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Karnal News: 27.55 लाख की अवैध दवाइयां जब्त
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कैथल में उजागर हुए एमटीपी किट रैकेट के तार करनाल से भी जुड़े मिले। जिस पर करनाल व कैथल की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने करनाल की शिव कॉलोनी में देर रात संयुक्त रूप से एक मकान पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान कमरे में 20 प्रकार की एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाएं बिना लाइसेंस के स्टॉक की हुईं पाई गईं। इनमें गर्भनिरोधक और हार्मोनल दवाएं शामिल रहीं। बरामद दवाओं की कीमत 27.55 लाख रुपये आंकी गई है।
ये कार्रवाई कैथल के ड्रग कंट्रोल ऑफिसर चेतन वर्मा की अगुवाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो टीम इंचार्ज विनोद, एसएमओ कुंजपुरा डॉ. संदीप अबरोल और सेक्टर 16 एसएमओ डॉ. नीरू बाला ने की। टीम ने अवैध दवाओं के इस जखीरे को जब्त कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं आरोपी रविंद्र की खोजबीन की जा रही है। टीम जब मौके पर पहुंची तो मकान का एक कमरा बंद मिला। उसी मकान में मौजूद एक किराएदार ने बताया कि ये कमरा यशविंद्र नाम के व्यक्ति का है। यशविंद्र को मौके पर बुलाया गया। उसने बताया कि दवा का कारोबार उसका भाई रविंद्र करता है। रविंद्र वही शख्स है जिसका नाम कैथल के विकास ने लिया था। कैथल में 5805 एमटीपी किट बरामद होने के बाद इसके तार करनाल से जुड़े होने का खुलासा आरोपी विकास से ही हुआ। 29 अप्रैल को कैथल के चंदाना गेट इलाके में एक किराए के मकान से 5805 एमटीपी किट और 607 अनवांटेड-72 गोलियां बरामद की गई थीं। इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करने वाले आरोपी विकास के पास न कोई लाइसेंस था और न मेडिकल योग्यता। वह दो वर्षों से दवाओं के इस कारोबार में संलिप्त था। पुलिस रिमांड पर विकास ने कबूल किया कि उसे ये किट करनाल से मिलती थीं। इस आधार पर शिव कॉलोनी में दबिश दी गई।
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करनाल। कैथल में उजागर हुए एमटीपी किट रैकेट के तार करनाल से भी जुड़े मिले। जिस पर करनाल व कैथल की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने करनाल की शिव कॉलोनी में देर रात संयुक्त रूप से एक मकान पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान कमरे में 20 प्रकार की एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाएं बिना लाइसेंस के स्टॉक की हुईं पाई गईं। इनमें गर्भनिरोधक और हार्मोनल दवाएं शामिल रहीं। बरामद दवाओं की कीमत 27.55 लाख रुपये आंकी गई है।
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ये कार्रवाई कैथल के ड्रग कंट्रोल ऑफिसर चेतन वर्मा की अगुवाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो टीम इंचार्ज विनोद, एसएमओ कुंजपुरा डॉ. संदीप अबरोल और सेक्टर 16 एसएमओ डॉ. नीरू बाला ने की। टीम ने अवैध दवाओं के इस जखीरे को जब्त कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं आरोपी रविंद्र की खोजबीन की जा रही है। टीम जब मौके पर पहुंची तो मकान का एक कमरा बंद मिला। उसी मकान में मौजूद एक किराएदार ने बताया कि ये कमरा यशविंद्र नाम के व्यक्ति का है। यशविंद्र को मौके पर बुलाया गया। उसने बताया कि दवा का कारोबार उसका भाई रविंद्र करता है। रविंद्र वही शख्स है जिसका नाम कैथल के विकास ने लिया था। कैथल में 5805 एमटीपी किट बरामद होने के बाद इसके तार करनाल से जुड़े होने का खुलासा आरोपी विकास से ही हुआ। 29 अप्रैल को कैथल के चंदाना गेट इलाके में एक किराए के मकान से 5805 एमटीपी किट और 607 अनवांटेड-72 गोलियां बरामद की गई थीं। इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई। प्रतिबंधित दवाओं की अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करने वाले आरोपी विकास के पास न कोई लाइसेंस था और न मेडिकल योग्यता। वह दो वर्षों से दवाओं के इस कारोबार में संलिप्त था। पुलिस रिमांड पर विकास ने कबूल किया कि उसे ये किट करनाल से मिलती थीं। इस आधार पर शिव कॉलोनी में दबिश दी गई।
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