाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की खुद रणदीप सुरजेवाला ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार हर मोर्च पर फेल रही है। इसलिए जनता को जगाने के लिए वे करनाल में रोष जताएंगे।
कहीं ये सीएम की दावेदारी तो नहीं
उधर, राजनीति के जानकार मानते हैं कि रणदीप सुरजेवाला भी कांग्रेस में सीएम की दावेदारी जताने के लिए अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। जींद और कैथल में वे अपनी ताकत दिखा चुके हैं। क्योंकि करनाल सीएम सिटी है, ऐसे में यहां का विरोध प्रदर्शन भी मायने रखता है। कांग्रेस में पहले से ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर व किरण चौधरी अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।