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चार्जसीट जेई सस्पेंड, एमई से वार्ड का चार्ज छीना
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वसंत विहार की गली में मिट्टी से इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने के मामले में चार्जशीट किए गये जेई प्रदीप को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एमई सुशील भल्ला से वसंत विहार वार्ड का चार्ज वापस ले लिया गया है। इससे पहले डीसी ने निरीक्षण कर विभाग को कार्रवाई के लिए कहा था। साथ ही मामले की जांच पंचायती राज विभाग के एसई रामफल को सौंपी गयी थी।
वार्ड नंबर एक के पार्षद एडवोकेट नवीन ने 25 जुलाई को हुई हाउस की बैठक में वसंत विहार की मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपने मोबाइल में फोटो और वीडियो दिखाते हुए कहा कि वसंत विहार में बालू के स्थान पर मिट्टी का प्रयोग करते हुए इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई जा रही हैं। इस पर एक्सईएन अक्षय भारद्वाज ने ऐसा न होने का दावा किया था। इसके बाद 29 जुलाई को डीसी निशांत कुमार यादव ने वसंत विहार की गली नंबर 12 का निरीक्षण किया था। गली में मिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई हुई मिलीं। इस पर मौके पर ही जेई प्रदीप को चार्जशीट कर दिया। साथ ही विभाग को लिखित में भेजकर सस्पेंड करने की सिफारिश की। मामले में ठेकेदार पर भी जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन 12 दिन बाद भी न तो इसकी जांच आगे बढ़ी और न ही ठेकेदार पर एफआईआर हो सकी। इस बारे में पंचायती राज विभाग के एसई रामफल ने बताया कि जांच के समय वार्ड के पार्षद को साथ रखना है। अभी पार्षद की तबियत ठीक नहीं है। ऐसे में वे साथ नहीं रह सकते। पार्षद के ठीक होते ही जांच करके डीसी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
29 जुलाई को चार्जशीट करने के बाद सस्पेंशन के लिए विभाग को लिखा था। अब जेई प्रदीप को सस्पेंड कर दिया गया है। एमई से वार्ड का चार्ज वापस ले लिया गया है।-निशांत कुमार यादव, डीसी एवं निगमायुक्त।
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17 करोड़ से विकास कार्य
वसंत विहार में 17 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को किया जा रहा है। इनमें 18 किलोमीटर में सीवरेज पाइप लाइन बिछाई गई। गलियों में आईसी चैंबर बने। निकासी के लिए नालों का निर्माण हुआ। अब इंटरलॉकिंग टाइलों को लगाकर काम अंतिम चरण में है।
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वार्ड नंबर एक के पार्षद एडवोकेट नवीन ने 25 जुलाई को हुई हाउस की बैठक में वसंत विहार की मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपने मोबाइल में फोटो और वीडियो दिखाते हुए कहा कि वसंत विहार में बालू के स्थान पर मिट्टी का प्रयोग करते हुए इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई जा रही हैं। इस पर एक्सईएन अक्षय भारद्वाज ने ऐसा न होने का दावा किया था। इसके बाद 29 जुलाई को डीसी निशांत कुमार यादव ने वसंत विहार की गली नंबर 12 का निरीक्षण किया था। गली में मिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई हुई मिलीं। इस पर मौके पर ही जेई प्रदीप को चार्जशीट कर दिया। साथ ही विभाग को लिखित में भेजकर सस्पेंड करने की सिफारिश की। मामले में ठेकेदार पर भी जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन 12 दिन बाद भी न तो इसकी जांच आगे बढ़ी और न ही ठेकेदार पर एफआईआर हो सकी। इस बारे में पंचायती राज विभाग के एसई रामफल ने बताया कि जांच के समय वार्ड के पार्षद को साथ रखना है। अभी पार्षद की तबियत ठीक नहीं है। ऐसे में वे साथ नहीं रह सकते। पार्षद के ठीक होते ही जांच करके डीसी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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29 जुलाई को चार्जशीट करने के बाद सस्पेंशन के लिए विभाग को लिखा था। अब जेई प्रदीप को सस्पेंड कर दिया गया है। एमई से वार्ड का चार्ज वापस ले लिया गया है।-निशांत कुमार यादव, डीसी एवं निगमायुक्त।
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वसंत विहार में 17 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को किया जा रहा है। इनमें 18 किलोमीटर में सीवरेज पाइप लाइन बिछाई गई। गलियों में आईसी चैंबर बने। निकासी के लिए नालों का निर्माण हुआ। अब इंटरलॉकिंग टाइलों को लगाकर काम अंतिम चरण में है।