{"_id":"5df148a78ebc3e8816337bbc","slug":"karnal-animal-sumgling-case-karnal-news-knl148484167","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौरक्षों ने किया प्रदर्शन, पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की करी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौरक्षों ने किया प्रदर्शन, पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की करी मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक से गोवंशों से भरे कंटेनर को करनाल लेकर आने के मामले में सीआईए-1 पुलिस के छह पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। निलंबित होने वालों में एसआई नरेश कुमार, एएसआई बलजीत सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव, कांस्टेबल अमित कुमार, रविंद्र, नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। बुधवार को गो रक्षकों का एक दल प्रदर्शन करते हुए पहले आईजी से मिले तो फिर वे सेक्टर-12 में एसपी से मिलने पहुंचे। इससे अलग भी गो रक्षक पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई कराने की मांग को लेकर गृहमंत्री अनिल विज से भी मिल चुके हैं। गो रक्षकों का आरोप है कि पुलिस के ये कर्मचारी गो वंशों से भरे कंटेनर को यूपी बोर्ड पार कराने के लिये रोहतक से उसकी पायलेट करते हुए करनाल लेकर आये थे ताकि आसानी से यूपी बोर्ड क्रास करा सके। गो रक्षकों ने एसपी, आईजी को भी ज्ञापन सौंपा।
एक दिसंबर का है मामला
गोरक्षक दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष आचार्य आजाद सिंह आर्य के नेतृत्व में पहुंचे गो रक्षकों ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा कि एक दिसंबर को गोवंश से भरे कंटेनर को सीआईए टीम खुद पायलट कर रोहतक से पानीपत होते हुए करनाल के रास्ते गो तस्करी करवा रही थी। उस समय पुलिस की गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी तो वहीं एक बिना नंबर की प्राइवेट कार भी साथ थी। 21 गोवंश से भरे कंटेनर को सिविल वर्दी में पुलिस कर्मी चला रहा था। जब कुछ गो रक्षकों ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देकर कंटेनर को डाहर टोल टैक्स पर रुकवाने के लिए करीब एक बजे प्रयास किया तो सीआईए टीम ने रिंकू, प्रदीप, रिंकू नायक व अजय को जबरदस्ती उठा लिया और उनके साथ मारपीट भी की। काफी संख्या में गो रक्षक एकत्रित हुए तो पुलिस कंटेनर को उत्तरप्रदेश बार्डर पार नहीं करवा सकी और गोवंश को फूसगढ़ गोधाम में छोड़ना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाए कि इस दौरान पुलिस कर्मी शराब के नशे में थे तो चारों गो रक्षकों की पीटाई भी की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इस दौरान रोहतक जिला प्रधान जगदीप मलिक, झज्जर जिला प्रधान जसबीर सिंह, जींद जिला प्रधान दीपक कुमार, करनाल जिला प्रधान संदीप राणा, जगमाल राणा, कंचन गिरी महाराज सहित सैकड़ों गो रक्षक शामिल रहे।
गो रक्षक दल द्वारा जो शिकायत दी गई है उसमें पुलिस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच डीएसपी हेड क्वार्टर को दी गई है। छह पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक दिसंबर का है मामला
गोरक्षक दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष आचार्य आजाद सिंह आर्य के नेतृत्व में पहुंचे गो रक्षकों ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा कि एक दिसंबर को गोवंश से भरे कंटेनर को सीआईए टीम खुद पायलट कर रोहतक से पानीपत होते हुए करनाल के रास्ते गो तस्करी करवा रही थी। उस समय पुलिस की गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी तो वहीं एक बिना नंबर की प्राइवेट कार भी साथ थी। 21 गोवंश से भरे कंटेनर को सिविल वर्दी में पुलिस कर्मी चला रहा था। जब कुछ गो रक्षकों ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देकर कंटेनर को डाहर टोल टैक्स पर रुकवाने के लिए करीब एक बजे प्रयास किया तो सीआईए टीम ने रिंकू, प्रदीप, रिंकू नायक व अजय को जबरदस्ती उठा लिया और उनके साथ मारपीट भी की। काफी संख्या में गो रक्षक एकत्रित हुए तो पुलिस कंटेनर को उत्तरप्रदेश बार्डर पार नहीं करवा सकी और गोवंश को फूसगढ़ गोधाम में छोड़ना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाए कि इस दौरान पुलिस कर्मी शराब के नशे में थे तो चारों गो रक्षकों की पीटाई भी की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इस दौरान रोहतक जिला प्रधान जगदीप मलिक, झज्जर जिला प्रधान जसबीर सिंह, जींद जिला प्रधान दीपक कुमार, करनाल जिला प्रधान संदीप राणा, जगमाल राणा, कंचन गिरी महाराज सहित सैकड़ों गो रक्षक शामिल रहे।
विज्ञापन
गो रक्षक दल द्वारा जो शिकायत दी गई है उसमें पुलिस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच डीएसपी हेड क्वार्टर को दी गई है। छह पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।
विज्ञापन