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जश हत्याकांड : प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठियों से खदेड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पांच वर्षीय मासूम जश चौधरी की हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा न होने से खफा परिजनों व ग्रामीणों ने वीरवार को लघु सचिवालय के समीप फव्वारा पार्क में महापंचायत की। इस दौरान लोगों ने एक मत होकर सीबीआई जांच की मांग उठाई। इसके बाद दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एसपी से भी मिला।
एसपी ने उन्हें हर बिंदु पर संतुष्ट करने का भरोसा दिलाया, लेकिन एसपी से चल रही वार्ता के दौरान ही लघु सचिवालय के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल कॉलेज-निर्मल कुटिया रोड पर जाम लगा दिया। यही नहीं वार्ता के बाद सीबीआई जांच पर ठोस आश्वासन नहीं मिलने से नाराज प्रदर्शनकारी जीटी रोड जाम करने निकल पड़े। तभी हरकत में आई पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी रुकने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने लाठियों का बल प्रयोग कर भीड़ को हाईवे से खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस लाठियां लेकर प्रदर्शनकारियों के पीछे दौड़ती हुई नजर आई, जिससे मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारी भी हाईवे छोड़कर भाग निकले।
जश हत्याकांड को लेकर पुलिस पर सवाल उठा रहे परिजन और ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के समीप फव्वारा पार्क में 36 बिरादरियों की महापंचायत बुलाई थी। मौके पर जमा लोगों ने न सिर्फ हत्याकांड पर आक्रोश जताया, बल्कि पुलिस की जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। मंच से उठी सीबीआई जांच की मांग पर एक सुर में लोगों ने हामी भरी। इसके बाद महापंचायत में शामिल लोगों ने लघु सचिवालय की ओर कूच किया, लेकिन पहले से ही जमा सुरक्षा बलों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। सिर्फ 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एसपी से मिलने की इजाजत मिली। ऐसे में एक ओर जहां 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एसपी से वार्ता के लिए गया, वहीं दूसरी ओर अन्य प्रदर्शनकारियों ने लाल बत्ती चौक पर ही मेडिकल कॉलेज-निर्मल कुटिया रोड जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। वहीं एसपी से वार्ता के बाद जब प्रतिनिधिमंडल बाहर आया तो कुछ लोगों ने जीटी रोड जाम करने की बात कही। इसके बाद प्रदर्शनकारी जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े।
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पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठियों का प्रयोग करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने जीटी रोड की ओर से दौड़ाकर सभी प्रदर्शनकारियों को फव्वारा पार्क की ओर खदेड़ दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और समझाने का प्रयास किया। इस पर परिजनों और ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि यदि शनिवार तक पुलिस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं करती तो रविवार को सर्व समाज के लोग बैठक कर आगामी रणनीति पर निर्णय लेंगे।
उधर, इस संबंध में एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि महापंचायत में गठित कमेटी के 10 सदस्यों से उन्होंने बात की। उन्हें इस मामले में गठित एसआईटी की जांच के बारे में विस्तार से बताया गया है। कमेटी सदस्यों ने पुलिस से त्वरित, निष्पक्ष, प्रभाव व तथ्यों पर आधारित जांच की मांग रखी, जिसके बारे में ठोस आश्वासन दिया गया है। एसपी ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने की बात से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत में शामिल अधिकतर व्यक्ति वापस चले गए। उसके बावजूद कुछ नौजवान कमेटी की बातों को दरकिनार करते हुए सड़क जाम करने के लिए आगे बढ़ने लगे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया।
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करनाल। पांच वर्षीय मासूम जश चौधरी की हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा न होने से खफा परिजनों व ग्रामीणों ने वीरवार को लघु सचिवालय के समीप फव्वारा पार्क में महापंचायत की। इस दौरान लोगों ने एक मत होकर सीबीआई जांच की मांग उठाई। इसके बाद दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एसपी से भी मिला।
एसपी ने उन्हें हर बिंदु पर संतुष्ट करने का भरोसा दिलाया, लेकिन एसपी से चल रही वार्ता के दौरान ही लघु सचिवालय के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल कॉलेज-निर्मल कुटिया रोड पर जाम लगा दिया। यही नहीं वार्ता के बाद सीबीआई जांच पर ठोस आश्वासन नहीं मिलने से नाराज प्रदर्शनकारी जीटी रोड जाम करने निकल पड़े। तभी हरकत में आई पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी रुकने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने लाठियों का बल प्रयोग कर भीड़ को हाईवे से खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस लाठियां लेकर प्रदर्शनकारियों के पीछे दौड़ती हुई नजर आई, जिससे मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारी भी हाईवे छोड़कर भाग निकले।
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जश हत्याकांड को लेकर पुलिस पर सवाल उठा रहे परिजन और ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के समीप फव्वारा पार्क में 36 बिरादरियों की महापंचायत बुलाई थी। मौके पर जमा लोगों ने न सिर्फ हत्याकांड पर आक्रोश जताया, बल्कि पुलिस की जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। मंच से उठी सीबीआई जांच की मांग पर एक सुर में लोगों ने हामी भरी। इसके बाद महापंचायत में शामिल लोगों ने लघु सचिवालय की ओर कूच किया, लेकिन पहले से ही जमा सुरक्षा बलों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। सिर्फ 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एसपी से मिलने की इजाजत मिली। ऐसे में एक ओर जहां 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एसपी से वार्ता के लिए गया, वहीं दूसरी ओर अन्य प्रदर्शनकारियों ने लाल बत्ती चौक पर ही मेडिकल कॉलेज-निर्मल कुटिया रोड जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। वहीं एसपी से वार्ता के बाद जब प्रतिनिधिमंडल बाहर आया तो कुछ लोगों ने जीटी रोड जाम करने की बात कही। इसके बाद प्रदर्शनकारी जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े।
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पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठियों का प्रयोग करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने जीटी रोड की ओर से दौड़ाकर सभी प्रदर्शनकारियों को फव्वारा पार्क की ओर खदेड़ दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और समझाने का प्रयास किया। इस पर परिजनों और ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि यदि शनिवार तक पुलिस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं करती तो रविवार को सर्व समाज के लोग बैठक कर आगामी रणनीति पर निर्णय लेंगे।
उधर, इस संबंध में एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि महापंचायत में गठित कमेटी के 10 सदस्यों से उन्होंने बात की। उन्हें इस मामले में गठित एसआईटी की जांच के बारे में विस्तार से बताया गया है। कमेटी सदस्यों ने पुलिस से त्वरित, निष्पक्ष, प्रभाव व तथ्यों पर आधारित जांच की मांग रखी, जिसके बारे में ठोस आश्वासन दिया गया है। एसपी ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने की बात से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत में शामिल अधिकतर व्यक्ति वापस चले गए। उसके बावजूद कुछ नौजवान कमेटी की बातों को दरकिनार करते हुए सड़क जाम करने के लिए आगे बढ़ने लगे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया।