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Karnal News: सेंट्रल जीएसटी के रेडार पर आईलेट्स संस्थान, सर्विस टैक्स में झोल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Sep 2023 02:21 AM IST
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IELTS institute on radar of Central GST, confusion in service tax
अंबाला सिटी। गली कूचों में एक आईलेट्स सेंटर जरूर मिलेगा। इनमें से कई के पास तो पंजीकरण भी नहीं है। अब यह भी सामने आ रहा है कि यह सरकार को टैक्स देने में भी आनाकानी कर रहे हैं। मगर अब कुछ आईलेट्स सेंटर केंद्रीय वस्तु और सेवा कर (सेंट्रल जीएसटी) के रेडार पर आ गए हैं।
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यह वह संस्थान हैं, जिन्होंने टैक्स में झोल किया है। ऐसे संस्थानों की सेंट्रल जीएसटी विभाग ने एक सूची तैयार कर ली है। जल्द ही उनके पास नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। इनमें से कुछ संस्थान तो ऐसे हैं जिन्होंने लंबे समय से टैक्स नहीं दिया गया है। इसके साथ ही विभाग को तीन से चार फर्म संदिग्ध भी मिली हैं। जल्द ही विभाग ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करेगा।
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सर्विस टैक्स का मिला है झोल

आईलेट्स संस्थान लोगों को विदेश भेजने की तैयारी कराते हैं। इसके लिए मोटी रकम लेकर बच्चों के दाखिले किए जाते हैं। इसपर वस्तु एवं सेवा कर में सर्विस टैक्स लगता है। जोकि 18 प्रतिशत तक है। ऐसे में कुछ संस्थान विभाग को ऐसे मिले हैं जो सर्विस टैक्स देने में लापरवाही कर रहे हैं। यह वह संस्थान हैं, जिनका शहर में बड़ा नाम है। अभी हालांकि विभाग द्वारा इन संस्थानों के नाम नहीं खोले हैं कि यह कौन से हैं। मगर कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।
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अभी तक आईलेट्स संस्थानों पर नहीं हुई है कार्रवाई

अभी तक जीएसटी में विभिन्न उत्पादों व सेवाओं को लेकर संस्थानों पर कार्रवई की जा चुकी हैं। मगर शिक्षण संस्थानों या आईलेट्स संस्थानों पर इस प्रकार से सेवा कर का यह पहला ही मामला होगा। क्योंकि अंबाला में आईलेट्स संस्थानों की भरमार है तो विभाग यही जांच करने में जुटा हुआ है कि किस संस्थान का कितना सेवा कर में योगदान है। हालांकि अभी विभाग से जुड़े अधिकारी अधिक जानकारी नहीं साझा कर रहे हैं क्योंकि मामला शुरुआती चरण में चल रहा है। नोटिस देने और उसका जवाब आने के बाद टैक्स रिकवरी और जुर्माने तक की कार्रवाई का नियमानुसार प्रावधान है। ऐसे में आने वाले समय में आईलेट्स संस्थानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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