फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   karnal,municipal corporation,budget

शहर कैसे बने स्मार्ट, बजट खर्च करने को तैयार नहीं निगम

Sun, 26 Mar 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Sun, 26 Mar 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
karnal,municipal corporation,budget
karnal nigam budget - फोटो : Amar Ujala

सीएम सिटी स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में शामिल है, लेकिन इस में नगर निगम ही शहर के पैरों में बेड़ियां डाल कर रोकने की कोशिश में लगा है। शहर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम ने वर्ष 2016-17 में 65.2 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था, लेकिन साल खत्म होते-होते निगम सिर्फ 2,63,96,135 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया। नई स्ट्रीट लाइट लगाने, गलियों की मरम्मत, फायर ब्रिगेड का आधुनिकरण जैसे पब्लिक से जुड़े कई ऐसे विकास कार्य थे, जिसके लिए लाखों रुपये का बजट पास किया गया था, लेकिन इन पर पूरे साल एक रुपये भी खर्च नहीं किया गया। भारी-भरकम रकम होने के बाद भी विकास न हो पाने का सबसे बड़ा कारण आपसी खींचतान व स्टाफ की कमी माना जा रहा है।

विज्ञापन


करनाल सीएम सिटी होने के कारण राज्य सरकार इस शहर को स्मार्ट बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर शहर में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं, वहीं नगर निगम सरकार के इन प्रयासों पर पानी फेरने में लगा है। नगर निगम द्वारा शहर के विकास के लिए बजट तो आवंटित कर दिया जा रहा है, लेकिन विकास कराने को कोई तैयार नहीं है। यही कारण है कि आवंटित हुए बजट का निगम अधिकारी व पार्षद पूरे साल में पांच फीसदी भी नहीं खर्च कर पाए। इस बार नगर निगम ने कुल 161 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है, जबकि निगम ने आंकड़ों में दिखाया है कि उसकी इस साल 92 करोड़ रुपये आमदनी होगी। विकास कार्यों को लेकर इस बार 73 करोड़ रुपये रखे गए हैं। हालांकि, इस बारे में निगम के कार्यकारी अधिकारी धीरज कुमार का कहना है कि विकास को लेकर ढाई करोड़ रुपये की राशि निगम के खाते में से खर्च की गई है, जबकि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा आई करोड़ों रुपये की ग्रांट से विकास कार्य कराए गए हैं।
विज्ञापन


आज होगी बैठक, अधिकारी और पार्षद तैयार
पंचायत भवन में होने वाली प्रमुख बैठक को लेकर अधिकारी और पार्षद दोनों तैयार हैं। एक तरफ अधिकारियों ने बजट और स्मार्ट सिटी प्रपोपल को तैयार किया है, वहीं पार्षदों ने सीधे सवाल करने का मन बनाया हुआ है। बता दें कि यह बैठक पांच माह के बाद हो रही है और बीच बीच में पार्षद सदन की बैठक की मांग कर चुके हैं। पिछली बैठक में भी सदन में जमकर हंगामा हुआ और कई पार्षदों ने आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया के आने से काम रुकने के आरोप लगा दिये थे। सदन में पिछली बार काफी गहमागहमी हुई थी। इस बार भी पार्षदों के तेवर गर्म है और आशंका जताई जा रही है कि कुछ पार्षद अधिकारियों पर अपना गुस्सा निकाल सकते हैं, मुद्दे होंगे अटके हुए विकास कार्य और समार्ट सिटी प्रपोजल से जनता और पार्षदों से दूरी बनाना। इसके अलावा, अलग अलग पार्षदों के अलग अलग मुद्दे हैं। बैठक में 13 एजेंडे रखे जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


किस पर होगा कितना खर्च
भवन निर्माण और रिपेयर : 10 करोड़
-रेंटेड दुकानों का निर्माण : 5 लाख
-नई स्ट्रीट लाइट प्वाइंट : 10 लाख
-ड्रेनेज वर्क्स : एक करोड़
-मेटेलड रोड : दो करोड़
-इंटरलाकिंग : दो करोड़
-गली रिपेयर : दो करोड़
-पार्क डेवलपमेंट : ढाई करोड़
-शहर का सौंदर्यकरण : ढाई करोड़
-सिक्योरिटी रिफंड : एक करोड़
-मुगल कैनाल की रिमॉडलिंग : 50 करोड़

नहीं हो रहे कार्य : तितोरिया
वार्ड नंबर 14 के पार्षद विनोद तितोरिया का कहना है कि नगर निगम में अधिकारी हावी हैं और पार्षदों के काम नहीं हो रहे हैं। बार बार कहने के बाद भी न तो कार्यों को लेकर एस्टीमेट तैयार हो रहे हैं और न ही एस्टीमेट बनने के बाद कार्य शुरू हो पाते हैं। आज भी वार्ड और शहर में लावारिस कुत्तों और सूअरों की समस्या है। लावारिस पशुओं के बारे में तो सभी को पता है।

कई माह में तैयार होते हैं एस्टीमेट : सतीश
वार्ड नंबर 15 के पार्षद सतीश कुमार का कहना है कि अधिकारियों की तानाशाही के चलते कोई भी कार्य सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। गलियों व सड़कों के कार्य अटके हुए हैं। कई कई माह तो एस्टीमेट तैयार करने में लगाए जा रहे हैं, अगर एस्टीमेट तैयार हो जाते हैं उसके टेंडर काल नहीं किये जाते। विकास कार्य अटके होने के पीछे कर्मचारियों व अधिकारियों का रवैया है।

विकास कार्यों में लाई जाए तेजी : चौहान
वार्ड नंबर 20 के जोगेंद्र चौहान का कहना है कि मेरे अपने वार्ड के कई कार्य अटके पड़े हैं, कई बार इसको लेकर अधिकारियों से मिलने के बाद भी इनका कोई समाधान नहीं हुआ। गांव धोलगढ़, पाल नगर समेत अन्य स्थानों पर ट्यूबवेल लगाने को लेकर व इंटरलाकिंग को लेकर मामले अटके पड़े हैं। विकास कार्य अटकने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें तेजी लाई जानी चाहिए।


पूरी शिदद्दत के साथ शहर के सभी वार्डों का विकास कराया जा रहा है। हर वार्ड में मांग के अनुसार विकास कार्य चल रहे हैं। सड़कों के साथ साथ गलियों को भी बनाया जा रहा है। नगर निगम की प्राथमिकता है कि शहर के नागरिकों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें। विकास कार्यों में तेजी आई है और इसे आगे भी बरकरार रखा जाएगा।
-रेनुबाला गुप्ता, मेयर, करनाल नगर निगम।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed