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Karnal News: कर्ण नगरी का बेटा आशीष अमेरिकी सेना में बना सार्जेंट
Sat, 21 Jun 2025 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजंसी
इंद्री। गांव गोरगढ़ के आशीष कुमार अमेरिकी सेना में सार्जेंट पद पर पदोन्नत हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। आशीष पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। पढ़ाई के दौरान ही उसका सेना में ई-1 रैंक पर चयन हो गया। अब वह प्रमोट होकर ई-5 रैंक पर पहुंचा है।
शिक्षक पिता पिता सुरेश कुमार के अनुसार आशीष अगस्त 2021 में अपनी स्नातक की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। अमेरिका जाकर उसने सेंट लुईस स्थित यूनिवर्सिटी आफ मिसोरी में बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स में दाखिला ले लिया और दो वर्ष बाद ही कोर्स करने के दौरान वर्ष 2023 में उसका सेना में चयन हुआ।
जून 2025 में ट्रेनी के पद से पदोन्नत होते-होते वह सार्जेंट के पद पर पहुंच गया। अमेरिका में इस पद को एनसीओ यानी नॉन कमांडेंट ऑफिसर भी बोला जाता है। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि आशीष भारतीय सेना में जाए और देश की सेवा करे लेकिन अमेरिकी सेना में भर्ती होने और सार्जेंट बनने पर भी उन्हें बहुत खुशी है।
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आशीष की प्रारंभिक शिक्षा इंद्री के एक निजी स्कूल से हुई थी। उसके बाद आठवीं कक्षा की पढ़ाई उसने नासिक से की। नौवीं से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई उसने इंद्री के पास के गांव जैनपुर साधान के एक निजी स्कूल से की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका चला गया। सुरेश कुमार बडसालू के निजी स्कूल में अध्यापक हैं और साथ ही खेतीबाड़ी भी करते हैं।
आशीष की बहन सिमरन भी आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बीएससी नर्सिंग का कोर्स कर रही है। आशीष की दादी ने अपने पोते की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आशीष ने अपने माता पिता के साथ-साथ पूरे गांव का नाम रोशन किया है। आशीष की माता संगीता रानी ने आशीष की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत और लगन को दिया।
परिवार ने अपने बजट से करीब तीन लाख रुपये खर्च करके आशीष को अमेरिका भेजा था। वहां पर उनके गांव के युवक भी रहते हैं, जिन्होंने काफी मदद भी की। प्रथम वर्ष में आशीष ने कहीं पर काम नहीं किया, उसने अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान दिया। द्वितीय वर्ष के दौरान आशीष ने स्टडी के साथ स्टोर कीपर की नौकरी भी की, ताकि वह अपना कुछ खर्च निकाल सके। इसी दौरान दिसंबर-2022 में आशीष की पीआर हो गई थी।
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इंद्री। गांव गोरगढ़ के आशीष कुमार अमेरिकी सेना में सार्जेंट पद पर पदोन्नत हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। आशीष पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। पढ़ाई के दौरान ही उसका सेना में ई-1 रैंक पर चयन हो गया। अब वह प्रमोट होकर ई-5 रैंक पर पहुंचा है।
शिक्षक पिता पिता सुरेश कुमार के अनुसार आशीष अगस्त 2021 में अपनी स्नातक की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। अमेरिका जाकर उसने सेंट लुईस स्थित यूनिवर्सिटी आफ मिसोरी में बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स में दाखिला ले लिया और दो वर्ष बाद ही कोर्स करने के दौरान वर्ष 2023 में उसका सेना में चयन हुआ।
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जून 2025 में ट्रेनी के पद से पदोन्नत होते-होते वह सार्जेंट के पद पर पहुंच गया। अमेरिका में इस पद को एनसीओ यानी नॉन कमांडेंट ऑफिसर भी बोला जाता है। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि आशीष भारतीय सेना में जाए और देश की सेवा करे लेकिन अमेरिकी सेना में भर्ती होने और सार्जेंट बनने पर भी उन्हें बहुत खुशी है।
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आशीष की प्रारंभिक शिक्षा इंद्री के एक निजी स्कूल से हुई थी। उसके बाद आठवीं कक्षा की पढ़ाई उसने नासिक से की। नौवीं से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई उसने इंद्री के पास के गांव जैनपुर साधान के एक निजी स्कूल से की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका चला गया। सुरेश कुमार बडसालू के निजी स्कूल में अध्यापक हैं और साथ ही खेतीबाड़ी भी करते हैं।
आशीष की बहन सिमरन भी आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बीएससी नर्सिंग का कोर्स कर रही है। आशीष की दादी ने अपने पोते की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आशीष ने अपने माता पिता के साथ-साथ पूरे गांव का नाम रोशन किया है। आशीष की माता संगीता रानी ने आशीष की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत और लगन को दिया।
परिवार ने अपने बजट से करीब तीन लाख रुपये खर्च करके आशीष को अमेरिका भेजा था। वहां पर उनके गांव के युवक भी रहते हैं, जिन्होंने काफी मदद भी की। प्रथम वर्ष में आशीष ने कहीं पर काम नहीं किया, उसने अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान दिया। द्वितीय वर्ष के दौरान आशीष ने स्टडी के साथ स्टोर कीपर की नौकरी भी की, ताकि वह अपना कुछ खर्च निकाल सके। इसी दौरान दिसंबर-2022 में आशीष की पीआर हो गई थी।