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Karnal News: तीन दिन तक होगी बारिश, गर्मी से मिलेगी निजात
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मौसम के बदलते मिजाज के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार को भी शाम को बादल छाए, धूल भरी हवाएं चलीं। देर रात तक बारिश तो नहीं हुई, लेकिन हवाओं में नमी से लोगों को गर्मी से राहत जरूरत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तीन दिनों तक बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।
चार माई की रात्रि को मौसम के मिजाज में बदलाव आया था। मध्यरात्रि के बाद पांच मई की अलसुबह हुई झमाझम बारिश के बाद कई दिनों से लगातार चढ़ता पारा गिर गया था।
अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद तेज बारिश नहीं हुई। दो दिन पूर्व हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद लगातार तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि इस दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए, लेकिन उनका कोई खास असर करनाल जिले में नहीं रहा, लेकिन राज्य के अन्य जिलों में बारिश हुई।
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सीएसएसआरआई की जिला मौसम वेधशाला में रविवार को अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार को 35.8 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई, जो 25 से गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
दिनभर उत्तरी पूर्वी हवाएं चलती रही। शाम को धूल भरी आंधी भी चली। मौसम विज्ञानी डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि अभी 14 मई तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। उत्तर पूर्वी हवाओं के बीच आसमान पर बादलों की आवाजाही भी रहेगी। हालांकि तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में अधिक गिरावट नहीं आएगी, लेकिन इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं-कहीं हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है।
किसान उठाएं लाभ ःपांच मई को बारिश हुई थी, फिर कहीं-कहीं बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार करनाल में भी बारिश की संभावना है। इस समय खेत खाली हैं। गेहूं के अवशेष जो खड़े हैं, उनमें कोई नुकसान नहीं है, लेकिन जो भीग चुके हैं, सूखने पर उनका भूसा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही खेतों में नमी हो गई है, इसमें ढैंचा बोया जा सकता है, जो धान की रोपाई तक हो जाएगा। जिसे खेत में ही मिलाया जा सकता है। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति को बड़ा फायदा मिलेगा। विलंबित मूंग भी बोई जा सकती है।
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करनाल। मौसम के बदलते मिजाज के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार को भी शाम को बादल छाए, धूल भरी हवाएं चलीं। देर रात तक बारिश तो नहीं हुई, लेकिन हवाओं में नमी से लोगों को गर्मी से राहत जरूरत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तीन दिनों तक बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।
चार माई की रात्रि को मौसम के मिजाज में बदलाव आया था। मध्यरात्रि के बाद पांच मई की अलसुबह हुई झमाझम बारिश के बाद कई दिनों से लगातार चढ़ता पारा गिर गया था।
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अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद तेज बारिश नहीं हुई। दो दिन पूर्व हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद लगातार तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि इस दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए, लेकिन उनका कोई खास असर करनाल जिले में नहीं रहा, लेकिन राज्य के अन्य जिलों में बारिश हुई।
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सीएसएसआरआई की जिला मौसम वेधशाला में रविवार को अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार को 35.8 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई, जो 25 से गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
दिनभर उत्तरी पूर्वी हवाएं चलती रही। शाम को धूल भरी आंधी भी चली। मौसम विज्ञानी डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि अभी 14 मई तक मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। उत्तर पूर्वी हवाओं के बीच आसमान पर बादलों की आवाजाही भी रहेगी। हालांकि तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में अधिक गिरावट नहीं आएगी, लेकिन इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं-कहीं हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है।
किसान उठाएं लाभ ःपांच मई को बारिश हुई थी, फिर कहीं-कहीं बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार करनाल में भी बारिश की संभावना है। इस समय खेत खाली हैं। गेहूं के अवशेष जो खड़े हैं, उनमें कोई नुकसान नहीं है, लेकिन जो भीग चुके हैं, सूखने पर उनका भूसा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही खेतों में नमी हो गई है, इसमें ढैंचा बोया जा सकता है, जो धान की रोपाई तक हो जाएगा। जिसे खेत में ही मिलाया जा सकता है। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति को बड़ा फायदा मिलेगा। विलंबित मूंग भी बोई जा सकती है।