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Karnal News: आईएमए अध्यक्ष ने टीबी के 40 मरीजों को लिया गोद

Fri, 10 Oct 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 10 Oct 2025 01:41 AM IST
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IMA President adopts 40 TB patients
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। वीरवार को सिविल सर्जन डॉ पूनम चौधरी के मार्गदर्शन में सेक्टर-13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के 40 टीबी मरीजों को आईएमए अध्यक्ष डॉ. दीपक प्रकाश ने गोद लिया और पोषण सामग्री वितरित की। उप-सिविल सर्जन व टीबी नोडल अधिकारी डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि इस समय जिले में टीबी के 2700 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिन्हें गाेद लेकर प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ वितरित किए जाने हैं। इसके लिए उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वे योगदान दें ताकि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ नीरू ने बताया कि जिले में 9 क्षय रोग केंद्र और 23 जगह बलगम के जांच केंद्र हैं। जहां पर मरीजों के बलगम की नि:शुल्क जांच की जाती है। भारत सरकार ने निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण के लिए एक हजार रुपये प्रति माह देने का प्रावधान किया है। एनटीईपी के तहत नए टीबी मरीजों की सूचना देने और बलगम जांच करवाने पर टीबी मिलने पर सूचना देने वाले को पांच सौ रुपये प्रति मरीज देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है जो शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने एवं थूकने से फैलती है। यदि समय पर जांच व इलाज शुरू न किया जाए तो एक टीबी का मरीज 10-15 लोगों संक्रमित कर सकता है। भारत सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए वर्ष 2025 का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्वास्थ्य विभाग करनाल से डॉ. नीरू वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. क्रांति चिकित्सा अधिकारी, डाॅ. पुनीत दंत सर्जन व अन्य मौजूद रहे।
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डॉ. सिम्मी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण हैं तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच व इलाज करवाए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी से संबंधित जांच व इलाज मुफ्त में किया जाता है। इसके लिए मरीजों को जागरूक करना बहुत आवश्यक है। भारत सरकार ने टीबी को नोटिफाइबल डिजीज घोषित किया है, जिसके तहत सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिक व लैब को टीबी के मामलों की रिपोर्ट देना आवश्यक है।
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