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मेडिकल कालेज में इमरजेंसी वार्ड को बताया आईसीयू, अब कैंटीन की जगह होंगे सैंपल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 02:30 AM IST
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icu made emergency ward in medical college
कल्पना चावला मेडिकल कालेज में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण प्रबंधन ने इमरजेंसी के साथ लगते स्थान पर कोरोना के सैंपल लेने बंद कर दिये हैं। साथ ही इमरजेंसी को आईसीयू में तब्दील कर दिया है। कोरोना मरीजों के लिए 12 वेंटीलेटर चालू कर दिये हैं। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ेगी 12 और बेड वेंटीलेंटर चालू कर दिये जाएंगे। इसके अलावा, नोन काोविड के मरीजों के लिए दूसरी मंजिल पर 30 अलग से बेड लगाए गए हैं। यहां उन मरीजों को दाखिल किया जाएगा जो कोरोना के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होंगे।
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इसके अलावा 50 बेड के चार अलग से आईसीयू हैं। पिछले माह ही सरकार द्वारा कल्पना चावला मेडिकल कालेज को कोविड अस्पताल घोषित किया गया है। इसके बाद जिलेभर के गंभीर और अन्य मरीजों को यहीं दाखिल किया जा रहा है। इस समय मेडिकल कालेज में कोरोना के करीब 50 मरीज दाखिल हैं जबकि 50 के करीब कोरोना के संदिग्ध मरीज हैं।
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बढ़ते गंभीर मरीजों को देखते लिया फैसला : डा. डागर (201)
कोविड-19 के इंचार्ज डा. अभिनव डागर का कहना है कि कुछ दिनों से इमरजेंसी में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही थी। क्योंकि इमरजेंसी के साथ ही लगने वाले आईसोलेशन वार्ड में कोरोना के सैंपल लेेने का कार्य चलता था। इससे अन्य मरीजों में कोरोना संक्रमण का खतरा रहता था। इमरजेंसी से कुछ दूर आगे कैंटीन की जगह खाली थी। फिलहाल उसे कोरोना टेस्ट के लिए चिह्ति किया है। अब यहीं पर कोरोना के मरीजों के सैंपल लिये जा रहे हैं। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी, यहां पर 24 बेड चालू कर दिये जाएंगे।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों का कराया जाए कोरोना टेस्ट
जिस प्रकार से जिले में लगातार कोरोना सैंपलों की संख्या घट रही है। उसमें विभाग मोबाइल वैन चलाने के साथ-साथ सभी सीएचसी स्तर पर सैंपल लेने की तैयारी कर रहा है। इधर, कुछ सीनियर सिटीजन ने सलाह दी है कि सिविल अस्पताल और मेडिकल कालेज की ओपीडी में रोजाना दो हजार से ज्यादा लोग आते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि मरीजों का पहले कोरोना का सैंपल लिया जाए ताकि कोरोना की चैन को तोड़ा जा सके। समाजसेवी देवेंद्र सचदेवा और एडवोकेट कर्ण राणा ने कहा कि अब सैंपलों की संख्या बढ़ाने का समय है। इसके लिए जरूरी है कि जो लोग अस्पताल आ रहे हैं, पहले उनके सैंपल लिये जाए। पहले सरकारी और फिर बाद में एक एक करके निजी अस्पतालों के स्टाफ और मरीजों का चेकअप किया जाए।
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