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Karnal News: गणना के दौरान घर बंद मिला तो अंदर फार्म डालेंगे बीएलओ, वापस लेने के लिए लगाने होंगे तीन चक्कर
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डा. मंगलसेन सभागार में आयोजित बैठक में उपस्थित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक पंजीकर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एसआईआर का कार्य कुछ समय बाद शुरू होने वाला है इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गणना के दौरान जब बीएलओ घर-घर जाएंगे तो आयोग की ओर जारी फार्म भरवाया जाएगा। ताकि फैमिली ग्रुपिंग हो सके। इस दौरान यदि कोई घर बंद मिला तो उसके दरवाजे के नीचे से फार्म अंदर डाल दिया जाएगा। इसके बाद बीएलओ को भरे हुए फार्म को लाने के लिए अलग-अलग समय में कम से कम तीन चक्कर लगाने होंगे। यह निर्देश सोमवार को जारी किए गए।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से डॉ. मंगलसेन सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव अधिकारियों का मंडल स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें करनाल, पानीपत व कैथल के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के अलावा अन्य जिलों के निर्वाचन तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त सीईओ राजकुमार पहुंचे। प्रशिक्षण भारत निर्वाचन आयोग से आए सचिव पवन दीवान व संतोष दुबे ने दिया।
संयुक्त सीईओ राजकुमार ने पीपीटी के माध्यम से अधिकारियों का प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि एसआईआर के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांगों आदि को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया जाए। जांच व उचित अवसर दिए बिना किसी मतदाता का नाम सूची से न हटाएं। खंडों के युक्तिकरण, पुन:क्रमांकन और गठन के साथ-साथ फैमिली ग्रुपिंग की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि एक परिवार के सदस्यों के वोट एक ही बूथ पर रहने चाहिए। एक भवन में रहने वाले मतदाताओं को एक ही भाग में नामांकित किया जाए। साथ ही राजनीतिक दलों के साथ सहभागिता और निर्वाचक नामावलियां साझा करने को कहा। इसके अलावा ईआरओ/एईआरओ द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम प्रदीप कुमार ने की। निर्वाचण तहसीलदार सुदेश राणा और हरियाणा अतिरिक्त सीईओ रितु मौजूद रहे। ब्यूरो
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मैपिंग के कार्य में तेजी के दिए निर्देश
सचिव पवन दीवान ने हरियाणा में एसआईआर करीब 24 साल बाद होने जा रहा है जिसकी तिथि की जल्द घोषणा होगी। इससे पहले 2002 में एसआईआर किया गया था। इस अवधि के दौरान बहुत से मतदाता शिक्षा, व्यवसाय या अन्य कारणों में दूसरे शहरों या कस्बों में चले गए हैं। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण किया जाना है। उद्देश्य स्पष्ट है कि योग्य मतदाता छूटे नहीं और अयोग्य का नाम सूची में रहे नहीं। दूसरे चरण मे 12 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को मेपिंग कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कहा।
बीएलओ के टेलीफोन नंबर होंगे सार्वजनिक, बनेंगे हेल्पडेस्क
सचिव संतोष दुबे ने बताया कि अधिकारी बीएलओ को छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें क्योंकि धरातल पर अधिकतर कार्य उन्हीं द्वारा किया जाना है। मैपिंग के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए भी जानकारी दी। शहरी क्षेत्र में मैपिंग के लिए प्रचार जरूरी है। आरडब्ल्यूए के साथ बैठकें आयोजित की जाएं, राजनैतिक पार्टियों के साथ बैठक कर उन्हें बीएलए की नियुक्ति के लिए कहा जाए और बीएलओ का टेलीफोन नंबर सार्वजनिक किया जाए और हेल्पडेस्क भी स्थापित हो।
ऑनलाइन सुविधा : तो बीएलओ घर जाकर करेगा सत्यापन
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मौजूदा निर्वाचकों को पहले से भरे हुए गणना फार्म को डाउनलोड करने व् भरे हुऐ फार्मों और दस्तावेजों को ऑनलाइन मोड के माध्यम से अपलोड करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यदि किसी निर्वाचक ने दस्तावेजों सहित कोई फार्म ऑनलाइन अपलोड किया है तो बीएलओ निर्वाचक के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
