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प्राइवेट सेक्टर की ओर बढ़ा रुझान तो विदेश में रोजगार की चाहत कम नहीं
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युवाओं का रुझान अब प्राइवेट सेक्टर के रोजगार की ओर बढ़ने लगा है। कुछ युवक सरकारी सेक्टर में भी जॉब चाहते हैं तो कुछ खुद का व्यवसाय। इतना ही नहीं ऐसे युवाओं की भी कमी नहीं हैं, जो रोजगार के लिए विदेश जाने की चाहत रखते हैं। इसके लिए वे स्टडी वीजा पर विदेश जाकर वहीं अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार कर बसना चाहते हैं।
रोजगार चयन को लेकर कर्णनगरी के युवा कितने संजीदा हैं, उनका झुकाव किस सेक्टर की जॉब के प्रति ज्यादा है और वे इस बारे में क्या सोचते हैं। इसे लेकर अमर उजाला की ओर से कर्णनगरी के दो सौ युवाओं से बातचीत की गई। इस सर्वे के दौरान इन युवाओं से ‘रोजगार चयन’ विषय पर चर्चा कर उनकी राय जानी गई। इसमें यह बात सामने आई कि 47 प्रतिशत युवा प्राइवेट तो 27.5 प्रतिशत सरकारी सेक्टर में नौकरी करना चाहते हैं। 42.5 प्रतिशत युवा विदेश में जॉब करना चाहते हैं। 25.5 प्रतिशत युवा ऐसे भी हैं, जो खुद का व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक हैं। इसमें कई युवा स्टार्ट अप के जरिए अपना काम शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
ये युवा अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसकी प्राप्ति के लिए जीतोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। इनका मानना है कि प्राइवेट सेक्टर में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं और पे-स्केल भी बेहतर है। कुछ युवा मानते हैं कि सरकारी नौकरी में जाकर वे लोगों की सेवा करना चाहते हैं। शेष अपने घर के व्यवसाय को ही बुलंदी पर ले जाना चाहते हैं।
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सर्वे पर विशेषज्ञों की राय-
योग्यता के आधार पर तय करें लक्ष्य
- असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिखा ने बताया कि बच्चों को अपनी योग्यता के आधार पर अपना लक्ष्य तय करना चाहिए। कुछ बच्चे पढ़ने में बहुत अच्छे होते हैं, वे सरकारी और प्राइवेट दोनों में नौकरी के लिए तैयारी कर सकते हैं और कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो पढ़ने में तो इतने अच्छेे नहीं होते लेकिन बहुत रचनात्मक होते हैं, वे खुद का बिजनेस कर सकते हैं।
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आज आगे बढ़ने के कई विकल्प
असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योति वत्स ने बताती हैं कि आज युवाओं के पास आगे बढ़ने के लिए कई विकल्प हैं, एक ही क्षेत्र में नौकरियों के लिए कई विकल्प खुले हैं। अब अगर मनोविज्ञान की बात करें तो इस क्षेत्र में कॅरिअर काउंसलर्स से लेकर हेल्थ केयर या हेल्थ थेरेपी में रोजगार के खासे अवसर हैं। सिर्फ सरकारी ही नहीं प्राइवेट सेक्टर में भी बहुत अच्छे जॉब हैं, जिसे हासिल कर छात्र सफल हो सकते हैं।
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दूसरों को रोजगार देने वाला बनें
प्रोफेसर राजेश ने बताया कि हर क्षेत्र में निजीकरण हो रहा है अगर ऐसे में युवा यदि अपना खुद का कोई काम करें तो बेहतर है। कम सैलरी में काम करने से बेहतर है खुद दस और लोगों को रोजगार दें। सरकारी विभाग में नौकरी के लिए कॉम्पिटिशन ज्यादा है। कहीं ना कहीं शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत है ताकि युवा प्रायोगिक रूप से चीजों को समझकर आगे बढ़ें।
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परिवार, शिक्षकों से भी करें मशविरा
प्रोफेसर डॉ. अमरदीप ने बताया कि युवाओं को पहले अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, उन्हें पता होना चाहिए कि वेे किस लक्ष्य के लिए तैयारी करें, फिर उस हिसाब से रोजगार का क्षेत्र चुनना चाहिए। ज्यादातर युवाओं को पता ही नहीं होता है कि उनकी योग्यता किस क्षेत्र में हैं। ऐसे में वे भटक जाते हैं। इस विषय पर उन्हें अपने परिवार और शिक्षकों से भी चर्चा करनी चाहिए। अब वो समय नहीं रहा जब सरकारी नौकरी को ही ज्यादा महत्ता दी जाती थी अब बच्चों प्राइवेट नौकरी की तरफ भी जा रहे हैं, क्योंकि प्राइवेट कंपनियाें द्वारा एक अच्छा सैलरी पैकेज ऑफर किया जाता है।
