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बीस साल बाद भी हुडा सेक्टर स्वास्थ्य सेवाओं से महरूम

Sun, 22 Dec 2013 11:19 PM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Sun, 22 Dec 2013 11:19 PM IST
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कैथल में सेक्टर 19 और 20 में बीस साल बाद तक भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। ऐसा नहीं है कि यहां अस्पताल के लिए जगह नहीं है, जगह होने के बावजूद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर में स्थित अस्पतालों में जाना पड़ता है। जिस कारण लोग काफी परेशान है। आपातकालीन स्थिति में ज्यादा परेशानी आ रही है। लोगों की मांग है कि यहां शीघ्र अस्पताल बनवाए जाएं। वहीं पार्षद ने तो यहां पीएचसी बनवाए जाने की मांग की है।
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सेक्टर 19 और 20 में नहीं है अस्पताल
शहर में दो सेक्टर अभी पूरी तरह से विकसित हुए हैं। जिसमें करीब 1540 प्लाट अलॉट हो चुके हैं और अधिकतर में लोगों ने अपनी रिहायश भी बना ली है। इसी प्रकार से दोनों सेक्टरों में करीब 207 कमर्शियल साइटों को भी अलॉट किया जा चुका है। बीस साल से भी अधिक समय हो चुका है दोनों सेक्टरों को आबाद हुए, लेकिन अभी तक यहां कोई स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं हो पाई।
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अस्पताल के लिए सात साइटें
दोनों ही सेक्टरों में क्लीनिक और नर्सिंग होम के लिए सात साइटें हैं। इसमें सेक्टर 19 में क्लीनिक एवं नर्सिंग होम के लिए 5 साइटें हैं। पांचों ही साइटें निजी रूप से अलॉट की जा चुकी हैं, लेकिन एक भी क्लीनिक या नर्सिंग होम नहीं बन पाया है। यही स्थिति सेक्टर 20 की है। जहां 2 साइटें हैं क्लीनिक एवं नर्सिंग होम के लिए, लेकिन अभी तक इन्हें अलॉट भी नहीं किया जा सका है।
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सेक्टर में पीएचसी बनाई : नैन
सेक्टर 19 में पार्षद दरबारा सिंह नैन ने कहा कि जिन निजी लोगों को अस्पतालों के लिए साइटें अलॉट की गई है। या तो उन पर तुरंत नर्सिंग होम बनाकर लोगों को सेवाएं दी जाएं, अन्यथा हुडा इनकी अलॉटमेंट रद्द करें। उन्होंने कहा कि सरकार यहां पीएचसी बनाए। ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े। उनके पास हुडा वासियों की मांग आती है कि यहां अस्पताल अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कई बार मांग की है कि सेक्टरों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। कई बार आपातकालीन स्थिति में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कत आती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस ओर ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों से मिलकर मांग उठाएंगे
हुडा सेक्टर 19 वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश सिरोही ने कहा कि दोनों ही सेक्टरों में स्वास्थ्य सेवाएं होनी चाहिए। वे शीघ्र ही अधिकारियों से मिलकर इस मांग को उठाएंगे। यह हुडा वासियों की काफी बड़ी समस्या है।

लोगों की मांग पर बन सकती है डिस्पेंसरी
इस संबंध में हुडा के कार्यकारी अभियंता का कहना है कि यदि लोगों की मांग आती है तो यहां सरकारी अस्पताल भी खुल सकता है। सेक्टर 18 में 100 बेड का अस्पताल बन जाने के बाद यहां डिस्पेंसरी नहीं बनाई गई है। लेकिन यदि लोगों की मांग है तो वे एस्टेट ऑफिस में अपनी समस्या रख सकते हैं। जो स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल करते हुए मांग के आधार पर सरकारी अस्पताल भी बनवा सकते हैं। निजी साइटों पर अस्पताल बनवाए जाने का कार्य एस्टेट ऑफिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।


जारी किए जा रहे हैं नोटिस
एसडीएम एवं एस्टेट ऑफिसर नरहरि सिंह बांगड़ का कहना है कि अलॉटमेंट के बावजूद निर्माण कार्य न होने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नई पॉलिसी में तय समय बाद भी निर्माण न किए जाने पर जुर्माना राशि भरने के बाद छूट मिल रही है। फिर भी विभाग की ओर से निर्माण न करने वालों को नोटिस जारी कर निर्माण के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
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