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किसानों में चले लाठी-डंडे
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Tue, 06 Oct 2015 12:59 AM IST
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नई अनाजमंडी में सोमवार को किसान और मजदूर आमने-सामने हो गए। दोनों में
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लाठी-डंडे चले। इसमें चार किसान और बीच बचाव करने आईं सफाई महिलाएं भी घायल
हो गईं। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पहले मजदूरों ने किसानों पर डंडे बरसाए
और बाद में किसानों ने मजदूरों को दौड़ाया। पूरे विवाद में चार से पांच
किसान घायल हो गए, जबकि कई मजदूरों को भी चोटें आई हैं। बाद में पुलिस ने
चार-पांच मजदूरों को हिरासत में ले लिया।
विवाद के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक मंडी में टकराव की स्थिति बनी रही और पुलिस कर्मी मंडी में तैनात रहे। इससे मंडी में खरीद भी प्रभावित रही। नई अनाजमंडी में मजदूरों ने पंखा लगाने का रेट बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को सुबह 9 बजे पंखा बंद कर दिया। मजदूरों द्वारा धान में पंखा लगाने से मना करने पर यूपी के गागोर गांव वासी जयपाल ने अपने धान में पंखा लगा लिया। इस पर मजदूर भड़क गए। मजदूरों ने डंडों से वार करते हुए किसान जयपाल, गोपा, रामफल व एक अन्य किसान घायल कर दिए।
किसान का बचाव करने आई सफाई कर्मी रुक्मिणी, माया देवी से भी मजदूरों ने मारपीट शुरू कर दी। इससे चार किसानों सहित तीन चार महिलाओं को भी चोटें आईं। इसके बाद मजदूर मार्केट कमेटी के ऑफिस का घेराव करने गए। ऑफिस के गेट पहुंचे थे कि सात आठ किसानों ने मजदूरों पर हमला बोल दिया। इससे मजदूर बचाव के लिए इधर-उधर छिप गए। किसान हाथों में डंडे लेकर मंडी में दौड़ते रहे। पुलिस ने बीच बचाव करके मामले को शांत कराया। दोपहर तक अनाजमंडी मे तनाव की स्थिति रही और दो बजे के बाद मजदूरों ने पंखा शुरू कर दिया। इस स्थिति में मजदूर, किसानों के अलावा आढ़ती भी परेशान रहे। सिटी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
मजदूर नेता को भी पीटा
मजदूर नेता जंग बहादुर भी मजदूरों की अगुवाई करने पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए मजदूरों ने अनाजमंडी में मौजूद पहले कुछ किसानों के साथ मारपीट की, इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। जब मजदूर नेता के साथ दर्जनों मजदूर मंडी में स्थित मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। अचानक किसानों ने मजदूरों पर व मजदूर नेता पर लाठियों व डंडों से हमला बोल दिया, इसमें मजदूर नेता की पुलिस के सामने खूब पिटाई की और घायल कर दिया। पुलिस ने मजदूर नेता की जान बचाई और हमला करने वालों को हिरासत में ले लिया।
पांच रुपये प्रति क्विंटल की मांग को लेकर की हड़ताल
मजदूरों ने कहा कि मंडी में पहले धान की सफाई करने का रेट पांच रुपये प्रति क्विंटल था, परंतु अब आढ़ती यूनियन ने इसको घटाकर तीन रुपये 40 पैसे कर दिए। पांच रुपये की मांग कर हड़ताल कर रहे हैं। दो बजे तक विरोध जारी रहा। सफाई करने वाली महिला मजदूर भतेरी, मांगो प्रधान, कस्तूरी, कांता, बबली, संतोष ने बताया कि मजदूरों ने किसानों के साथ गलत किया है। उन्हें महिला मजदूरों को पीटा है। गुंडागर्दी करने वाले मजदूरों को सबक सिखाने की जरूरत है।
सीजन के दौरान मजदूर नहीं कर सकते हड़ताल
अनाजमंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सतबीर मित्तल ने बताया कि पिछली बार सरकार की तरफ से पांच रुपये मजदूरी थी, परंतु अब तीन रुपयेे 40 पैसे कर दी गई। इसके बाद मजदूर ज्यादा की मांग कर रहे हैं और सोमवार को काम बंद कर दिया। मजदूरों ने पहले किसानों के साथ मारपीट की, बाद में किसानों ने। मजदूरों द्वारा हड़ताल करना गलत है। मजदूरों ने लिखित रूप से दिया हुआ है कि सीजन के दौरान हड़ताल नहीं करेंगे और सरकार की हिदायतों के मुताबिक मजदूरी लेकर काम करेंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसका भी दोष होगा उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
60 मजदूरों पर केस दर्ज
नई अनाज मंडी में मजदूरों और किसानों के बीच हुई झड़प में सिटी थाना पुलिस ने मजदूर नेता जंगबहादुर यादव समेत ठेकेदार, रामकुमार, रामकर्ण व मुन्ना समेत 60 मजदूरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों ने किसानों को पीटा है, उसके बाद किसान आक्रोशित हुए। जांच जारी है।
विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। विवाद को शांत करा दिया था। मामले की जांच की जा रही है। जो भी कसूरवार होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोहनलाल, सिटी थाना प्रभारी।
विवाद के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक मंडी में टकराव की स्थिति बनी रही और पुलिस कर्मी मंडी में तैनात रहे। इससे मंडी में खरीद भी प्रभावित रही। नई अनाजमंडी में मजदूरों ने पंखा लगाने का रेट बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को सुबह 9 बजे पंखा बंद कर दिया। मजदूरों द्वारा धान में पंखा लगाने से मना करने पर यूपी के गागोर गांव वासी जयपाल ने अपने धान में पंखा लगा लिया। इस पर मजदूर भड़क गए। मजदूरों ने डंडों से वार करते हुए किसान जयपाल, गोपा, रामफल व एक अन्य किसान घायल कर दिए।
किसान का बचाव करने आई सफाई कर्मी रुक्मिणी, माया देवी से भी मजदूरों ने मारपीट शुरू कर दी। इससे चार किसानों सहित तीन चार महिलाओं को भी चोटें आईं। इसके बाद मजदूर मार्केट कमेटी के ऑफिस का घेराव करने गए। ऑफिस के गेट पहुंचे थे कि सात आठ किसानों ने मजदूरों पर हमला बोल दिया। इससे मजदूर बचाव के लिए इधर-उधर छिप गए। किसान हाथों में डंडे लेकर मंडी में दौड़ते रहे। पुलिस ने बीच बचाव करके मामले को शांत कराया। दोपहर तक अनाजमंडी मे तनाव की स्थिति रही और दो बजे के बाद मजदूरों ने पंखा शुरू कर दिया। इस स्थिति में मजदूर, किसानों के अलावा आढ़ती भी परेशान रहे। सिटी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
मजदूर नेता को भी पीटा
मजदूर नेता जंग बहादुर भी मजदूरों की अगुवाई करने पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए मजदूरों ने अनाजमंडी में मौजूद पहले कुछ किसानों के साथ मारपीट की, इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। जब मजदूर नेता के साथ दर्जनों मजदूर मंडी में स्थित मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। अचानक किसानों ने मजदूरों पर व मजदूर नेता पर लाठियों व डंडों से हमला बोल दिया, इसमें मजदूर नेता की पुलिस के सामने खूब पिटाई की और घायल कर दिया। पुलिस ने मजदूर नेता की जान बचाई और हमला करने वालों को हिरासत में ले लिया।
पांच रुपये प्रति क्विंटल की मांग को लेकर की हड़ताल
मजदूरों ने कहा कि मंडी में पहले धान की सफाई करने का रेट पांच रुपये प्रति क्विंटल था, परंतु अब आढ़ती यूनियन ने इसको घटाकर तीन रुपये 40 पैसे कर दिए। पांच रुपये की मांग कर हड़ताल कर रहे हैं। दो बजे तक विरोध जारी रहा। सफाई करने वाली महिला मजदूर भतेरी, मांगो प्रधान, कस्तूरी, कांता, बबली, संतोष ने बताया कि मजदूरों ने किसानों के साथ गलत किया है। उन्हें महिला मजदूरों को पीटा है। गुंडागर्दी करने वाले मजदूरों को सबक सिखाने की जरूरत है।
सीजन के दौरान मजदूर नहीं कर सकते हड़ताल
अनाजमंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सतबीर मित्तल ने बताया कि पिछली बार सरकार की तरफ से पांच रुपये मजदूरी थी, परंतु अब तीन रुपयेे 40 पैसे कर दी गई। इसके बाद मजदूर ज्यादा की मांग कर रहे हैं और सोमवार को काम बंद कर दिया। मजदूरों ने पहले किसानों के साथ मारपीट की, बाद में किसानों ने। मजदूरों द्वारा हड़ताल करना गलत है। मजदूरों ने लिखित रूप से दिया हुआ है कि सीजन के दौरान हड़ताल नहीं करेंगे और सरकार की हिदायतों के मुताबिक मजदूरी लेकर काम करेंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसका भी दोष होगा उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
60 मजदूरों पर केस दर्ज
नई अनाज मंडी में मजदूरों और किसानों के बीच हुई झड़प में सिटी थाना पुलिस ने मजदूर नेता जंगबहादुर यादव समेत ठेकेदार, रामकुमार, रामकर्ण व मुन्ना समेत 60 मजदूरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों ने किसानों को पीटा है, उसके बाद किसान आक्रोशित हुए। जांच जारी है।
विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। विवाद को शांत करा दिया था। मामले की जांच की जा रही है। जो भी कसूरवार होगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोहनलाल, सिटी थाना प्रभारी।