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रोजगार चयन को लेकर कर्णनगरी के युवा कितने संजीदा हैं, उनका झुकाव किस सेक्टर की जॉब के प्रति ज्यादा है और वे इस बारे में क्या सोचते हैं। इसे लेकर अमर उजाला की ओर से कर्णनगरी के दो सौ युवाओं से बातचीत की गई। इस सर्वे के दौरान इन युवाओं से ‘रोजगार चयन’ विषय पर चर्चा कर उनकी राय जानी गई। इसमें यह बात सामने आई कि 47 प्रतिशत युवा प्राइवेट तो 27.5 प्रतिशत सरकारी सेक्टर में नौकरी करना चाहते हैं। 42.5 प्रतिशत युवा विदेश में जॉब करना चाहते हैं। 25.5 प्रतिशत युवा ऐसे भी हैं, जो खुद का व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक हैं। इसमें कई युवा स्टार्ट अप के जरिए अपना काम शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
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ये युवा अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसकी प्राप्ति के लिए जीतोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। इनका मानना है कि प्राइवेट सेक्टर में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं और पे-स्केल भी बेहतर है। कुछ युवा मानते हैं कि सरकारी नौकरी में जाकर वे लोगों की सेवा करना चाहते हैं। शेष अपने घर के व्यवसाय को ही बुलंदी पर ले जाना चाहते हैं।
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सर्वे पर विशेषज्ञों की राय-
योग्यता के आधार पर तय करें लक्ष्य
- असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिखा ने बताया कि बच्चों को अपनी योग्यता के आधार पर अपना लक्ष्य तय करना चाहिए। कुछ बच्चे पढ़ने में बहुत अच्छे होते हैं, वे सरकारी और प्राइवेट दोनों में नौकरी के लिए तैयारी कर सकते हैं और कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो पढ़ने में तो इतने अच्छेे नहीं होते लेकिन बहुत रचनात्मक होते हैं, वे खुद का बिजनेस कर सकते हैं।
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आज आगे बढ़ने के कई विकल्प
असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योति वत्स ने बताती हैं कि आज युवाओं के पास आगे बढ़ने के लिए कई विकल्प हैं, एक ही क्षेत्र में नौकरियों के लिए कई विकल्प खुले हैं। अब अगर मनोविज्ञान की बात करें तो इस क्षेत्र में कॅरिअर काउंसलर्स से लेकर हेल्थ केयर या हेल्थ थेरेपी में रोजगार के खासे अवसर हैं। सिर्फ सरकारी ही नहीं प्राइवेट सेक्टर में भी बहुत अच्छे जॉब हैं, जिसे हासिल कर छात्र सफल हो सकते हैं।
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दूसरों को रोजगार देने वाला बनें
प्रोफेसर राजेश ने बताया कि हर क्षेत्र में निजीकरण हो रहा है अगर ऐसे में युवा यदि अपना खुद का कोई काम करें तो बेहतर है। कम सैलरी में काम करने से बेहतर है खुद दस और लोगों को रोजगार दें। सरकारी विभाग में नौकरी के लिए कॉम्पिटिशन ज्यादा है। कहीं ना कहीं शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत है ताकि युवा प्रायोगिक रूप से चीजों को समझकर आगे बढ़ें।
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परिवार, शिक्षकों से भी करें मशविरा
प्रोफेसर डॉ. अमरदीप ने बताया कि युवाओं को पहले अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, उन्हें पता होना चाहिए कि वेे किस लक्ष्य के लिए तैयारी करें, फिर उस हिसाब से रोजगार का क्षेत्र चुनना चाहिए। ज्यादातर युवाओं को पता ही नहीं होता है कि उनकी योग्यता किस क्षेत्र में हैं। ऐसे में वे भटक जाते हैं। इस विषय पर उन्हें अपने परिवार और शिक्षकों से भी चर्चा करनी चाहिए। अब वो समय नहीं रहा जब सरकारी नौकरी को ही ज्यादा महत्ता दी जाती थी अब बच्चों प्राइवेट नौकरी की तरफ भी जा रहे हैं, क्योंकि प्राइवेट कंपनियाें द्वारा एक अच्छा सैलरी पैकेज ऑफर किया जाता है।