{"_id":"624f3ff564c19764b45e4692","slug":"irrigation-can-be-done-with-46-million-liters-of-water-flowing-in-raw-drains-every-day-karnal-news-knl104226363","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर रोज कच्चे नालों में बह रहे 46 मिलियन लीटर पानी से हो सकेगी सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर रोज कच्चे नालों में बह रहे 46 मिलियन लीटर पानी से हो सकेगी सिंचाई
विज्ञापन
पिछले कई साल से सेक्टर 4 स्थित 50 एमएलडी की क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से हर रोज उपचारित करीब 46 मिलियन लीटर पानी यूं ही कच्चे नालों में बह रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम के प्रोजेक्ट पर सिंचाई विभाग की नींद टूटी है और 56.18 करोड़ रुपये की लागत से करनाल उपचारित अपशिष्ट जल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (ट्रीटेड वेस्ट वाटर माइक्रो इरीगेशन प्रोजेक्ट) शुरू कर दी गई है। इसमें आसपास के करीब 11 गांवों तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। परियोजना के पूरा होने पर हर रोज व्यर्थ बहाए जा रहे 46 मिलियन लीटर उपचारित पानी का उपयोग करीब छह हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। फिलहाल परियोजना को पूरे होने में एक साल का समय लगेगा, तब तक यह उपचारित पानी यूं ही व्यर्थ बहता रहेगा।
निगमायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में अमरूत के तहत सीवर लाइनें डालने का काम किया गया है। इसके तहत कुल एक लाख 50 हजार 653 मीटर लंबाई की लाइनें डाली जानी हैं, जिनमें से एक लाख 48 हजार 200 मीटर लंबी लाइन यानि 98.37 प्रतिशत का काम पूरा हो चुका है। इन लाइनों पर 13 हजार 150 हाउस होल्ड कनेक्शन दिए जाने प्रस्तावित थे, जिनमें से 9475 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
इन गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
करनाल में उपचारित अपशिष्ट जल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के पूरे होने पर जिन गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा, उनमें रांवर, ऊंचा समाना, पीपल वाली, शेखपुरा, गंजोगढ़ी, अलीपुर माजरा, रसूलपुर, कैरवाली, कुटेल और दादूपुर रांगडान शामिल हैं।
विज्ञापन
उपचारित पानी किसानों को निशुल्क दिया जाए या शुल्क लिया जाए, जिससे नगर निगम की आय बढ़ सके। फिलहाल इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। निगमायुक्त ने बताया कि इस पर जायज शुल्क सिंचाई विभाग प्लान करेगा। विचार विमर्श के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सिंचाई विभाग की करनाल डिवीजन द्वारा घोघड़ीपुर के पास 10 व आठ एमएलडी के, शिव कॉलोनी व हकीकत नगर क्षेत्र में पूरे हो चुके दो एसटीपी से उपचारित साढे़ पांच क्यूसिक जल से 2100 एकड़ जमीन को सिंचित करने का एक अन्य प्रोजेक्ट भी सिरे चढ़ रहा है। इसका टेंडर भी हो चुका है। इसी महीने इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। 50 एमएलडी प्लांट से उपचारित पानी के सदुपयोग के लिए जो परियोजना ली गई है, वह इंद्री जल सेवाओं का है।
नगरीय क्षेत्र में छह एसटीपी हैं। सेक्टर-4 में 50 एमएलडी, घोघड़ीपुर में 10 एमएलडी और आरके पुरम में आठ एमएलडी एसटीपी पूरे हो चुके हैं। इनमें ग्रे-वाटर को उपचारित किया जा रहा है। फूसगढ़ में 20 एमएलडी एसटीपी व शिव कॉलोनी में आठ एमएलडी के एसटीपी पूरे होने वाले हैं। कंबोपुरा में आठ एमएलडी का एक अन्य एसटीपी निर्माणाधीन है। इन सभी को मिलाकर एसटीपी से उपचारित पानी की क्षमता 104 मीलियन लीटर रोजाना हो जाएगी। 50, 10 व 8 एमएलडी क्षमता के तीन संयंत्रों से रोजाना करीब 56 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है। क्षमता के हिसाब से अगले 20 साल में जिले में नए एसटीपी के निर्माण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
निगमायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में अमरूत के तहत सीवर लाइनें डालने का काम किया गया है। इसके तहत कुल एक लाख 50 हजार 653 मीटर लंबाई की लाइनें डाली जानी हैं, जिनमें से एक लाख 48 हजार 200 मीटर लंबी लाइन यानि 98.37 प्रतिशत का काम पूरा हो चुका है। इन लाइनों पर 13 हजार 150 हाउस होल्ड कनेक्शन दिए जाने प्रस्तावित थे, जिनमें से 9475 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
विज्ञापन
इन गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
करनाल में उपचारित अपशिष्ट जल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के पूरे होने पर जिन गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा, उनमें रांवर, ऊंचा समाना, पीपल वाली, शेखपुरा, गंजोगढ़ी, अलीपुर माजरा, रसूलपुर, कैरवाली, कुटेल और दादूपुर रांगडान शामिल हैं।
विज्ञापन
उपचारित पानी किसानों को निशुल्क दिया जाए या शुल्क लिया जाए, जिससे नगर निगम की आय बढ़ सके। फिलहाल इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। निगमायुक्त ने बताया कि इस पर जायज शुल्क सिंचाई विभाग प्लान करेगा। विचार विमर्श के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सिंचाई विभाग की करनाल डिवीजन द्वारा घोघड़ीपुर के पास 10 व आठ एमएलडी के, शिव कॉलोनी व हकीकत नगर क्षेत्र में पूरे हो चुके दो एसटीपी से उपचारित साढे़ पांच क्यूसिक जल से 2100 एकड़ जमीन को सिंचित करने का एक अन्य प्रोजेक्ट भी सिरे चढ़ रहा है। इसका टेंडर भी हो चुका है। इसी महीने इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। 50 एमएलडी प्लांट से उपचारित पानी के सदुपयोग के लिए जो परियोजना ली गई है, वह इंद्री जल सेवाओं का है।
नगरीय क्षेत्र में छह एसटीपी हैं। सेक्टर-4 में 50 एमएलडी, घोघड़ीपुर में 10 एमएलडी और आरके पुरम में आठ एमएलडी एसटीपी पूरे हो चुके हैं। इनमें ग्रे-वाटर को उपचारित किया जा रहा है। फूसगढ़ में 20 एमएलडी एसटीपी व शिव कॉलोनी में आठ एमएलडी के एसटीपी पूरे होने वाले हैं। कंबोपुरा में आठ एमएलडी का एक अन्य एसटीपी निर्माणाधीन है। इन सभी को मिलाकर एसटीपी से उपचारित पानी की क्षमता 104 मीलियन लीटर रोजाना हो जाएगी। 50, 10 व 8 एमएलडी क्षमता के तीन संयंत्रों से रोजाना करीब 56 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है। क्षमता के हिसाब से अगले 20 साल में जिले में नए एसटीपी के निर्माण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।