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करनाल। एसआईआर का कार्य कुछ समय बाद शुरू होने वाला है इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गणना के दौरान जब बीएलओ घर-घर जाएंगे तो आयोग की ओर जारी फार्म भरवाया जाएगा। ताकि फैमिली ग्रुपिंग हो सके। इस दौरान यदि कोई घर बंद मिला तो उसके दरवाजे के नीचे से फार्म अंदर डाल दिया जाएगा। इसके बाद बीएलओ को भरे हुए फार्म को लाने के लिए अलग-अलग समय में कम से कम तीन चक्कर लगाने होंगे। यह निर्देश सोमवार को जारी किए गए।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से डॉ. मंगलसेन सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव अधिकारियों का मंडल स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें करनाल, पानीपत व कैथल के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के अलावा अन्य जिलों के निर्वाचन तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त सीईओ राजकुमार पहुंचे। प्रशिक्षण भारत निर्वाचन आयोग से आए सचिव पवन दीवान व संतोष दुबे ने दिया।
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संयुक्त सीईओ राजकुमार ने पीपीटी के माध्यम से अधिकारियों का प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि एसआईआर के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांगों आदि को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया जाए। जांच व उचित अवसर दिए बिना किसी मतदाता का नाम सूची से न हटाएं। खंडों के युक्तिकरण, पुन:क्रमांकन और गठन के साथ-साथ फैमिली ग्रुपिंग की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि एक परिवार के सदस्यों के वोट एक ही बूथ पर रहने चाहिए। एक भवन में रहने वाले मतदाताओं को एक ही भाग में नामांकित किया जाए। साथ ही राजनीतिक दलों के साथ सहभागिता और निर्वाचक नामावलियां साझा करने को कहा। इसके अलावा ईआरओ/एईआरओ द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम प्रदीप कुमार ने की। निर्वाचण तहसीलदार सुदेश राणा और हरियाणा अतिरिक्त सीईओ रितु मौजूद रहे। ब्यूरो
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मैपिंग के कार्य में तेजी के दिए निर्देश
सचिव पवन दीवान ने हरियाणा में एसआईआर करीब 24 साल बाद होने जा रहा है जिसकी तिथि की जल्द घोषणा होगी। इससे पहले 2002 में एसआईआर किया गया था। इस अवधि के दौरान बहुत से मतदाता शिक्षा, व्यवसाय या अन्य कारणों में दूसरे शहरों या कस्बों में चले गए हैं। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण किया जाना है। उद्देश्य स्पष्ट है कि योग्य मतदाता छूटे नहीं और अयोग्य का नाम सूची में रहे नहीं। दूसरे चरण मे 12 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को मेपिंग कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कहा।
बीएलओ के टेलीफोन नंबर होंगे सार्वजनिक, बनेंगे हेल्पडेस्क
सचिव संतोष दुबे ने बताया कि अधिकारी बीएलओ को छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें क्योंकि धरातल पर अधिकतर कार्य उन्हीं द्वारा किया जाना है। मैपिंग के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए भी जानकारी दी। शहरी क्षेत्र में मैपिंग के लिए प्रचार जरूरी है। आरडब्ल्यूए के साथ बैठकें आयोजित की जाएं, राजनैतिक पार्टियों के साथ बैठक कर उन्हें बीएलए की नियुक्ति के लिए कहा जाए और बीएलओ का टेलीफोन नंबर सार्वजनिक किया जाए और हेल्पडेस्क भी स्थापित हो।
ऑनलाइन सुविधा : तो बीएलओ घर जाकर करेगा सत्यापन
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मौजूदा निर्वाचकों को पहले से भरे हुए गणना फार्म को डाउनलोड करने व् भरे हुऐ फार्मों और दस्तावेजों को ऑनलाइन मोड के माध्यम से अपलोड करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यदि किसी निर्वाचक ने दस्तावेजों सहित कोई फार्म ऑनलाइन अपलोड किया है तो बीएलओ निर्वाचक के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।

डा. मंगलसेन सभागार में आयोजित बैठक में उपस्थित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक पंजीकर