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बेटी को न्याय नहीं दिला पाया तो किसान पिता ने लगाया फंदा
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:29 AM IST
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जाम लगाते पीड़ित
- फोटो : amar ujala
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गांव शाहपुर में एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को पीड़ित पक्ष के लोगों ने अस्पताल चौक पर दो बार जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया। जाम से अस्पताल इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) के आश्वासन के बाद ही पीड़ितों ने जाम खोल दिया।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर शाहपुर निवासी सतपाल (50) ने शुक्रवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने मामले में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। शनिवार तक ससुराल पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी न होने के कारण पीड़ित पक्ष ने शव को लेने से मना कर दिया और अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान लोगों ने सुबह अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस कर्मचारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर सुबह जाम खुलवा दिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने दोपहर को दोबारा अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ रोष जताया। दोबारा जाम की सूचना लगने पर सीटीएम सुधांशु गौतम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पीड़ित पक्ष के चंद्रभान सहित अन्य ने आरोप लगाया कि सतपाल की मौत मामले में पुलिस पक्षपात कर रही है। पीड़ितों का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि करीब आठ साल से ससुराल पक्ष के लोग उन्हें तंग कर रहे हैं और समझौता करने पर दबाव बना रहे हैं। इससे परेशान होकर लड़की के पिता सतपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी राजेश और उसकी माता संतरों सहित कुछ अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज किया था।
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क्या है पूरा मामला
सतपाल की बेटी मीना की शादी 2008 में सैदपुरा गांव के राजेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों में अनबन रहने लगी। मीना का आरोप है कि उसके पति राजेश का गांव की ही किसी औरत के साथ संबंध हैं। इसको लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा रहता था। जुलाई माह से मीना अपने मायके शाहपुर में रह रही थी। आरोप है कि उसके पति राजेश और उसके परिवार के सदस्य मीना के मायके वालों पर मामले में फै सले को लेकर दबाव बना रहे थे।
उधर, करीब तीन माह पूर्व मृतक सतपाल की बेटी मीना ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उसके पति के किसी औरत के साथ संबंध होने की शिकायत दी थी। वहीं दोनों पक्षों में पंचायत स्तर पर कई बार फैसला भी हो चुका था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई थी।
शाहपुर के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में फांसी लगने से हो गई थी मौत
गांव शाहपुर में एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को पीड़ित पक्ष के लोगों ने अस्पताल चौक पर दो बार जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया। जाम से अस्पताल इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) के आश्वासन के बाद ही पीड़ितों ने जाम खोल दिया।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर शाहपुर निवासी सतपाल (50) ने शुक्रवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने मामले में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। शनिवार तक ससुराल पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी न होने के कारण पीड़ित पक्ष ने शव को लेने से मना कर दिया और अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान लोगों ने सुबह अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस कर्मचारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर सुबह जाम खुलवा दिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने दोपहर को दोबारा अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ रोष जताया।
दोबारा जाम की सूचना लगने पर सीटीएम सुधांशु गौतम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पीड़ित पक्ष के चंद्रभान सहित अन्य ने आरोप लगाया कि सतपाल की मौत मामले में पुलिस पक्षपात कर रही है। पीड़ितों का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि करीब आठ साल से ससुराल पक्ष के लोग उन्हें तंग कर रहे हैं और समझौता करने पर दबाव बना रहे हैं। इससे परेशान होकर लड़की के पिता सतपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी राजेश और उसकी माता संतरों सहित कुछ अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज किया था।
क्या है पूरा मामला
सतपाल की बेटी मीना की शादी 2008 में सैदपुरा गांव के राजेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों में अनबन रहने लगी। मीना का आरोप है कि उसके पति राजेश का गांव की ही किसी औरत के साथ संबंध हैं। इसको लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा रहता था। जुलाई माह से मीना अपने मायके शाहपुर में रह रही थी। आरोप है कि उसके पति राजेश और उसके परिवार के सदस्य मीना के मायके वालों पर मामले में फै सले को लेकर दबाव बना रहे थे।
