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डेढ़ सौ साल पहले बना जाणी का पुल कंडम घोषित
जुंडला
Updated Tue, 24 Sep 2013 10:56 PM IST
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पश्चिमी यमुना नहर का गांव जाणी वाला पुल भी नकारा पुलों की श्रेणी में शुमार हो गया है। यह पुल भी आवागमन के काबिल नहीं रह गया है। नहरी विभाग की ओर से पुल को नकारा घोषित कर दिया गया है।
विभाग ने पुल की दीवार पर चेतावनी लिख दी है कि यह पुल पुराना, कमजोर व क्षतिग्रस्त है। यहां पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस पुल का प्रयोग न करे। इसके साथ ही यह पुल आवागमन के लायक नहीं रहा है। विभाग ने इस पुल के दोनों ओर के मुहानों पर आवागमन नहीं करने की चेतावनी दी है।
पुल की खराब स्थिति के लिए ग्रामीण चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जाणी के पुल को बने 150 वर्ष का अरसा बीत चुका है। पुल के ऊपर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। पुल को मरम्मत की दरकार है। ग्रामीण सतबीर जाणी, बीर सिंह, नरेश बिशियर, सुलतान सिंह सहित अन्य ने बताया कि एक और तो पास के गांव बड़ौता का पुल पहले ही टूट चुका है।
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कही ऐसी नौबत गांव जाणी के पुल की बन गई तो कई क्षेत्रों का चक्कर लगाकर रास्ता तय करना पड़ेगा। अगर इस बारे में जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को कई प्रकार की चिंता सताने लगी है। गांव के सरपंच मुलतान सिंह ने पुल की मरम्मत के बारे में संबंधित अधिकारियों को लिखकर समस्या का समाधान करवाने के लिए गुहार लगाई है।
नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाणी गांव का पुल काफी पुराना होने की वजह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। विभाग इस समस्या के हल के लिए मुस्तैद है। ड्राइंग तैयार करवाई जा रही है। जल्द ही अन्य पुलों को भी रिप्लेश किया जाएगा।
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विभाग ने पुल की दीवार पर चेतावनी लिख दी है कि यह पुल पुराना, कमजोर व क्षतिग्रस्त है। यहां पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस पुल का प्रयोग न करे। इसके साथ ही यह पुल आवागमन के लायक नहीं रहा है। विभाग ने इस पुल के दोनों ओर के मुहानों पर आवागमन नहीं करने की चेतावनी दी है।
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पुल की खराब स्थिति के लिए ग्रामीण चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जाणी के पुल को बने 150 वर्ष का अरसा बीत चुका है। पुल के ऊपर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। पुल को मरम्मत की दरकार है। ग्रामीण सतबीर जाणी, बीर सिंह, नरेश बिशियर, सुलतान सिंह सहित अन्य ने बताया कि एक और तो पास के गांव बड़ौता का पुल पहले ही टूट चुका है।
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कही ऐसी नौबत गांव जाणी के पुल की बन गई तो कई क्षेत्रों का चक्कर लगाकर रास्ता तय करना पड़ेगा। अगर इस बारे में जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को कई प्रकार की चिंता सताने लगी है। गांव के सरपंच मुलतान सिंह ने पुल की मरम्मत के बारे में संबंधित अधिकारियों को लिखकर समस्या का समाधान करवाने के लिए गुहार लगाई है।
नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाणी गांव का पुल काफी पुराना होने की वजह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। विभाग इस समस्या के हल के लिए मुस्तैद है। ड्राइंग तैयार करवाई जा रही है। जल्द ही अन्य पुलों को भी रिप्लेश किया जाएगा।