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पहले दिन बैंकों में चार अरब का काम प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Mon, 10 Feb 2014 08:09 PM IST
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जिलेभर में बैंकों की 200 शाखाओं में हड़ताल के पहले दिन करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं को पूरी फजीहत झेलनी पड़ी। बैंक शाखाओं में एक दिन की हड़ताल के कारण करीब चार अरब रुपये के कारोबार का लेनदेन पूरी तरह ठप पड़ा रहा। कोई चेक, कोई डिमांड ड्राफ्ट किसी का नहीं लगा।
एटीएम को छोड़ बैंकों में होने वाले सामान्य ढंग से रोजाना लेन-देन का काम भी नहीं हुआ। लोग बैंकों तक पहुंचे, लेकिन ताला लटका देख परेशानी की हालत में वापस लौट गए।
बैंक अधिकारियों की बात पर यकीन किया जाए तो हड़ताल के दौरान कोई घाटा या नुकसान नहीं होता है, लेकिन बैंकों में तमाम लेनदेन ठप रहने के कारण हड़ताल के दिन बैंकों को फीस के तौर पर मिलने वाला लाखों-करोड़ों का राजस्व उस दिन नहीं मिल पाता है।
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इस पर मिलने वाले एक दिन के ब्याज का भी नुकसान होना माना जा सकता है। वह अलग बात है कि हड़ताल समाप्त होने के अगले दिन वह सब क्लीयर हो जाते हैं। हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को बड़ी फजीहत झेलनी पड़ती है। हजारों लोगों के विभिन्न बैंकों मेें होने वाली क्लीरेंस रूकने के कारण उन लोगों के कार्य प्रभावित हो जाते हैं।
शहर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के रिकार्ड का ही जिक्र करें तो 15 से 20 हजार लोगों के ट्रांजिक्शन होती है, जो पूरा दिन का सब लेनदेन मिलाया जाए तो औसत करीब एक अरब होने का अनुमान रहता है।
ऐसे ही अन्य तमाम बैंकों की सब शाखाओं को मिलाए तो इसका चार गुणा होने का अनुमान बैंक अधिकारियों का ही है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल से करीब चार अरब रुपये का काम प्रभावित हुआ है।
मंगलवार को भी हड़ताल रही तो चार अरब का काम कल प्रभावित होना भी तय है। ऐसे में दोनों दिन की बैंकों की हड़ताल से करीब आठ करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित होना तय है।
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एटीएम को छोड़ बैंकों में होने वाले सामान्य ढंग से रोजाना लेन-देन का काम भी नहीं हुआ। लोग बैंकों तक पहुंचे, लेकिन ताला लटका देख परेशानी की हालत में वापस लौट गए।
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बैंक अधिकारियों की बात पर यकीन किया जाए तो हड़ताल के दौरान कोई घाटा या नुकसान नहीं होता है, लेकिन बैंकों में तमाम लेनदेन ठप रहने के कारण हड़ताल के दिन बैंकों को फीस के तौर पर मिलने वाला लाखों-करोड़ों का राजस्व उस दिन नहीं मिल पाता है।
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इस पर मिलने वाले एक दिन के ब्याज का भी नुकसान होना माना जा सकता है। वह अलग बात है कि हड़ताल समाप्त होने के अगले दिन वह सब क्लीयर हो जाते हैं। हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को बड़ी फजीहत झेलनी पड़ती है। हजारों लोगों के विभिन्न बैंकों मेें होने वाली क्लीरेंस रूकने के कारण उन लोगों के कार्य प्रभावित हो जाते हैं।
शहर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के रिकार्ड का ही जिक्र करें तो 15 से 20 हजार लोगों के ट्रांजिक्शन होती है, जो पूरा दिन का सब लेनदेन मिलाया जाए तो औसत करीब एक अरब होने का अनुमान रहता है।
ऐसे ही अन्य तमाम बैंकों की सब शाखाओं को मिलाए तो इसका चार गुणा होने का अनुमान बैंक अधिकारियों का ही है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल से करीब चार अरब रुपये का काम प्रभावित हुआ है।
मंगलवार को भी हड़ताल रही तो चार अरब का काम कल प्रभावित होना भी तय है। ऐसे में दोनों दिन की बैंकों की हड़ताल से करीब आठ करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित होना तय है।