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कांटों और बट्टों की जांच में लापरवाही
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:09 AM IST
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कांटे की जांच करते नापतौल विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
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जिला नापतोल विभाग के कर्मचारियों द्वारा तोलने वाले कांटों और बाटों की जांच को लेकर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। विभाग के कर्मचारी दुकानदारों को जारी नोटिस के आधार पर ही कांटों और बाटों की बिना जांच किए दुकानदारों को सत्यापन की रसीद थमा रहे हैं। तोल कांटों व बट्टों की जांच में बरती जा रही लापरवाही की भनक लगने ही मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने दुकानदारों से तुरंत तोल कांटों और बाटों के साथ मौजूद होने के आदेश जारी कर दिए।
खंड खाद्य-आपूर्ति कार्यालय में विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रालॉजी/नापतौल विभाग) की ओर से मैकेनिकल और इलेक्ट्रोनिक तोल कांटों और बाटों के निरीक्षण व सत्यापन के लिए कार्य शुरू किया हुआ है। तोल कांटों की जांच के लिए विभाग की ओर से बुधवार को ही शहर के लगभग 175 करियाणा दुकानदारों को इलेक्ट्रोनिक कांटों, तोलकांटों व बाटों के साथ खाद्य-आपूर्ति कार्यालय में पहुंचने के आदेश जारी किए थे। बृहस्पतिवार की सुबह ही नापतौल विभाग के कर्मचारियों ने निरीक्षण व सत्यापन कार्य शुरू कर दिया, लेकिन यह सत्यापन कार्य तोल कांटों व बाटों के निरीक्षण के बिना ही किया जा रहा था। दुकानदार विभाग द्वारा जारी नोटिस लेकर आते और कर्मचारी फीस लेकर मोहर लगाकर रसीद काट देते और दुकानदार बिना किसी परेशानी के चला जाता।
सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कार्य बिना किसी कांटे के निरीक्षण के चल रहा था, लेकिन जैसे ही मामले की भनक लगते ही मीडिया मौके पर पहुंची तो कैमरों को देख कर्मचारी हड़बड़ा गए और उन्होंने मौके पर मौजूद सभी दुकानदारों को अपने कांटे व बाट-बट्टे लाने के लिए कहा और दुकानदारों ने अपने संपर्क साधने शुरू कर दिए और देखते ही देखते दुकानदारों के साथी कांटों व बाटों को लेकर मौके पर पहुंच गए।
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जब इस लापरवाही के बारे में जिला लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के इंस्पेक्टर कुलदीप राणा से बात की गई तो उन्होंने इस प्रकार की किसी भी लापरवाही से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदारों को कांटों व बाटों के साथ निरीक्षण व सत्यापन के लिए पहुंचने को नोटिस जारी किए हुए हैं। सत्यापन व निरीक्षण का कार्य तीन दिन तक चलेगा। यदि कोई दुकानदार कांटों की जांच नहीं करवाता है तो दुकानदारों के कांटों की दोबारा जांच की जाएगी और कांटों में फर्क मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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खंड खाद्य-आपूर्ति कार्यालय में विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रालॉजी/नापतौल विभाग) की ओर से मैकेनिकल और इलेक्ट्रोनिक तोल कांटों और बाटों के निरीक्षण व सत्यापन के लिए कार्य शुरू किया हुआ है। तोल कांटों की जांच के लिए विभाग की ओर से बुधवार को ही शहर के लगभग 175 करियाणा दुकानदारों को इलेक्ट्रोनिक कांटों, तोलकांटों व बाटों के साथ खाद्य-आपूर्ति कार्यालय में पहुंचने के आदेश जारी किए थे। बृहस्पतिवार की सुबह ही नापतौल विभाग के कर्मचारियों ने निरीक्षण व सत्यापन कार्य शुरू कर दिया, लेकिन यह सत्यापन कार्य तोल कांटों व बाटों के निरीक्षण के बिना ही किया जा रहा था। दुकानदार विभाग द्वारा जारी नोटिस लेकर आते और कर्मचारी फीस लेकर मोहर लगाकर रसीद काट देते और दुकानदार बिना किसी परेशानी के चला जाता।
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सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कार्य बिना किसी कांटे के निरीक्षण के चल रहा था, लेकिन जैसे ही मामले की भनक लगते ही मीडिया मौके पर पहुंची तो कैमरों को देख कर्मचारी हड़बड़ा गए और उन्होंने मौके पर मौजूद सभी दुकानदारों को अपने कांटे व बाट-बट्टे लाने के लिए कहा और दुकानदारों ने अपने संपर्क साधने शुरू कर दिए और देखते ही देखते दुकानदारों के साथी कांटों व बाटों को लेकर मौके पर पहुंच गए।
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जब इस लापरवाही के बारे में जिला लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के इंस्पेक्टर कुलदीप राणा से बात की गई तो उन्होंने इस प्रकार की किसी भी लापरवाही से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदारों को कांटों व बाटों के साथ निरीक्षण व सत्यापन के लिए पहुंचने को नोटिस जारी किए हुए हैं। सत्यापन व निरीक्षण का कार्य तीन दिन तक चलेगा। यदि कोई दुकानदार कांटों की जांच नहीं करवाता है तो दुकानदारों के कांटों की दोबारा जांच की जाएगी और कांटों में फर्क मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।