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माता-पिता को मैं भगवान समझता हूं... यह पढ़कर फफक पड़े पिता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 02:21 AM IST
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It is written in the suicide note, God parents...
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। माता-पिता को मैं भगवान समझता हूं..., यह लाइन पढ़ते ही पिता की आंखों से आंसू निकल आए और वह फूट-फूट कर रोने लगे। यह बात कर्ण विहार निवासी एमबीबीएस के छात्र निशांत कुमार ने अपने सुसाइड नोट में लिखे हुए थे। निशांत ओडिशा के बलांगीर जिले के भीम भोई मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था। शुक्रवार दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी छात्रावास की बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई।
रविवार को परिजन निशांत का शव करनाल लेकर पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार किया गया। निशांत के पिता प्रोफेसर कृष्ण कुमार ने रोते हुए बताया कि वह उसका इकलौता बेटा था। उसने पहली बार में ही नीट की परीक्षा पास की थी और ओडिशा के भीम भोई मेडिकल कॉलेज में दाखिला हुआ था। एक सप्ताह पहले ही वह निशांत को मेडिकल कॉलेज में छोड़कर आए थे, लेकिन वहां के विद्यार्थी उसकी रैगिंग कर रहे थे। इस बारे में निशांत ने वीडियो कॉल कर अपनी माता को भी बताया था। इसके बाद उन्होंने कॉलेज के प्रोफेसरों को भी इसकी सूचना दी थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर को उन्हें सूचना मिली कि निशांत छात्रावास की छत से गिर गया है। वह वहां गए तो निशांत ने एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने लिखा है कि उसके सीनियर रैगिंग करते हैं। रात को छात्रावास की सफाई कराते हैं, रातभर बैठाकर रखते हैं और गालियां देने को कहते हैं। इससे वह परेशान था। उसने यह भी लिखा है कि जिनकी वजह से उसकी जान जा रही है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए ताकि किसी और छात्र की इस तरह जान न जाए।
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संगीत का था शौक
पिता ने बताया कि निशांत को संगीत का शौक था, लेकिन उनके कहने पर निशांत ने नीट की परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की। उसने ट्यूशन भी नहीं ली और पहली बार में ही नीट की परीक्षा क्वालीफाई कर ली।
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महाराणा प्रताप चौक पर लगाया जाम
ओडिशा से शव लाते समय शहर के महाराणा प्रताप चौक पर परिजनों ने कुछ समय के लिए जाम लगा दिया। निशांत का शव एंबुलेंस में ही था। निशांत के मामा ने रोते हुए सरकार से मांग कर कहा कि निशांत को इंसाफ दिलाया जाए। उसे रैगिंग कर बहुत परेशान किया गया था।
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