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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   If not, will rightfully flee village

हक नहीं मिला तो करेंगे गांव से पलायन

Fri, 25 Dec 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Fri, 25 Dec 2015 12:27 AM IST
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चकबंदी पीड़ित पांच गांव के किसानों ने बृहस्पतिवार को परिवार सहित सीएम सिटी में हुंकार भरी। संडे सेल ग्राउंड में धरना देकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन करते हुए गए और इस दौरान रास्ते में जाम की स्थिति बनी रही। किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नाम डीसी डॉ. जे. गणेशन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि एक महीने तक हमें हमारी जमीन नहीं मिली तो हम परिवार सहित गांव से पलायन कर जाएंगे। सैकड़ों किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध बढ़ने पर पुलिस बल भी तैनात रहा।

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चकबंदी पीड़ित गांव कालरम, अराईपुरा, भरतपुर, लालुपुरा, अमृतपुर कलां के किसान राजपाल राणा, प्रदीप कालरम, नरेंद्र, महिपाल, अकल सिंह राणा, नकली, सुनील, जेपी शेखपुरा, रामकुमार, हवा सिंह, रामनिवास सैनी, विजय शर्मा, वीरेंद्र, अंकित ने सरकार से मांग की कि 16 हजार 660 बीघे गांव कैरवाली रकबे की चकबंदी में हुई धांधली की दोबारा जांच करवाई जाए। इसके लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय कमेटी चंडीगढ़ से गठित कर किसी ईमानदार अशोक खेमका जैसे अधिकारी से जांच करवाई जाए।
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पूर्व सरकार ने भी 2013 में इसकी जांच के आदेश दिए थे और जांच कमिश्नर रोहतक चंद्र प्रकाश को सौंपा गया था। इसकी रिपोर्ट में कटिंग और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। किसानों ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का ढिंढोरा पीट रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के सभी घोटालों की जांच कराई जाए। चकबंदी मामले में गड़बड़ी भी पूर्व सरकार की देन है। यह गड़बड़ी 3234 एकड़ में की गई है। मुख्यमंत्री ने खुले दरबार में चकबंदी मामले की जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
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एक महीने का दिया अल्टीमेटम
चकबंदी मामले की कमेटी के संयोजक प्रदीप कालरम ने कहा कि यदि सरकार ने एक महीने के अंदर पांच गांव के चकबंदी पीड़ित किसानों की मांग को पूरा नहीं किया तो किसान हजारों की संख्या में अपने पूरे परिवार समेत गांव से पलायन करेंगे। सीएम निवास के सामने चंडीगढ़ में डेरा डाला जाएगा। किसान नहीं चाहते कि हम अपने घर और गांव को छोड़ें। हर रोज सड़कों पर धरना प्रदर्शन करें। लेकिन सुनवाई न होने पर किसान ऐसा करने पर मजबूर हैं।

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किसानों की मांगें
1. जमीन की तकशीम बहुत गलत हुई है।
2. गांव कैरवाली रकबे चकबंदी की जांच दोबारा अशोक खेमका जैसे अधिकारी से कराई जाए।
3. किसानों की अपनी ही खरीदी हुई जमीन खाली पड़ी है।
4. किसानों पर झूठे दर्ज किये मुकदमों की जांच करवाई जाए।
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वर्जन
डीसी डॉ. जे गणेशन ने बताया कि किसानों ने विरोध जताया था। जो ज्ञापन उन्होंने दिया है उसे सीएम तक पहुंचा दिया जाएगा। स्थानीय अधिकारियों पर उन्होंने चकबंदी में गड़बड़ी के आरोप लगाए है। पूरे मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।

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