उधर, करीब तीन माह पूर्व मृतक सतपाल की बेटी मीना ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उसके पति के किसी औरत के साथ संबंध होने की शिकायत दी थी। वहीं दोनों पक्षों में पंचायत स्तर पर कई बार फैसला भी हो चुका था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई थी।
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पीड़ित पक्ष ने बताया कि बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर शाहपुर निवासी सतपाल (50) ने शुक्रवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने मामले में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। शनिवार तक ससुराल पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी न होने के कारण पीड़ित पक्ष ने शव को लेने से मना कर दिया और अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान लोगों ने सुबह अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस कर्मचारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर सुबह जाम खुलवा दिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने दोपहर को दोबारा अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ रोष जताया। दोबारा जाम की सूचना लगने पर सीटीएम सुधांशु गौतम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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पीड़ित पक्ष के चंद्रभान सहित अन्य ने आरोप लगाया कि सतपाल की मौत मामले में पुलिस पक्षपात कर रही है। पीड़ितों का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि करीब आठ साल से ससुराल पक्ष के लोग उन्हें तंग कर रहे हैं और समझौता करने पर दबाव बना रहे हैं। इससे परेशान होकर लड़की के पिता सतपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी राजेश और उसकी माता संतरों सहित कुछ अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज किया था।
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क्या है पूरा मामला
सतपाल की बेटी मीना की शादी 2008 में सैदपुरा गांव के राजेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों में अनबन रहने लगी। मीना का आरोप है कि उसके पति राजेश का गांव की ही किसी औरत के साथ संबंध हैं। इसको लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा रहता था। जुलाई माह से मीना अपने मायके शाहपुर में रह रही थी। आरोप है कि उसके पति राजेश और उसके परिवार के सदस्य मीना के मायके वालों पर मामले में फै सले को लेकर दबाव बना रहे थे।
उधर, करीब तीन माह पूर्व मृतक सतपाल की बेटी मीना ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उसके पति के किसी औरत के साथ संबंध होने की शिकायत दी थी। वहीं दोनों पक्षों में पंचायत स्तर पर कई बार फैसला भी हो चुका था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई थी।
शाहपुर के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में फांसी लगने से हो गई थी मौत
गांव शाहपुर में एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को पीड़ित पक्ष के लोगों ने अस्पताल चौक पर दो बार जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया। जाम से अस्पताल इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) के आश्वासन के बाद ही पीड़ितों ने जाम खोल दिया।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर शाहपुर निवासी सतपाल (50) ने शुक्रवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने मामले में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। शनिवार तक ससुराल पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी न होने के कारण पीड़ित पक्ष ने शव को लेने से मना कर दिया और अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान लोगों ने सुबह अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस कर्मचारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर सुबह जाम खुलवा दिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने दोपहर को दोबारा अस्पताल चौक पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ रोष जताया।
दोबारा जाम की सूचना लगने पर सीटीएम सुधांशु गौतम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पीड़ित पक्ष के चंद्रभान सहित अन्य ने आरोप लगाया कि सतपाल की मौत मामले में पुलिस पक्षपात कर रही है। पीड़ितों का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि करीब आठ साल से ससुराल पक्ष के लोग उन्हें तंग कर रहे हैं और समझौता करने पर दबाव बना रहे हैं। इससे परेशान होकर लड़की के पिता सतपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी राजेश और उसकी माता संतरों सहित कुछ अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज किया था।
क्या है पूरा मामला
सतपाल की बेटी मीना की शादी 2008 में सैदपुरा गांव के राजेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों में अनबन रहने लगी। मीना का आरोप है कि उसके पति राजेश का गांव की ही किसी औरत के साथ संबंध हैं। इसको लेकर अक्सर दोनों में झगड़ा रहता था। जुलाई माह से मीना अपने मायके शाहपुर में रह रही थी। आरोप है कि उसके पति राजेश और उसके परिवार के सदस्य मीना के मायके वालों पर मामले में फै सले को लेकर दबाव बना रहे थे।
उधर, करीब तीन माह पूर्व मृतक सतपाल की बेटी मीना ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उसके पति के किसी औरत के साथ संबंध होने की शिकायत दी थी। वहीं दोनों पक्षों में पंचायत स्तर पर कई बार फैसला भी हो चुका था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई थी।