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राशन डिपो ऑनलाइन करने में करनाल अव्वल
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Mon, 24 Aug 2015 12:26 AM IST
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राशन डिपो पर गड़बड़ी रोकने के लिए की जा रही ऑनलाइन प्रक्रिया में करनाल
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का कार्य प्रदेश में टॉप पर है। जिले में 75 प्रतिशत राशन कार्ड से आधार
कार्ड और 61 प्रतिशत आधार कार्ड से अकाउंट नंबर लिंक हो चुका है। इसके
अलावा राशन कार्ड के सभी मेंबर के आधार कार्ड 81 प्रतिशत लिंक हो चुके हैं।
डीएफएससी निशांत राठी का कहना है कि करनाल जिले की ऑनलाइन प्रक्रिया प्रदेश में पहले नंबर पर है। सितंबर माह में सभी डिपो को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। जिले में 567 राशन डिपो पर है। इन पर हर महीने गेहूं, मिट्टी का तेल व दाल, चीनी रियायती दामों पर बांटी जाती है।
ऑनलाइन के बाद जरूरतमंद लोगों को बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर राशन मिलेगा। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगा और राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बाद उपभोक्ताओं से राशन का पूरा पैसा लेकर उनके खातों में ही सब्सिडी डालने की प्रक्रिया चल रही है। इससे डिपो होल्डरों की मनमानी खत्म हो जाएगी।
राशन डिपो को ऑनलाइन करने का काम तेजी से चल रहा है। सितंबर में सभी डिपो ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। प्रदेश में पहला स्थान करनाल का है, जिसमें राशन कार्ड, आधार कार्ड व अकाउंट नंबर जोड़े जा रहे हैं।
-निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।
डीएफएससी निशांत राठी का कहना है कि करनाल जिले की ऑनलाइन प्रक्रिया प्रदेश में पहले नंबर पर है। सितंबर माह में सभी डिपो को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। जिले में 567 राशन डिपो पर है। इन पर हर महीने गेहूं, मिट्टी का तेल व दाल, चीनी रियायती दामों पर बांटी जाती है।
ऑनलाइन के बाद जरूरतमंद लोगों को बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर राशन मिलेगा। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगा और राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बाद उपभोक्ताओं से राशन का पूरा पैसा लेकर उनके खातों में ही सब्सिडी डालने की प्रक्रिया चल रही है। इससे डिपो होल्डरों की मनमानी खत्म हो जाएगी।
राशन डिपो को ऑनलाइन करने का काम तेजी से चल रहा है। सितंबर में सभी डिपो ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। प्रदेश में पहला स्थान करनाल का है, जिसमें राशन कार्ड, आधार कार्ड व अकाउंट नंबर जोड़े जा रहे हैं।
-निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।